{"_id":"595548fb4f1c1b5b6f8b47db","slug":"191498761467-bilaspur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना कार्रवाई के लौटी अवैध कब्जा हटाने गई राजस्व विभाग की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना कार्रवाई के लौटी अवैध कब्जा हटाने गई राजस्व विभाग की टीम
Updated Fri, 30 Jun 2017 12:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा(बिलासपुर)।
ग्राम पंचायत सुईं सुराहड़ के गांव सुईं में सरकारी संपत्ति पर कब्जा हटाने गई राजस्व विभाग की टीम बिना कार्रवाई के ही वापस लौट गई। विभाग की टीम तहसीलदार की अगुवाई में गई थी। इससे ग्रामीणों में विभाग की कार्रवाई को लेेकर खासा रोष है। इस मामले को लेकर सुईं गांव के ग्रामीण वीरवार को जिला उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर से मिले। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन देकर समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। इससे पूर्व भी ग्रामीण उपायुक्त और बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति अध्यक्ष रामलाल ठाकुर को इस बारे में अवगत करवा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही शख्स ने कई वर्षों से गांव की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है। इस कारण गांव का विकास रुका हुआ है। अवैध कब्जे के कारण गांव के लिए सड़क निर्माण भी नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध कब्जे को हटाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय ने प्रशासन को आदेश जारी किए हैं। इसके तहत चार जुलाई हटाने को कहा है। मगर 28 जून को तहसीलदार सदर, पुलिस दल सहित कब्जा हटाने मौके पर पहुंचे। मगर तहसीलदार बिना कब्जा हटाए ही वापस लौट गए। इसके चलते वह कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हो रही है। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने 28 जून को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस ग्रामीण की बजाए याचिकाकर्ता रोशन लाल को भेजा। इसके कारण प्रशासनिक अधिकारी संदेह के घेरे में है। लोगों में प्रशासन के खिलाफ भी काफी रोष है। उन्होंने उपायुक्त से गुहार लगाई कि गांव में किए अवैध निर्माण को बिना समय की देरी किए हुए फौरन हटाया जाए। दौलतराम, हेमराज, प्रेमलाल, जयदेई, शीला देवी, अनारकली, कमला, कांता देवी, विद्या देवी, सीता देवी, गीता और मीरा सहित अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे। इस बारे में सदर तहसीलदार जीतराम भारद्वाज से बात करनी चाही, मगर वह फोन पर उपलब्ध नहीं थे।
विज्ञापन
बरमाणा(बिलासपुर)।
ग्राम पंचायत सुईं सुराहड़ के गांव सुईं में सरकारी संपत्ति पर कब्जा हटाने गई राजस्व विभाग की टीम बिना कार्रवाई के ही वापस लौट गई। विभाग की टीम तहसीलदार की अगुवाई में गई थी। इससे ग्रामीणों में विभाग की कार्रवाई को लेेकर खासा रोष है। इस मामले को लेकर सुईं गांव के ग्रामीण वीरवार को जिला उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर से मिले। इस दौरान ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन देकर समस्याओं के बारे में अवगत करवाया। इससे पूर्व भी ग्रामीण उपायुक्त और बीस सूत्रीय क्रियान्वयन समिति अध्यक्ष रामलाल ठाकुर को इस बारे में अवगत करवा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के ही शख्स ने कई वर्षों से गांव की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा किया है। इस कारण गांव का विकास रुका हुआ है। अवैध कब्जे के कारण गांव के लिए सड़क निर्माण भी नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध कब्जे को हटाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय ने प्रशासन को आदेश जारी किए हैं। इसके तहत चार जुलाई हटाने को कहा है। मगर 28 जून को तहसीलदार सदर, पुलिस दल सहित कब्जा हटाने मौके पर पहुंचे। मगर तहसीलदार बिना कब्जा हटाए ही वापस लौट गए। इसके चलते वह कोर्ट के आदेशों की अवहेलना हो रही है। उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद भी कब्जा नहीं छोड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने 28 जून को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस ग्रामीण की बजाए याचिकाकर्ता रोशन लाल को भेजा। इसके कारण प्रशासनिक अधिकारी संदेह के घेरे में है। लोगों में प्रशासन के खिलाफ भी काफी रोष है। उन्होंने उपायुक्त से गुहार लगाई कि गांव में किए अवैध निर्माण को बिना समय की देरी किए हुए फौरन हटाया जाए। दौलतराम, हेमराज, प्रेमलाल, जयदेई, शीला देवी, अनारकली, कमला, कांता देवी, विद्या देवी, सीता देवी, गीता और मीरा सहित अन्य कई ग्रामीण उपस्थित थे। इस बारे में सदर तहसीलदार जीतराम भारद्वाज से बात करनी चाही, मगर वह फोन पर उपलब्ध नहीं थे।