फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   किस की निगरानी में काटे गए पेड़ 10 दिन में दें रिकार्ड

किस की निगरानी में काटे गए पेड़ 10 दिन में दें रिकार्ड

Mon, 18 Feb 2019 10:58 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Feb 2019 10:58 PM IST
विज्ञापन
किस की निगरानी में काटे गए पेड़ 10 दिन में दें रिकार्ड

विज्ञापन
किस की निगरानी में काटे गए पेड़ 10 दिन में दें रिकार्ड
अरण्यपाल ने इस संबंध में डीएफओ से मांगी रिपोर्ट
समिति का दावा अलाइनमेंट से हट कर काटे गए थे पेड़
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान काटे गए करीब 12 हजार पेड़ किस नियम और किस अधिकारी की देखरेख में काटे गए हैं इस संबंध में अरण्यपाल ने पूरी रिपोर्ट मांगी है। इस बारे में डीएफओ को दस दिन के अंदर उन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम बताने को कहा गया है जिनकी निगरानी में कटान हुआ है।
उल्लेखनीय है कि कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण में पेड़ कटान का वन विभाग के पास कोई जानकारी नहीं थी। सूचना के अधिकार में पूछे गए सवाल पर वन विभाग की ओर से डीएफओ सरोज भाई पटेल ने कहा था कि इस संबंध में उनके कार्यालय में कोई सूचना नहीं है।
विज्ञापन

फोरलेन समिति ने पूछा था कि वन विभाग ने वन भूमि के अलावा निजी भूमि, सरकारी भूमि में जो पेड़ काटे गए जो वन निगम को दोहन के लिए सौंपे गए थे, उन पेड़ों के कटान के कार्य के दौरान वन विभाग के किस-किस स्तर के किन अधिकारियों द्वारा मौका निरीक्षण किया जाना था। उन अधिकारियों ने पेड़ों के इस कटान के दौरान किस-किस क्षेत्र का लॉट का में कब-कब निरीक्षण किया जिसकी पूरी जानकारी मांगी गई थी लेकिन वन विभाग ने इस संबंध में अपनी पत्र संख्या नंबर/आरटीआई/ 9863 दिनांक 7.01.2019 को बताया कि जो सूचना मांगी गई है वह इस कार्यालय में मौजूद नहीं है। इसके बाद फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने अरण्यपाल को शिकायत दी थी। इस पर अरण्यपाल बिलासपुर आरएस पटियाल ने डीएफओ से रिपोर्ट मांगी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट...
पेड़ नियमों को ताक पर रखकर काटे गए
समिति के उपप्रधान राकेश कुमार, चिंता देवी, सीता राम, जगदीश, सुभाष चंद, कोषाध्यक्ष श्रवण कुमार, मुख्य सलाहकार लेखराम और महासचिव मदन लाल शर्मा का कहना है कि पेड़ नियमों को ताक पर रख काटे गए हैं क्योंकि सेंटर लाइन और भू-अधिग्रहण प्लान से हट कर पेड़ काटे गए हैं। इससे वन विभाग को करोड़ों का नुकसान हुआ है। जबकि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा है। समिति का दावा है कि निर्माण के दौरान करीब 26 हजार पेड़ चिह्नित किए गए थे और कटने 12 हजार थे।

इनसेट...
निरीक्षण के बाद पेड़ कटान होना था
वन विभाग के अरण्यपाल कार्यालय से मिली सूचना में जबकि साफ किया गया है कि पेड़ कटान का 25 फीसदी निरीक्षण रेंज अधिकारी करेंगे। एसीएफ 15 फीसदी, डीएफओ 10 फीसदी और अरण्यपाल 2 फीसदी मौका निरीक्षण करेंगे। इनके निरीक्षण के बाद पेड़ कटान होना था लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
-----------------------------
....जारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed