फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   अब

अब

Sat, 19 Jan 2019 10:54 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jan 2019 10:54 PM IST
विज्ञापन
अब

विज्ञापन
अब आठ की जगह छह रुपये लगेगा बोटों में किराया
गोबिंद सागर में चलने वाली बोटों में विद्यार्थियों का नहीं लगेगा किराया
हर साल दस प्रतिशत के हिसाब से किराया और भाड़ा में की जाएगी वृद्धि
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। नाला-का-नौण पर ऋषिकेश और क्यार-खनसेर से बैहना जट्टा क्रॉसिंग घाटों के लिए बोट में आठ रुपये की जगह अब छह रुपये किराया देना होगा। प्रशासन ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अलावा रविवार और अन्य छुट्टियों को छोड़ कर किसी भी दिन बोट में विद्यार्थियों का किराया नहीं लगेगा। वहीं यह भी निर्णय लिया गया है कि हर साल अब दस प्रतिशत के हिसाब से किराये और मालभाड़े में वृद्धि की जाएगी।
गौरतलब है कि नौ नवंबर 2018 को गोबिंद सागर झील में चलने वाले बोटों के किराये में बढ़ोतरी की गई थी जिसका लोगों ने विरोध किया था। लोगों की आपत्तियों व सुझावों पर विचार करने के लिए, ग्राम पंचायत बेहना-जट्टा, डमली के प्रतिनिधि, गोबिंद सागर परिवहन समिति बिलासपुर के सदस्यों और अन्य लोगों की बैठक 7 जनवरी 2019 को बुलाई गई थी और विस्तृत चर्चा के पश्चात उपरोक्त और किराया व भाड़ा दरों में निर्धारित घाटों से आवागमन के लिए 8 रुपये से घटाकर 6 रुपये करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा यह भी निर्णय लिया है कि सार्वजनिक हित के अनुसार और महंगाई, ईंधन की कीमतों जैसे तथ्य को ध्यान में रखते हुए वर्ष-दर-वर्ष 10 प्रतिशत तक किराया व भाड़ा में वृद्धि की जाएगी। विद्यार्थियों को रविवार और अन्य अवकाश के दिन को छोड़कर आवागमन की नि:शुल्क सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन

उपायुक्त विवेक भाटिया ने बताया कि नाला का नौण पर ऋषिकेश और क्यार-खनसेर से बेहना जट्टा क्रॉसिंग घाटों पर प्रस्तावित वृद्धि के बारे में आम जनता से आपत्तियां व सुझाव प्राप्त हुए थे। इसके बाद निर्णय लिया गया कि किराया आठ रुपये से घटाकर 6 रुपये किया गया है। विद्यार्थियों को नि:शुल्क सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट...
रोजाना सफर करते हैं हजारों लोग
इन घाटों से रोजाना हजारों लोग एक ओर से दूसरी तरफ जाते हैं। इनमें कॉलेज व अन्य शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों सहित सरकारी कर्मचारी, जिला अस्पताल आने वाले लोग व बाजार आने वाले लोग शामिल होते हैं। ऐसे में लोगों का प्रशासन द्वारा किराया बढ़ाया जाने का खासा विरोध था। इसको लेकर प्रशासन ने किराये की दरों में कमी की है। हर आधे घंटे बाद हर एक घाट से बोट दूसरी तरफ आती जाती रहती है।
-----------------------
...खेमराज शर्मा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed