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तीन दिन में देनी होगी अधिकृत की गई जमीन की जानकारी
Updated Wed, 25 Jul 2018 08:48 PM IST
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तीन दिन में देनी होगी अधिकृत की गई जमीन की जानकारी
कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन: तहसीलदारों को भी देनी होगी निशानदेही की पूरी रिपोर्ट
डीआरओ बिलासपुर ने इस संबंध में जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान कितनी जमीन अधिग्रहण की गई इसकी जानकारी एनएचएआई को तीन दिन के अंदर देनी होगी। वहीं संबंधित तहसीलदारों को भी निशानदेही की पूरी रिपोर्ट तीन दिन के अंदर देने को कहा गया है। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा लाभ सैकड़ों विस्थापितों और प्रभावितों को मिलेगा क्योंकि इससे साफ हो जाएगा की किसकी कितनी जमीन सड़क निर्माण के लिए नियमानुसार ली गई है और किसकी जमीन बिना किसी मुआवजे के कब्जे में ले रखी है। इस संबंध में एनएचआई को 25 जुलाई को डीआरओ बिलासपुर देवी राम के कार्यालय से पत्र संख्या बीएलएस-एसके-12(420)/2016 33025-34 के तहत कड़े आदेश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि कीरतपुर से नेरचौक तक बनने वाले फोरलेन निर्माण में कीरतपुर से नेरचौक तक करीब 6323 परिवार प्रभावित हैं। इसको लेकर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति लंबे समय से अपने हकों की लड़ाई लड़ रही है। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने आरोप लगाया है कि बिना अर्जियां लगाए भू-मालिकों की शेष बची जमीन को बाकी मांदा दर्शा कर जबरन कब्जा किया गया है। इसको लेकर 283 पत्रों का ज्ञापन उपायुक्त बिलासपुर को 2016 में दिया था। इस पर तत्कालीन डीसी ने संज्ञान लेते हुए एक महीने के अंदर एनएचएआई के तहसीलदार को संबंधित तहसीलों के उपमंडल अधिकारियों से नियमानुसार अनुमति लेकर उचित कार्रवाई करने को लिखा था लेकिन करीब 18 महीने बीत जाने पर भी कार्रवाई नहीं की। इस पर अब डीआरओ बिलासपुर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पहले सात दिन और अब तीन दिन में पूरी रिपोर्ट देने को एनएचआई को कहा है। इसके अलावा संबंधित तहसीलदारों को भी लोगों द्वारा निशानदेही के लिए आवेदन करने के बाद भी निशानदेही न करवाने के लिए कारण बताने के आदेश दिए हैं।
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कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन: तहसीलदारों को भी देनी होगी निशानदेही की पूरी रिपोर्ट
डीआरओ बिलासपुर ने इस संबंध में जारी किए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन निर्माण के दौरान कितनी जमीन अधिग्रहण की गई इसकी जानकारी एनएचएआई को तीन दिन के अंदर देनी होगी। वहीं संबंधित तहसीलदारों को भी निशानदेही की पूरी रिपोर्ट तीन दिन के अंदर देने को कहा गया है। अगर ऐसा होता है तो इसका सीधा लाभ सैकड़ों विस्थापितों और प्रभावितों को मिलेगा क्योंकि इससे साफ हो जाएगा की किसकी कितनी जमीन सड़क निर्माण के लिए नियमानुसार ली गई है और किसकी जमीन बिना किसी मुआवजे के कब्जे में ले रखी है। इस संबंध में एनएचआई को 25 जुलाई को डीआरओ बिलासपुर देवी राम के कार्यालय से पत्र संख्या बीएलएस-एसके-12(420)/2016 33025-34 के तहत कड़े आदेश जारी किए हैं।
उल्लेखनीय है कि कीरतपुर से नेरचौक तक बनने वाले फोरलेन निर्माण में कीरतपुर से नेरचौक तक करीब 6323 परिवार प्रभावित हैं। इसको लेकर फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति लंबे समय से अपने हकों की लड़ाई लड़ रही है। समिति के महासचिव मदन लाल शर्मा ने आरोप लगाया है कि बिना अर्जियां लगाए भू-मालिकों की शेष बची जमीन को बाकी मांदा दर्शा कर जबरन कब्जा किया गया है। इसको लेकर 283 पत्रों का ज्ञापन उपायुक्त बिलासपुर को 2016 में दिया था। इस पर तत्कालीन डीसी ने संज्ञान लेते हुए एक महीने के अंदर एनएचएआई के तहसीलदार को संबंधित तहसीलों के उपमंडल अधिकारियों से नियमानुसार अनुमति लेकर उचित कार्रवाई करने को लिखा था लेकिन करीब 18 महीने बीत जाने पर भी कार्रवाई नहीं की। इस पर अब डीआरओ बिलासपुर ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पहले सात दिन और अब तीन दिन में पूरी रिपोर्ट देने को एनएचआई को कहा है। इसके अलावा संबंधित तहसीलदारों को भी लोगों द्वारा निशानदेही के लिए आवेदन करने के बाद भी निशानदेही न करवाने के लिए कारण बताने के आदेश दिए हैं।
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