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नालग गांव के 50 परिवार करेंगे लोस चुनाव का बहिष्कार

Fri, 26 Apr 2019 10:27 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Apr 2019 10:27 PM IST
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नालग गांव के 50 परिवार करेंगे लोस चुनाव का बहिष्कार

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जुखाला(बिलासपुर)। श्रीनयना देवी विस क्षेत्र के नालग गांव के लिए लोगों को 20 साल से सड़क सुविधा नहीं मिल पा रही है। हालांकि लोगों ने इस संबंध में कई बार सरकार और संबंधित विभाग से मांग की है लेकिन लोगों की सुनने वाला कोई नहीं है। अब थक हार कर लोगों ने इस बार लोक सभा चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
नालग गांव के मनोज कुमार, अनिल कुमार, सुनील, अंकुर, गोपालकृष्ण, सोनू कुमार, मनोज कुमार, विकास कुमार, अजय, जयपाल, मनोज, प्रेम लाल इत्यादि ग्रामीणों ने बताया कि हरिजन बस्ती जुखाला, काटलु व नालग गांव के करीब 50 परिवार आज भी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। उनके गांव के लिए आज तक किसी भी दल के नेताओं ने सड़क सुविधा नहीं दी जिसकी वजह से आज भी नालग गांव को न तो एंबुलेंस जा पाती है और न ही रसोई गैस आपूर्ति करने वाली गाड़ी। इस गांव के लोगों को गैस के सिलेंडर भरवाने के लिए गैस के सिलेंडर जुखाला लाने पड़ते हैं।
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बताया कि करीब पंद्रह वर्ष पूर्व जब रणधीर शर्मा पहली बार विधायक बने थे, उस समय जुखाला से प्राथमिक पाठशाला नालग के लिए जेसीबी लगा कर संपर्क मार्ग बनाया था। इसके बाद तत्कालीन विधायक ने इस संपर्क मार्ग को पक्का करने तथा एक पुली के निर्माण करने की घोषणा की थी लेकिन 15 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक न तो इस सड़क को पक्का किया गया न ही पुली का निर्माण हुआ और न ही कहीं डंगे लगे।
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ग्रामीणों ने बताया कि इस संपर्क मार्ग की लंबाई जुखाला से मात्र दो किमी है जिसे विधायक 15 सालों से नहीं बना पाए। इस सड़क के न बनने से स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षकों को गांव के बच्चों को कॉलेज जाने तथा अन्य लोगों को आने जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार हो जाए तो उसे आज भी जुखाला तक कंधे पर उठा कर लाना पड़ता है या फिर ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता है क्योंकि इस सड़क पर मात्र ट्रैक्टर ही चल सकते हैं, अन्य कोई वाहन नहीं।

इसके अलावा इस सड़क के मध्य फरवाल खड्ड पड़ती है, जब कभी बारिश होती है तो खड्ड में पानी बढ़ जाता है। ऐसे में खड्ड पार नहीं की जा सकती है। बारिश वाले दिन गांव के लोगों का संपर्क टूट जाता है और कहीं आने जाने के लिए खड्ड के पानी के स्तर को उतरने का इंतजार किया जाता है।
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