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सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली किताबों की होगी जांच
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बिलासपुर। सरकारी व निजी स्कूलों में शिक्षा बोर्ड की किताबों से बच्चों को न पढ़ाने वाले स्कूलों पर अब नकेल कसने जा रही है। शिक्षा बोर्ड ने सोमवार से स्कूलों की निरीक्षण का अभियान छेड़ दिया है। निरीक्षण के दौरान अगर किसी भी स्कूल में खामियां पाई जाती हैं तो उसकी रिपोर्ट तैयार कर शिक्षा बोर्ड सरकार को सौंपेगी। ऐसे में इन स्कूलों पर गाज गिरना लगभग तय है।
गौरतलब है कि प्रदेश में जो भी स्कूल, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से मान्यता प्राप्त है उन सभी को बोर्ड द्वारा ही दी गई किताबों से पढ़ाना अनिवार्य है। वह किसी अन्य किताब से बच्चों को नहीं पढ़ा सकते। शिक्षा बोर्ड ने इस सत्र से पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की किताबें पाठ्यक्रम के लिए स्वीकृत की हैं।
वहीं शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों का भी कहना है कि सूबे के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त बेसिक किताबों से ही पढ़ाना अनिवार्य है। नए शिक्षण सत्र के साथ बोर्ड ने स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। वहीं, बोर्ड के निरीक्षण में अगर कोई स्कूल अन्य किताबों से पढ़ाता हुआ पाया गया तो उस स्कूल की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि सोमवार से सूबे के स्कूलों का निरीक्षण शुरू हो गया है। पहली बार प्रदेश में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। पहली से 12वीं तक एनसीईआरटी की ही किताबें लगाई गई हैं। बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों को शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त बेसिक किताबों से ही पढ़ाना होगा।
इनसेट...
फीस और अन्य लिए जाने वाले शुल्क की हो चुकी है जांच
सरकार के सख्त रवैये के बाद शिक्षा विभाग प्रदेश भर में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी से लेकर बच्चों से लिए जाने- वाले अन्य शुल्क की जांच कर चुका है जिसकी रिपोर्ट लगभग तैयार की जा चुकी है। पहले हो चुके निरीक्षण के बाद अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दूसरा शिकंजा कसा है।
गौरतलब है कि प्रदेश में जो भी स्कूल, स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से मान्यता प्राप्त है उन सभी को बोर्ड द्वारा ही दी गई किताबों से पढ़ाना अनिवार्य है। वह किसी अन्य किताब से बच्चों को नहीं पढ़ा सकते। शिक्षा बोर्ड ने इस सत्र से पहली से लेकर 12वीं तक के बच्चों के लिए एनसीईआरटी की किताबें पाठ्यक्रम के लिए स्वीकृत की हैं।
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वहीं शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों का भी कहना है कि सूबे के सभी निजी व सरकारी स्कूलों में बच्चों को शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त बेसिक किताबों से ही पढ़ाना अनिवार्य है। नए शिक्षण सत्र के साथ बोर्ड ने स्कूलों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। वहीं, बोर्ड के निरीक्षण में अगर कोई स्कूल अन्य किताबों से पढ़ाता हुआ पाया गया तो उस स्कूल की रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाएगी।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव डॉ. हरीश गज्जू ने बताया कि सोमवार से सूबे के स्कूलों का निरीक्षण शुरू हो गया है। पहली बार प्रदेश में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाया जा रहा है। पहली से 12वीं तक एनसीईआरटी की ही किताबें लगाई गई हैं। बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों को शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त बेसिक किताबों से ही पढ़ाना होगा।
इनसेट...
फीस और अन्य लिए जाने वाले शुल्क की हो चुकी है जांच
सरकार के सख्त रवैये के बाद शिक्षा विभाग प्रदेश भर में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी से लेकर बच्चों से लिए जाने- वाले अन्य शुल्क की जांच कर चुका है जिसकी रिपोर्ट लगभग तैयार की जा चुकी है। पहले हो चुके निरीक्षण के बाद अब हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दूसरा शिकंजा कसा है।