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चेक बाउंस मामले में तीन माह की कैद और 10 लाख हर्जाना
Updated Mon, 30 Oct 2017 11:30 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
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घुमारवीं (बिलासपुर)। न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर दो घुमारवीं उपासना शर्मा की अदालत ने चेक बाउंस मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने दोषी को 3 माह की जेल और दस लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी ने ऋण अदा करने के लिए बैंक को चेक दिया था। लेकिन, बैंक खाते में पैसा न होने के कारण चेक बाउंस हो गया था। आरोप सिद्ध होने पर कोर्ट ने उक्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने दस लाख रुपये की राशि बैंक को बतौर हर्जाना अदा करने के आदेश दिए हैं।
शिकायतकर्ता हिमाचल ग्रामीण बैंक बरठीं के अधिवक्ता ज्ञान चंद रत्तन और निधि रतन ने बताया कि मदन लाल निवासी री तहसील झंडूता जिला बिलासपुर ने बैंक से मार्च 2010 में 13.98 लाख रुपये का ऋण लिया था।
मदन लाल ने ऋण चुकाने के लिए 6 लाख रुपये का एक चेक 29 जनवरी 2013 को बैंक को दिया। लेकिन, जब बैंक ने यह चेक भुगतान के लिए लगाया तो खाते में पैसे नहीं थे। इस कारण चेक बाउंस हो गया। उन्होंने बताया कि चेक बाउंस होने पर बैंक की ओर से मदन लाल को नोटिस जारी कर राशि के भुगतान को कहा गया। लेकिन, मदन लाल ने नोटिस के बाद भी उक्त राशि का भुगतान नहीं किया। अदालत ने मदन लाल को दोषी करार देते हुए धारा 138 के तहत 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। जबकि दोषी को 10 लाख रुपये की राशि बैंक को बतौर हर्जाना अदा करने के भी आदेश जारी किए हैं।
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शिकायतकर्ता हिमाचल ग्रामीण बैंक बरठीं के अधिवक्ता ज्ञान चंद रत्तन और निधि रतन ने बताया कि मदन लाल निवासी री तहसील झंडूता जिला बिलासपुर ने बैंक से मार्च 2010 में 13.98 लाख रुपये का ऋण लिया था।
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मदन लाल ने ऋण चुकाने के लिए 6 लाख रुपये का एक चेक 29 जनवरी 2013 को बैंक को दिया। लेकिन, जब बैंक ने यह चेक भुगतान के लिए लगाया तो खाते में पैसे नहीं थे। इस कारण चेक बाउंस हो गया। उन्होंने बताया कि चेक बाउंस होने पर बैंक की ओर से मदन लाल को नोटिस जारी कर राशि के भुगतान को कहा गया। लेकिन, मदन लाल ने नोटिस के बाद भी उक्त राशि का भुगतान नहीं किया। अदालत ने मदन लाल को दोषी करार देते हुए धारा 138 के तहत 3 महीने की जेल की सजा सुनाई है। जबकि दोषी को 10 लाख रुपये की राशि बैंक को बतौर हर्जाना अदा करने के भी आदेश जारी किए हैं।
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