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घुमारवीं-कुहमझवाड़ सड़क की खस्ताहाल, लोग परेशान
Updated Tue, 17 Oct 2017 12:06 AM IST
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Road Shimla
- फोटो : demo pic
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अमर उजाला ब्यूरो
घुमारवीं (बिलासपुर)।
घुमारवीं से कुहमझवाड़ जाने वाली सड़क पर इन दिनों सफर करना खतरनाक हो गया है। सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि जगह-जगह पड़े गहरे गड्डे हादसों को न्यौता दे रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि सड़क की मरम्मत का कार्य महज पांच महीने पहले ही किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में सड़क की हालत दयनीय हो चुकी है। रिटायर सूबेदार मेजर ध्यान चंद, सुंदर सिंह, रामपाल, जगदीश चंद्र, हरि राम, गीता देवी, आशीष, संतोष, रामदास, लीला धर, प्यारे चंद, देशराज, सावित्री देवी और तृप्ति देवी सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पांच किलोमीटर लंबी सड़क पर सफर करना मौत को दावत देने के बराबर है। जगह-जगह पड़े गहरे गड्डों में आए दिन दोपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं। जबकि छोटी गाड़ियों के पुर्जे भी टूट रहे हैं। लोगों ने बताया कि इस बारे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया जा चुका है। मगर आज तक कोई कार्यवाई अमल में नहीं लाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के लिए बीडीओ कार्यालय में भी बजट पड़ा हैं। मगर अभी तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई पैसा खर्च नहीं किया गया है। इससे विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसी बीमार शख्स को अस्पताल पहुंचाना हो तो उसे भी कड़ी मशक्कत के बाद पहुंचाया जाता है। सड़क की खस्ताहाल के कारण एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि सड़क की दुर्दशा को सुधारा जाए, ताकि ग्रामीणों को आ रही परेशानियों का हल हो सके।
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घुमारवीं (बिलासपुर)।
घुमारवीं से कुहमझवाड़ जाने वाली सड़क पर इन दिनों सफर करना खतरनाक हो गया है। सड़क की हालत इतनी दयनीय है कि जगह-जगह पड़े गहरे गड्डे हादसों को न्यौता दे रहे हैं। हैरानी इस बात की है कि सड़क की मरम्मत का कार्य महज पांच महीने पहले ही किया गया था। इसके बावजूद वर्तमान में सड़क की हालत दयनीय हो चुकी है। रिटायर सूबेदार मेजर ध्यान चंद, सुंदर सिंह, रामपाल, जगदीश चंद्र, हरि राम, गीता देवी, आशीष, संतोष, रामदास, लीला धर, प्यारे चंद, देशराज, सावित्री देवी और तृप्ति देवी सहित अन्य ग्रामीणों का कहना है कि पांच किलोमीटर लंबी सड़क पर सफर करना मौत को दावत देने के बराबर है। जगह-जगह पड़े गहरे गड्डों में आए दिन दोपहिया वाहन चालक घायल हो रहे हैं। जबकि छोटी गाड़ियों के पुर्जे भी टूट रहे हैं। लोगों ने बताया कि इस बारे में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को भी अवगत करवाया जा चुका है। मगर आज तक कोई कार्यवाई अमल में नहीं लाई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत के लिए बीडीओ कार्यालय में भी बजट पड़ा हैं। मगर अभी तक सड़क की मरम्मत के लिए कोई पैसा खर्च नहीं किया गया है। इससे विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर किसी बीमार शख्स को अस्पताल पहुंचाना हो तो उसे भी कड़ी मशक्कत के बाद पहुंचाया जाता है। सड़क की खस्ताहाल के कारण एंबुलेंस को गांव तक पहुंचने में परेशानी आ रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि सड़क की दुर्दशा को सुधारा जाए, ताकि ग्रामीणों को आ रही परेशानियों का हल हो सके।