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Bilaspur News: मिशन वात्सल्य से 160 बच्चों को मिलेगा आर्थिक सहारा
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51 नए बच्चों को प्रायोजन योजना में शामिल करने की मंजूरी, हर माह चार हजार रुपये मिलेंगे
पहले से 109 बच्चे उठा रहे लाभ, शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतों में खर्च होगी सहायता
कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को परिवार के बीच सुरक्षित रखने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में जरूरतमंद और संरक्षण की आवश्यकता वाले 51 बच्चों को प्रायोजन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी। इन बच्चों को योजना का लाभ देने की मंजूरी मिलने के बाद जिले में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 160 हो जाएगी। प्रत्येक बच्चे को हर माह चार हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में परिवारों को मदद मिलेगी।
जिले में पहले से 109 बच्चे प्रायोजन योजना का लाभ ले रहे हैं। नए स्वीकृत बच्चों में सदर विकास खंड के 18, श्री नयना देवी जी के 15, घुमारवीं के 14 और झंडूता के चार बच्चे शामिल हैं। इन 51 बच्चों को प्रारंभिक रूप से मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। मिशन वात्सल्य के लिए धनराशि उपलब्ध होने के बाद इन्हें इसकी प्रायोजन योजना से जोड़ा जाएगा।
परिवार से अलग किए बिना मिलेगी मदद
योजना का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को परिवार से अलग किए बिना आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना है। इसके दायरे में विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त माता के बच्चे, विस्तारित परिवार के साथ रह रहे अनाथ बच्चे और गंभीर बीमारी से प्रभावित माता-पिता के बच्चे आ सकते हैं। इसके अलावा आर्थिक या शारीरिक कारणों से बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ माता-पिता के बच्चों को भी सहायता दी जा सकती है।
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पंचायत स्तर पर भी जुटाई जाएगी जानकारी
योजना का लाभ लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास की नियमित निगरानी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य आवश्यक सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण उनकी पढ़ाई या स्वास्थ्य प्रभावित न हो। पात्र बच्चों की पहचान और उन्हें सरकारी सहायता से जोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। ग्राम सभाओं के माध्यम से मिशन वात्सल्य और बच्चों के कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
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पहले से 109 बच्चे उठा रहे लाभ, शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतों में खर्च होगी सहायता
कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को परिवार के बीच सुरक्षित रखने पर जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में जरूरतमंद और संरक्षण की आवश्यकता वाले 51 बच्चों को प्रायोजन योजना के तहत आर्थिक सहायता मिलेगी। इन बच्चों को योजना का लाभ देने की मंजूरी मिलने के बाद जिले में लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 160 हो जाएगी। प्रत्येक बच्चे को हर माह चार हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। इससे बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरी जरूरतों को पूरा करने में परिवारों को मदद मिलेगी।
जिले में पहले से 109 बच्चे प्रायोजन योजना का लाभ ले रहे हैं। नए स्वीकृत बच्चों में सदर विकास खंड के 18, श्री नयना देवी जी के 15, घुमारवीं के 14 और झंडूता के चार बच्चे शामिल हैं। इन 51 बच्चों को प्रारंभिक रूप से मुख्यमंत्री सुख शिक्षा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। मिशन वात्सल्य के लिए धनराशि उपलब्ध होने के बाद इन्हें इसकी प्रायोजन योजना से जोड़ा जाएगा।
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परिवार से अलग किए बिना मिलेगी मदद
योजना का उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में रह रहे बच्चों को परिवार से अलग किए बिना आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध करवाना है। इसके दायरे में विधवा, तलाकशुदा या परित्यक्त माता के बच्चे, विस्तारित परिवार के साथ रह रहे अनाथ बच्चे और गंभीर बीमारी से प्रभावित माता-पिता के बच्चे आ सकते हैं। इसके अलावा आर्थिक या शारीरिक कारणों से बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ माता-पिता के बच्चों को भी सहायता दी जा सकती है।
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पंचायत स्तर पर भी जुटाई जाएगी जानकारी
योजना का लाभ लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और विकास की नियमित निगरानी की जाएगी। जरूरत पड़ने पर उनके स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य आवश्यक सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि आर्थिक परेशानी के कारण उनकी पढ़ाई या स्वास्थ्य प्रभावित न हो। पात्र बच्चों की पहचान और उन्हें सरकारी सहायता से जोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाई जाएगी। ग्राम सभाओं के माध्यम से मिशन वात्सल्य और बच्चों के कल्याण से जुड़ी अन्य योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाएगी।