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किशोरावस्था में बच्चों का मार्गदर्शन करना जरूरी : चंदेल

Fri, 28 Jun 2019 11:12 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 11:12 PM IST
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किशोरावस्था में बच्चों का मार्गदर्शन करना जरूरी : चंदेल

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घुमारवीं(बिलासपुर)। स्वास्थ्य खंड घुमारवीं के अंतर्गत आने वाली आईटीआई भराड़ी में खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अबनीत शर्मा के आदेशानुसार किशोर स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इस दिवस पर खंड स्वास्थ्य शिक्षक घुमारवीं सुरेश चंदेल ने आईटीआई के बच्चों को किशोरावस्था में आने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं व शारीरिक परिवर्तन के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
चंदेल ने कहा कि किशोरावस्था जीवन की सबसे संवेदनशील अवस्था होती है तथा इस अवस्था में बच्चों को सही मार्गदर्शन की जरूरत होती है क्योंकि इस अवस्था में ही बच्चा बिगड़ता भी है तथा सुधरता भी है। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था में ही बच्चों में शारीरिक और मानसिक बदलाव आते हैं और इस अवस्था में बच्चों को मनोवैज्ञानिक सलाह की जरूरत होती है। इस अवस्था में बहुत से बच्चे गलत संगत में जाकर नशे के आदि हो जाते हैं जो शरीर के लिए घातक है। चंदेल ने बच्चों को अच्छी आदत डालने की सलाह दी ताकि शरीर स्वस्थ रहे। नशे से होने वाले दुष्प्रभावों से किशोरों को बचाया जा सके।
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कहा कि 10 से 19 वर्ष की आयु को किशोरावस्था कहते हैं और इस आयु में ज्यादातर किशोर किशोरियां गलत आदत के शिकार होते हैं जिससे आए दिन समाज में चोरियां, दुर्घटनाएं, बलात्कार, आदि बढ़ रहे हैं। कहा कि आज के युवा कल समाज का हिस्सा बनेंगे और यदि युवा जागरूक होंगे तो एक स्वच्छ समाज का जन्म होगा इसलिए इस अवस्था में किशोरों को जागरूक करने की जरूरत है।
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बताया कि राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत किशोरों को पोषण, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, संचारित बीमारियां, नशीले पदार्थों की रोकथाम, लिंग आधारित हिंसा के बारे में जगह-जगह जागरूक किया जा रहा है।
इस मौके पर आईटीआई के बच्चों की भाषण प्रतियोगिता करवाई गई जिसमें प्रथम स्थान पर पल्लवी ठाकुर, दूसरे स्थान पर ज्योति, तीसरे स्थान पर पूजा रही। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भाषण प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों को नकद इनाम दिए गए। इस दौरान आईटीआई के प्रिंसिपल आतिश वर्मा ने बताया कि किशोरावस्था ऐसी अवस्था है जिसमें बच्चों का भविष्य जुड़ा होता है कि हमने अपना भविष्य कहां ले जाना है।

इस अवसर पर महिला स्वास्थ्य पर्यवेक्षिका कांता ठाकुर, महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता अंजना चौहान, आईटीआई के अध्यापक प्रेम लाल, सुषमा कुमारी तथा आशा कार्यकर्ता बिमला, नीलम कुमारी, सुषमा, नीलम देवी व आईटीआई के बच्चे उपस्थित थे।
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