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बिलासपुर शहर को पर्यटन विकास की दरकार
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बिलासपुर। पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकारी दावों पर संतोष नहीं किया जा सकता। पंजाब बार्डर से सटा बिलासपुर जिला अभी पर्यटकों की पहुंच से दूर है। सैलानी सैर-सपाटे के लिए यहीं से होकर पर्यटन नगरी मनाली को निकलता हैं, लेकिन बिलासपुर में नहीं रुकता। इसका कारण प्रचार-प्रसार का अभाव और विकास की दरकार।
ऐसा नहीं है कि बिलासपुर में पर्यटन की संभावनाएं नहीं है। गोबिंदसागर झील में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देकर पर्यटक आकर्षित किए जा सकते हैं तो बंदलाधार की पैराग्लाइडिंग साइट को विकसित कर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन की भी जिला में अपार संभावनाएं हैं। अनेकों अनछुए स्थल विकसित होने पर बेहतर पर्यटन केंद्र बन सकते हैं। रुकमणि कुंड, श्री मार्कंडेय मंदिर ऐसे स्थल हैं। रुकमणि कुंड को बाकायदा भाषा विभाग द्वारा एक गांव की कहानी के रूप में भी लिया गया है लेकिन यह महज कहानी बनकर रह गई है। गांव को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित नहीं किया जा सका। हालात यह है कि रुकमणि कुंड तक जाने वाली सड़क की हालत खस्ता है। मार्कंडेय मंदिर में भी श्रद्धालु तो उत्सवों के मौके पर पहुंच जाते हैं लेकिन पर्यटकों के लिए यह केंद्र अनछुआ है। वाटर स्पोर्ट्स के नाम पर यहां कभी-कभार प्रतियोगिताएं होती हैं, जबकि पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने में स्थानीय पायलटों की भूमिका सराहनीय है। स्थानीय लोग अकसर यहां पैराग्लाइडिंग करते रहते हैं। नलवाड़ी मेले में भी इसका अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।
- सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के अध्यक्ष केडी लखनपाल का कहना है कि सरकार चाहे जिस मर्जी की हो। बिलासपुर हमेशा अनदेखी का शिकार हुआ है। कोई भी सरकार बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने में अभी तक नाकाम सिद्ध हुई है। जबकि यहां पर पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाएं हैं।
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-अभिषेक टेसू का कहना है कि बिलासपुर पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो सकता है, अगर कोई सरकार इस ओर ध्यान दें। बिलासपुर शहर सहित जिले में कई स्थान ऐसे हैं जो पूरी तरह से पर्यटन की दृष्टि से तैयार हैं बस उनपर सरकार की अंतिम मुहर लगना बाकि है।
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इनसेट...
गोबिंदसागर झील में वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाए बढ़ावा : चंदेल
बिलासपुर की गोबिंदसागर झील में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देकर पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। जिले के वरिष्ठ साहित्यकार कुलदीप चंदेल व अन्य लोगों का कहना है कि गोबिंदसागर में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विदेशों की तर्ज पर आधुनिक बोट आदि चलाई जाएं तो यहां पर्यटन बढ़ सकता है। वहीं, यदि गोबिंदसागर झील में पैदल फुटब्रिज बनाया जाए तो वहीं एक पर्यटन स्पॉट बन सकता है।
इनसेट..
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कर रही प्रयास : विधायक
सदर विधायक सुभाष ठाकुर का कहना है कि सरकार बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। यहां के कुछ स्थलों को चिहिन्त किया गया है और सरकार इन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करेगी।
इनसेट..
पूर्व सरकार ने किया था कृत्रिम झील बनाने का प्रयास : बंबर
सदर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का कहना है कि बिलासपुर के चांदपुर पुल के समीप कृत्रिम झील बनाने का कार्य कांग्रेस सरकार ने किया है। उन्होंने स्वयं इसकी डीपीआर तैयार की थी और जैसे ही सरकार बदली और सदर के नेता द्वारा यह कार्य नहीं करवाया गया, जबकि इस कार्य की डीपीआर भी कांग्रेस कार्यकाल में तैयार की गई थी।
ऐसा नहीं है कि बिलासपुर में पर्यटन की संभावनाएं नहीं है। गोबिंदसागर झील में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देकर पर्यटक आकर्षित किए जा सकते हैं तो बंदलाधार की पैराग्लाइडिंग साइट को विकसित कर पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। इसके अलावा धार्मिक पर्यटन की भी जिला में अपार संभावनाएं हैं। अनेकों अनछुए स्थल विकसित होने पर बेहतर पर्यटन केंद्र बन सकते हैं। रुकमणि कुंड, श्री मार्कंडेय मंदिर ऐसे स्थल हैं। रुकमणि कुंड को बाकायदा भाषा विभाग द्वारा एक गांव की कहानी के रूप में भी लिया गया है लेकिन यह महज कहानी बनकर रह गई है। गांव को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित नहीं किया जा सका। हालात यह है कि रुकमणि कुंड तक जाने वाली सड़क की हालत खस्ता है। मार्कंडेय मंदिर में भी श्रद्धालु तो उत्सवों के मौके पर पहुंच जाते हैं लेकिन पर्यटकों के लिए यह केंद्र अनछुआ है। वाटर स्पोर्ट्स के नाम पर यहां कभी-कभार प्रतियोगिताएं होती हैं, जबकि पैराग्लाइडिंग को बढ़ावा देने में स्थानीय पायलटों की भूमिका सराहनीय है। स्थानीय लोग अकसर यहां पैराग्लाइडिंग करते रहते हैं। नलवाड़ी मेले में भी इसका अद्भुत नजारा देखने को मिलता है।
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- सेवानिवृत्त कर्मचारी कल्याण मंच के अध्यक्ष केडी लखनपाल का कहना है कि सरकार चाहे जिस मर्जी की हो। बिलासपुर हमेशा अनदेखी का शिकार हुआ है। कोई भी सरकार बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने में अभी तक नाकाम सिद्ध हुई है। जबकि यहां पर पर्यटन की दृष्टि से अपार संभावनाएं हैं।
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-अभिषेक टेसू का कहना है कि बिलासपुर पर्यटन की दृष्टि से विकसित हो सकता है, अगर कोई सरकार इस ओर ध्यान दें। बिलासपुर शहर सहित जिले में कई स्थान ऐसे हैं जो पूरी तरह से पर्यटन की दृष्टि से तैयार हैं बस उनपर सरकार की अंतिम मुहर लगना बाकि है।
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गोबिंदसागर झील में वाटर स्पोर्ट्स को दिया जाए बढ़ावा : चंदेल
बिलासपुर की गोबिंदसागर झील में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देकर पर्यटन के रूप में विकसित किया जा सकता है। जिले के वरिष्ठ साहित्यकार कुलदीप चंदेल व अन्य लोगों का कहना है कि गोबिंदसागर में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। विदेशों की तर्ज पर आधुनिक बोट आदि चलाई जाएं तो यहां पर्यटन बढ़ सकता है। वहीं, यदि गोबिंदसागर झील में पैदल फुटब्रिज बनाया जाए तो वहीं एक पर्यटन स्पॉट बन सकता है।
इनसेट..
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार कर रही प्रयास : विधायक
सदर विधायक सुभाष ठाकुर का कहना है कि सरकार बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए भरपूर प्रयास कर रही है। यहां के कुछ स्थलों को चिहिन्त किया गया है और सरकार इन स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करेगी।
इनसेट..
पूर्व सरकार ने किया था कृत्रिम झील बनाने का प्रयास : बंबर
सदर पूर्व विधायक बंबर ठाकुर का कहना है कि बिलासपुर के चांदपुर पुल के समीप कृत्रिम झील बनाने का कार्य कांग्रेस सरकार ने किया है। उन्होंने स्वयं इसकी डीपीआर तैयार की थी और जैसे ही सरकार बदली और सदर के नेता द्वारा यह कार्य नहीं करवाया गया, जबकि इस कार्य की डीपीआर भी कांग्रेस कार्यकाल में तैयार की गई थी।