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अब पनोह में नहीं बनेगी नप की डंपिंग साइट
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अब पनोह में नहीं बनेगी नप की डंपिंग साइट
बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर को जिला में डंपिंग साइट बनाने के लिए कोई स्थान नहीं मिल रहा है। पनोह में चिहिन्त किए गए स्थान पर ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रकट करने पर यह साइट भी बंद कर दी है। ग्रामीणों ने विरोध किया है कि यहां पर डंपिंग साइट बनाने नहीं देंगे। ऐसे में अब नप को शहर व जिला का कूड़ा फेंकने के लिए कोई उचित स्थान नहीं मिल रहा है।
शहर के बामटा में बनी डंपिंग साइट पहले से ही विवादों से घिरी हुई है क्योंकि बामटा पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग साइट की आधी जमीन गांव वालों की है तो आधी जमीन बीबीएमबी की है। ऐसे में बामटा पंचायत द्वारा पिछले साल कुछ दिनों के लिए बामटा डंपिंग साइट पर ताला भी लटका दिया गया था।
इसके बाद नप ने छह माह का समय लिया था और कहा था कि वह छह माह के भीतर डंपिंग साइट बदल लेंगे लेकिन अब पनोह में चिहिन्त की गई साइट में भी यही मसला ग्रामीणों ने उठा दिया है, जिसके चलते नगर परिषद को मजबूरन कूड़ा बामटा की डंपिंग साइट में फेंकना पड़ रहा है।
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बता दें कि पनोह में जिला के चार स्थानों बिलासपुर, घुमारवीं, शाहतलाई और नयना देवी जी का कूड़ा यहां पर फेंका जाना था। इस प्रक्रिया के लिए प्रदूषण बोर्ड बिलासपुर ने स्थान भी चिहिन्त कर लिया है और इस स्थान की दस्तावेजों को तैयार करके शहरी विकास विभाग को सौंप दिया था लेकिन अब यह साइट भी बंद हो गई। विभाग ने कुछ माह पहले ही घुमारवीं में भी डंपिंग साइट चयन की थी लेकिन वहां पर भी स्थान को लेकर विवाद रहा। नगर परिषद के प्लान के मुताबिक पनोह डंपिंग साइट में जिला के चारों निकाय क्षेत्रों से बायोडिग्रेडेबल कूड़ा पनोह में बनाए जाने वाले कलस्टर में पहुंचाया जाना था, जहां इससे खाद आदि तैयार की जानी थी। वहीं, चीड़ की सूखी पत्तियों को एकत्रित करके एसीसी के बरमाणा प्लांट में भेजने की भी योजना है। इससे वनों को आग से बचाने में भी मदद मिलेगी।
इनसेट...
टनों के हिसाब से जिला में निकलता है कूड़ा
प्रदूषण नियंत्रण विभाग बिलासपुर के अधिकारी आरके नड्डा ने बताया कि औसतन 10 टन, घुमारवीं से 3.50 टन तथा श्रीनयना देवी व शाहतलाई से 1.1 टन कूड़ा निकलता है। इस सारे कूड़े को एक ही जगह एकत्रित करने की योजना थी।
इनसेट...
ग्रामीणों के विरोध के चलते डंपिंग साइट बनाना मुश्किल
ग्रामीणों के विरोध के चलते पनोह में डंपिंग साइट बनाना मुश्किल हो गया है। बामटा की डंपिंग साइट में ही कूड़ा फेंका जा रहा है।
...उर्वशी वालिया, नप कार्यकारी अधिकारी
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बिलासपुर। नगर परिषद बिलासपुर को जिला में डंपिंग साइट बनाने के लिए कोई स्थान नहीं मिल रहा है। पनोह में चिहिन्त किए गए स्थान पर ग्रामीणों द्वारा विरोध प्रकट करने पर यह साइट भी बंद कर दी है। ग्रामीणों ने विरोध किया है कि यहां पर डंपिंग साइट बनाने नहीं देंगे। ऐसे में अब नप को शहर व जिला का कूड़ा फेंकने के लिए कोई उचित स्थान नहीं मिल रहा है।
शहर के बामटा में बनी डंपिंग साइट पहले से ही विवादों से घिरी हुई है क्योंकि बामटा पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग साइट की आधी जमीन गांव वालों की है तो आधी जमीन बीबीएमबी की है। ऐसे में बामटा पंचायत द्वारा पिछले साल कुछ दिनों के लिए बामटा डंपिंग साइट पर ताला भी लटका दिया गया था।
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इसके बाद नप ने छह माह का समय लिया था और कहा था कि वह छह माह के भीतर डंपिंग साइट बदल लेंगे लेकिन अब पनोह में चिहिन्त की गई साइट में भी यही मसला ग्रामीणों ने उठा दिया है, जिसके चलते नगर परिषद को मजबूरन कूड़ा बामटा की डंपिंग साइट में फेंकना पड़ रहा है।
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बता दें कि पनोह में जिला के चार स्थानों बिलासपुर, घुमारवीं, शाहतलाई और नयना देवी जी का कूड़ा यहां पर फेंका जाना था। इस प्रक्रिया के लिए प्रदूषण बोर्ड बिलासपुर ने स्थान भी चिहिन्त कर लिया है और इस स्थान की दस्तावेजों को तैयार करके शहरी विकास विभाग को सौंप दिया था लेकिन अब यह साइट भी बंद हो गई। विभाग ने कुछ माह पहले ही घुमारवीं में भी डंपिंग साइट चयन की थी लेकिन वहां पर भी स्थान को लेकर विवाद रहा। नगर परिषद के प्लान के मुताबिक पनोह डंपिंग साइट में जिला के चारों निकाय क्षेत्रों से बायोडिग्रेडेबल कूड़ा पनोह में बनाए जाने वाले कलस्टर में पहुंचाया जाना था, जहां इससे खाद आदि तैयार की जानी थी। वहीं, चीड़ की सूखी पत्तियों को एकत्रित करके एसीसी के बरमाणा प्लांट में भेजने की भी योजना है। इससे वनों को आग से बचाने में भी मदद मिलेगी।
इनसेट...
टनों के हिसाब से जिला में निकलता है कूड़ा
प्रदूषण नियंत्रण विभाग बिलासपुर के अधिकारी आरके नड्डा ने बताया कि औसतन 10 टन, घुमारवीं से 3.50 टन तथा श्रीनयना देवी व शाहतलाई से 1.1 टन कूड़ा निकलता है। इस सारे कूड़े को एक ही जगह एकत्रित करने की योजना थी।
इनसेट...
ग्रामीणों के विरोध के चलते डंपिंग साइट बनाना मुश्किल
ग्रामीणों के विरोध के चलते पनोह में डंपिंग साइट बनाना मुश्किल हो गया है। बामटा की डंपिंग साइट में ही कूड़ा फेंका जा रहा है।
...उर्वशी वालिया, नप कार्यकारी अधिकारी
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