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पर्यटन की दृष्टि से विकसित होंगे प्रदेश के तीन जिले
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। पर्यटन विभाग ‘नई राहें, नई मंजिल’ योजना के तहत प्रदेश के ऐसे जिलों को विकसित करने जा रहा है जहां पर पर्यटकों की संख्या ज्यादा है और उन्हें और बढ़ाया जा सकता है। योजना के तहत इस वर्ष करीब 50 करोड़ रुपये पर्यटन विकास पर खर्च किया जाएगा। पहले चरण के तहत जिलों व वहां पर स्थित पर्यटक स्थलों को भी चिहिन्त कर लिया गया है। जल्द ही पर्यटन विभाग इन्हें विकसित करने का कार्य शुरू कर देगा।
योजना के प्रथम चरण में जंजैहली क्षेत्र में 16 करोड़ 70 लाख रुपये से पर्यटन विकास पर खर्च किए जाएंगे। इसमें ईको-पर्यटन, साहसिक पर्यटन गतिविधियां और ट्रेकिंग को लेकर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा वन विश्राम गृहों का भी सुधार किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त पैराग्लाइडिंग के लिए कांगड़ा जिला के बीड़-बीलिंग को और बेहतर बनाने के लिए 14 करोड़ 62 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जबकि शिमला जिला की चांशल घाटी में साहसिक खेलों विशेषतौर पर स्कीइंग की संभावनाएं विकसित करने के लिए पैसा खर्च किया जाएगा। गतिविधियों के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
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पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग मंडी व बिलासपुर के उप-निदेशक पंकज शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की नई मंजिलें, नई राहें योजना अनछुए पर्यटन स्थलों तक और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना है।
इनसेट...
इस साल प्रदेश में पहुंचे हैं 128.33 लाख पर्यटक
आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस साल 128.83 लाख पर्यटक सैर-सपाटे के लिए आए जिनमें 125.96 लाख स्वदेशी और दो लाख 87 हजार विदेशी पर्यटक शामिल हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्रदेश के अनछुए, मनोरम स्थलों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से नई राहें, नई मंजिलें योजना की शुरुआत की गई है। चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू होने वाली इस योजना में 9 सर्किट (परिपथ) बनाए गए हैं।
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बिलासपुर। पर्यटन विभाग ‘नई राहें, नई मंजिल’ योजना के तहत प्रदेश के ऐसे जिलों को विकसित करने जा रहा है जहां पर पर्यटकों की संख्या ज्यादा है और उन्हें और बढ़ाया जा सकता है। योजना के तहत इस वर्ष करीब 50 करोड़ रुपये पर्यटन विकास पर खर्च किया जाएगा। पहले चरण के तहत जिलों व वहां पर स्थित पर्यटक स्थलों को भी चिहिन्त कर लिया गया है। जल्द ही पर्यटन विभाग इन्हें विकसित करने का कार्य शुरू कर देगा।
योजना के प्रथम चरण में जंजैहली क्षेत्र में 16 करोड़ 70 लाख रुपये से पर्यटन विकास पर खर्च किए जाएंगे। इसमें ईको-पर्यटन, साहसिक पर्यटन गतिविधियां और ट्रेकिंग को लेकर विकसित किया जाएगा। इसके अलावा वन विश्राम गृहों का भी सुधार किया जाएगा।
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इसके अतिरिक्त पैराग्लाइडिंग के लिए कांगड़ा जिला के बीड़-बीलिंग को और बेहतर बनाने के लिए 14 करोड़ 62 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जबकि शिमला जिला की चांशल घाटी में साहसिक खेलों विशेषतौर पर स्कीइंग की संभावनाएं विकसित करने के लिए पैसा खर्च किया जाएगा। गतिविधियों के लिए 15 करोड़ 12 लाख रुपये की राशि खर्च की जाएगी।
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पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग मंडी व बिलासपुर के उप-निदेशक पंकज शर्मा ने बताया कि प्रदेश सरकार की नई मंजिलें, नई राहें योजना अनछुए पर्यटन स्थलों तक और अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना है।
इनसेट...
इस साल प्रदेश में पहुंचे हैं 128.33 लाख पर्यटक
आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में इस साल 128.83 लाख पर्यटक सैर-सपाटे के लिए आए जिनमें 125.96 लाख स्वदेशी और दो लाख 87 हजार विदेशी पर्यटक शामिल हैं। देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को प्रदेश के अनछुए, मनोरम स्थलों की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से नई राहें, नई मंजिलें योजना की शुरुआत की गई है। चरणबद्ध ढंग से पूरे प्रदेश में लागू होने वाली इस योजना में 9 सर्किट (परिपथ) बनाए गए हैं।