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विस चुनावों से पहले रणनीति बनाएंगे होमगार्ड जवान
Updated Fri, 29 Sep 2017 11:31 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भराड़ी (बिलासपुर)।
राज्य होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विबेंद्र ठाकुर ने कहा कि होमगार्ड विभाग की स्थापना 6 दिसंबर 1962 को की गई थी। 1962 से 2017 तक प्रदेश में दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के बीच सत्ता परिवर्तन हुआ है लेकिन दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने प्रदेश में कार्यरत हजारों होमगार्ड कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। होमगार्ड स्थापना के 56 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई भी राजनीतिक दल होमगार्डों के लिए स्थायी नीति नही बना पा रहा है। होमगार्ड के लिए 35 से 40 वर्षों तक प्रदेश व देश की सेवा करने के बाद ग्रेच्युटी व पेंशन का प्रावधान नहीं है।
विबेंद्र ने कहा कि होमगार्डों के महंगे पड़ने की बात वह नेता कह रहे हैं जिनके अपने भत्ते, सैलरी, आसमान को छू रहे हैं। एक बार शपथ लेने के बाद अपने लिए पेंशन की सुविधा, लाखों रुपये चार प्रतिशत ब्याज के दर पर लोन के साथ अन्य सुख सुविधाओं वाले कानून बनाए हैं। अपने भत्तों व अन्य सुविधाओं की बढ़ोतरी के दौरान तो सत्ता पक्ष व विपक्ष सब कुछ एकमत से पारित कर देते हैं। होमगार्ड दिन रात ड्यूटी करके सेवा कर रहे हैं, उनके बारे में कुछ भी सोचा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब होमगार्ड जल्द ही प्रदेश स्तरीय बैठक करेंगे जिसमें विधानसभा चुनावों से पहले रणनीति बनाएंगे।
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भराड़ी (बिलासपुर)।
राज्य होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विबेंद्र ठाकुर ने कहा कि होमगार्ड विभाग की स्थापना 6 दिसंबर 1962 को की गई थी। 1962 से 2017 तक प्रदेश में दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के बीच सत्ता परिवर्तन हुआ है लेकिन दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने प्रदेश में कार्यरत हजारों होमगार्ड कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। होमगार्ड स्थापना के 56 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई भी राजनीतिक दल होमगार्डों के लिए स्थायी नीति नही बना पा रहा है। होमगार्ड के लिए 35 से 40 वर्षों तक प्रदेश व देश की सेवा करने के बाद ग्रेच्युटी व पेंशन का प्रावधान नहीं है।
विबेंद्र ने कहा कि होमगार्डों के महंगे पड़ने की बात वह नेता कह रहे हैं जिनके अपने भत्ते, सैलरी, आसमान को छू रहे हैं। एक बार शपथ लेने के बाद अपने लिए पेंशन की सुविधा, लाखों रुपये चार प्रतिशत ब्याज के दर पर लोन के साथ अन्य सुख सुविधाओं वाले कानून बनाए हैं। अपने भत्तों व अन्य सुविधाओं की बढ़ोतरी के दौरान तो सत्ता पक्ष व विपक्ष सब कुछ एकमत से पारित कर देते हैं। होमगार्ड दिन रात ड्यूटी करके सेवा कर रहे हैं, उनके बारे में कुछ भी सोचा नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब होमगार्ड जल्द ही प्रदेश स्तरीय बैठक करेंगे जिसमें विधानसभा चुनावों से पहले रणनीति बनाएंगे।
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