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आचार संहिता लगने से पहले एम्स का होगा भूमि पूजन
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खेमराज शर्मा
बिलासपुर। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने एक बार दोबारा से मास्टर स्ट्रोक चला है। जिस तरह भाजपा ने हिमाचल में विधानसभा चुनावों में आचार संहिता लगने से पहले पीएम मोदी से एम्स की आधारशिला रखवाई थी उसी तरह अब लोकसभा चुनावों में आचार संहिता लगने से पहले एम्स का भूमि पूजन करवा रहे हैं। सोमवार 21 जनवरी को इसका भूमि पूजन होगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में जहां सीएम जयराम ठाकुर पहुुंचेेंगे वहीं देश के स्वास्थ्य मंत्री नड्डा सहित हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार भी मौजूद रहेंगे।
भाजपा ने एम्स के नाम पर राजनीति करने वाले अपने विरोधी दलों को भी चुप करवा दिया है। जहां पहले यह चर्चाएं भी चल रही थीं कि एम्स नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट हो जाएगा, उन चर्चाओं पर भी अब भूमि पूजन के बाद विराम लग जाएगा, लेकिन सोचने का विषय है कि भूमि पूजन के बाद 1350 करोड़ का प्रोजेक्ट कब तैयार होगा। जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि चार साल बाद एम्स बन कर तैयार हो जाएगा।
गौरतलब है कि 2017 में एम्स का शिलान्यास पीएम मोदी ने बिलासपुर आकर किया था। जबकि 2019 में इसका भूमि पूजन किया जा रहा है। दो साल भूमि पूजन को लग गए। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि भूमि पूजन इस वजह से नहीं किया जा रहा था क्योंकि जमीन एम्स के नाम नहीं हुई थी, लेकिन अब जमीन पूरी तरह से एम्स के नाम हो चुकी है तो इसका भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू करवाया जा रहा है।
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इनसेट..
एम्स के नाम से जाना जाएगा बिलासपुर
प्रदेश में पूरी से पिछड़ा बिलासपुर जिला अब एम्स के नाम पर देश भर में जाना जाएगा। जब भी कभी एम्स का नाम लिया जाएगा तो बिलासपुर का नाम सबसे ऊपर आएगा। देश के मानचित्र में भी बिलासपुर को अब अलग दर्जा एम्स के बनने से मिल जाएगा। आखिरकार 21वीं सदी में बिलासपुर अब प्रगति की राह पर अग्रसर है। विकास के नाम पर यह पिछड़ा हुआ जिला अब आने वाले समय में बेहतर शहरों में शुमार हो जाएगा।
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बिलासपुर। लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा ने एक बार दोबारा से मास्टर स्ट्रोक चला है। जिस तरह भाजपा ने हिमाचल में विधानसभा चुनावों में आचार संहिता लगने से पहले पीएम मोदी से एम्स की आधारशिला रखवाई थी उसी तरह अब लोकसभा चुनावों में आचार संहिता लगने से पहले एम्स का भूमि पूजन करवा रहे हैं। सोमवार 21 जनवरी को इसका भूमि पूजन होगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इस कार्यक्रम में जहां सीएम जयराम ठाकुर पहुुंचेेंगे वहीं देश के स्वास्थ्य मंत्री नड्डा सहित हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार भी मौजूद रहेंगे।
भाजपा ने एम्स के नाम पर राजनीति करने वाले अपने विरोधी दलों को भी चुप करवा दिया है। जहां पहले यह चर्चाएं भी चल रही थीं कि एम्स नेरचौक स्थित मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट हो जाएगा, उन चर्चाओं पर भी अब भूमि पूजन के बाद विराम लग जाएगा, लेकिन सोचने का विषय है कि भूमि पूजन के बाद 1350 करोड़ का प्रोजेक्ट कब तैयार होगा। जबकि भाजपा नेताओं का कहना है कि चार साल बाद एम्स बन कर तैयार हो जाएगा।
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गौरतलब है कि 2017 में एम्स का शिलान्यास पीएम मोदी ने बिलासपुर आकर किया था। जबकि 2019 में इसका भूमि पूजन किया जा रहा है। दो साल भूमि पूजन को लग गए। हालांकि भाजपा नेताओं का कहना है कि भूमि पूजन इस वजह से नहीं किया जा रहा था क्योंकि जमीन एम्स के नाम नहीं हुई थी, लेकिन अब जमीन पूरी तरह से एम्स के नाम हो चुकी है तो इसका भूमि पूजन कर निर्माण कार्य शुरू करवाया जा रहा है।
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एम्स के नाम से जाना जाएगा बिलासपुर
प्रदेश में पूरी से पिछड़ा बिलासपुर जिला अब एम्स के नाम पर देश भर में जाना जाएगा। जब भी कभी एम्स का नाम लिया जाएगा तो बिलासपुर का नाम सबसे ऊपर आएगा। देश के मानचित्र में भी बिलासपुर को अब अलग दर्जा एम्स के बनने से मिल जाएगा। आखिरकार 21वीं सदी में बिलासपुर अब प्रगति की राह पर अग्रसर है। विकास के नाम पर यह पिछड़ा हुआ जिला अब आने वाले समय में बेहतर शहरों में शुमार हो जाएगा।