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कंपनी ने शीघ्र नया गोमुख नहीं लगाया तो होगा आंदोलन
Updated Tue, 24 Jul 2018 11:02 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
जुखाला (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल एवं महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि मार्कंडेय मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान निर्माण कर रही कंपनी ने मार्कंडेय स्नानागार में बने प्राचीन गोमुख को तोड़ दिया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इस बारे में भारी रोष जाहिर किया है। मार्कंडेय मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कर रही कंपनी की मनमर्जी के खिलाफ स्थानीय लोगों ने मार्कंडेय मंदिर परिसर में एक बैठक का आयोजन किया जिसमें क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। बैठक भृगु संहिता ज्ञाता एवं मार्कंडेय के प्रसिद्ध पंडित सुखराम जोशी की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में मार्कंडेय स्नानागार में बने प्राचीन गोमुख को रातोरात तोड़ने को लेकर विचार-विमर्श हुआ और यह निर्णय लिया गया कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी शीघ्र यहां पर नया गोमुख स्थापित करे और जो पाइप लाइन गोमुख से लगाई है उसे बाहर निकाले। गोमुख से किसी भी प्रकार की कोई पाइप लाइन लगाने नहीं दी जाएगी और जो पाइप लगी भी हैं उसे निकलवाया जाएगा।
इसके अलावा यह भी निर्णय लिया कि यहां पर मार्कंडेय जी का जो मंदिर और मूर्ति है कंपनी के लोगों को उसके साथ बिल्कुल छेड़छाड़ करने नहीं दी जाएगी क्योंकि इसमें लाखों लोगों की आस्था है। कंपनी के लोगों को पानी के स्रोतों से बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं करने दी जाएगी तथा मंदिर के साथ वाले गांव को आने जाने, पशुओं को ले जाने तथा सामान इत्यादि लाने के लिए कंपनी रास्ता तय करके दे जिस रास्ते से गांव के लोग अपना सामान और पशुओं को ला और ले जा सकें ताकि भविष्य में गांव वालों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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बैठक में निर्णय लिया कि यह सभी मांगें अगर कंपनी प्रबंधन मान लेता है तो ठीक है अन्यथा क्षेत्र के सभी लोग मार्कंडेय मंदिर में एकत्रित होकर इस कार्य का बहिष्कार करके धरने में बैठ जाएंगे और कंपनी प्रबंधन को यहां पर कोई कार्य नहीं करने देंगे।गौरतलब है कि मार्कंडेय मंदिर का पर्यटन विभाग की ओर से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
बैठक में रोशन लाल दुबे, मार्कंडेय पंचायत के उपप्रधान कमल ठाकुर, राजेश कुमार, संजीव कुमार, सावित्री देवी, बाबूराम ठाकुर, विनोद कश्यप, जयपाल, राम चंद, अनिल, रतन लाल, सुखराम नड्डा, भीम ठाकुर, नरेंद्र शर्मा, चैतन्य शर्मा सहित कई लोगों ने भाग लिया।
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जुखाला (बिलासपुर)। उत्तरी भारत के प्रसिद्ध धार्मिक तीर्थ स्थल एवं महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि मार्कंडेय मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान निर्माण कर रही कंपनी ने मार्कंडेय स्नानागार में बने प्राचीन गोमुख को तोड़ दिया था। इसके बाद स्थानीय लोगों ने इस बारे में भारी रोष जाहिर किया है। मार्कंडेय मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कर रही कंपनी की मनमर्जी के खिलाफ स्थानीय लोगों ने मार्कंडेय मंदिर परिसर में एक बैठक का आयोजन किया जिसमें क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। बैठक भृगु संहिता ज्ञाता एवं मार्कंडेय के प्रसिद्ध पंडित सुखराम जोशी की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में मार्कंडेय स्नानागार में बने प्राचीन गोमुख को रातोरात तोड़ने को लेकर विचार-विमर्श हुआ और यह निर्णय लिया गया कि निर्माण कार्य कर रही कंपनी शीघ्र यहां पर नया गोमुख स्थापित करे और जो पाइप लाइन गोमुख से लगाई है उसे बाहर निकाले। गोमुख से किसी भी प्रकार की कोई पाइप लाइन लगाने नहीं दी जाएगी और जो पाइप लगी भी हैं उसे निकलवाया जाएगा।
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इसके अलावा यह भी निर्णय लिया कि यहां पर मार्कंडेय जी का जो मंदिर और मूर्ति है कंपनी के लोगों को उसके साथ बिल्कुल छेड़छाड़ करने नहीं दी जाएगी क्योंकि इसमें लाखों लोगों की आस्था है। कंपनी के लोगों को पानी के स्रोतों से बिल्कुल छेड़छाड़ नहीं करने दी जाएगी तथा मंदिर के साथ वाले गांव को आने जाने, पशुओं को ले जाने तथा सामान इत्यादि लाने के लिए कंपनी रास्ता तय करके दे जिस रास्ते से गांव के लोग अपना सामान और पशुओं को ला और ले जा सकें ताकि भविष्य में गांव वालों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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बैठक में निर्णय लिया कि यह सभी मांगें अगर कंपनी प्रबंधन मान लेता है तो ठीक है अन्यथा क्षेत्र के सभी लोग मार्कंडेय मंदिर में एकत्रित होकर इस कार्य का बहिष्कार करके धरने में बैठ जाएंगे और कंपनी प्रबंधन को यहां पर कोई कार्य नहीं करने देंगे।गौरतलब है कि मार्कंडेय मंदिर का पर्यटन विभाग की ओर से सौंदर्यीकरण किया जा रहा है जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
बैठक में रोशन लाल दुबे, मार्कंडेय पंचायत के उपप्रधान कमल ठाकुर, राजेश कुमार, संजीव कुमार, सावित्री देवी, बाबूराम ठाकुर, विनोद कश्यप, जयपाल, राम चंद, अनिल, रतन लाल, सुखराम नड्डा, भीम ठाकुर, नरेंद्र शर्मा, चैतन्य शर्मा सहित कई लोगों ने भाग लिया।