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बडग़ांव बल्लू पंचायत के कई गावों में गहराया पेयजल संकट
Updated Mon, 13 Nov 2017 10:53 PM IST
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झंडूता (बिलासपुर)। कोटधार की पंचायत बड़गांव गल्लू के अप्पर बुखर, लोअर बुखर, बड़गांव वार्ड-चार, डुहक, दमेहड़ा व नहाणी गांवों में नियमित रूप से पानी की सप्लाई नहीं मिल रही है। इससे ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार चाहे जितने भी दावे करे कि विकास हो रहा है, लेकिन पंचायत के बाशिंदों को पानी की समस्या से परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य सिंचाई विभाग अभी तक पेयजल समस्या को दूर नहीं करवा पाया है। कभी तीसरे दिन, तो कभी चौथे दिन लोगों को पानी मिल रहा है। पंचायत के बाशिंदों को प्राकृतिक स्रोतों या फिर गोविंद सागर झील से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
ग्रामीण प्रीतम सिंह, केशव दत्त, सोमनाथ, तारा देवी, केसरू राम व कौशल्या देवी ने विभाग, प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है कि इस समस्या से छुटकारा दिलाया जाए।
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मिली जानकारी अनुसार अभी हाल ही में मारुड़ा क्षेत्र के साथ लगती सरयहाली खड्ड में पेयजल योजना की डीपीआर बनकर तैयार की गई है। तलाई सेक्शन में सबसे बड़ा पेयजल भंडारण टैंक 1 लाख 22 हजार की क्षमता का बुखर में बना है, लेकिन इसमें नघ्यार, भराड़ी प्राकृतिक स्रोत से ही पानी आता है, जोकि बहुत कम है। इसी के चलते लोगों को तीसरे दिन पानी की सप्लाई की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी किसी बड़े नेता का कार्यक्रम होता है तो मंचों से इस समस्या का जिक्र तो होता है। लेकिन विभाग इस समस्या को अभी तक सुलझाने में पूरी तरह नाकाम रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग जब तक मौके का दौरा नहीं करेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। लोगों ने प्रशासन व आईपीएच विभाग से मांग की है कि जल्द पानी की समस्या का समाधान किया जाए।
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ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य सिंचाई विभाग अभी तक पेयजल समस्या को दूर नहीं करवा पाया है। कभी तीसरे दिन, तो कभी चौथे दिन लोगों को पानी मिल रहा है। पंचायत के बाशिंदों को प्राकृतिक स्रोतों या फिर गोविंद सागर झील से पानी लाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
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ग्रामीण प्रीतम सिंह, केशव दत्त, सोमनाथ, तारा देवी, केसरू राम व कौशल्या देवी ने विभाग, प्रशासन व सरकार से गुहार लगाई है कि इस समस्या से छुटकारा दिलाया जाए।
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मिली जानकारी अनुसार अभी हाल ही में मारुड़ा क्षेत्र के साथ लगती सरयहाली खड्ड में पेयजल योजना की डीपीआर बनकर तैयार की गई है। तलाई सेक्शन में सबसे बड़ा पेयजल भंडारण टैंक 1 लाख 22 हजार की क्षमता का बुखर में बना है, लेकिन इसमें नघ्यार, भराड़ी प्राकृतिक स्रोत से ही पानी आता है, जोकि बहुत कम है। इसी के चलते लोगों को तीसरे दिन पानी की सप्लाई की जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी किसी बड़े नेता का कार्यक्रम होता है तो मंचों से इस समस्या का जिक्र तो होता है। लेकिन विभाग इस समस्या को अभी तक सुलझाने में पूरी तरह नाकाम रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि विभाग जब तक मौके का दौरा नहीं करेगा, तब तक समस्या का समाधान नहीं होगा। लोगों ने प्रशासन व आईपीएच विभाग से मांग की है कि जल्द पानी की समस्या का समाधान किया जाए।