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वनभूमि पर फेंके गए मलबे को हटाने के दिए आदेश
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वनभूमि पर फेंके गए मलबे को हटाने के दिए आदेश
कुल्लू, मंडी, बिलासपुर के अरण्यपाल को दिए अवैध मक डंपिंग पर कार्रवाई के आदेश
अवैध मक डंपिंग को लेकर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल सख्त
बोले, वनभूमि से मिट्टी नहीं उठाती कंपनी तो वन एक्ट के तहत करे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। सूबे के कुल्लू, मंडी, बिलासपुर में कीरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण से निकलने वाले मलबे को वन भूमि में अवैध तरीके से डंप किए जाने को लेकर प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) सख्त हो गए हैं।
उन्होंने तीनों जिलों के अरण्यपालों को लैटर जारी कर वन भूमि में डंप की गई मिट्टी को उठवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य अरण्यपाल ने कहा है कि अगर मिट्टी नहीं उठाई जाती है तो कंपनी के खिलाफ एफसीए एक्ट 1980 के तहत कार्रवाई की जाए। वहीं उन्होंने आदेशों में यह भी साफ किया है कि जो वह कार्रवाई करते हैं, उनकी जानकारी उन्हें व शिकायतकर्ता को भी मुहैया करवाई जाए।
गौरतलब है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 10 दिसंबर को वन भूमि नालों, खड्डों सरकारी भूमि, लोगों की निजी भूमि व गोबिंद सागर झील में बिना इजाजत लिए अवैध डंपिंग को उठाने के लिए राज्य में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड पर मुख्य अरण्यपाल को शिकायत दी थी। इन्होंने अपनी शिकायत में लिखा था कि इस अवैध डंपिंग से पर्यावरण, भाखड़ा बांध परियोजना, मछुआरों तथा आम लोगों को नुकसान हो रहा है। समिति के बार-बार आग्रह करने पर भी कोई भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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जिला मंडी व बिलासपुर के वन मंडल अधिकारी ने पुष्टि की थी कि विभाग की ओर से अवैध डंपिंग पर जुर्माना लगाया जा चुका है और इसके अलावा कोई कार्रवाई शेष नहीं बचती है। जबकि जिला कुल्लू के वन मंडलाधिकारी ने वन भूमि पर की गई अवैध डंपिंग को लेकर परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जुर्माने सहित मौके से मिट्टी को उठाया गया। इसी संदर्भ पर समिति चाहती थी कि दोनों जिलों से भी मिट्टी को उठाया जाए लेकिन यह किसी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे थे जिसे लेकर उन्होंने शिकायत पत्र भेजा था।
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...खेमराज शर्मा।
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कुल्लू, मंडी, बिलासपुर के अरण्यपाल को दिए अवैध मक डंपिंग पर कार्रवाई के आदेश
अवैध मक डंपिंग को लेकर अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल सख्त
बोले, वनभूमि से मिट्टी नहीं उठाती कंपनी तो वन एक्ट के तहत करे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। सूबे के कुल्लू, मंडी, बिलासपुर में कीरतपुर-मनाली फोरलेन निर्माण से निकलने वाले मलबे को वन भूमि में अवैध तरीके से डंप किए जाने को लेकर प्रधान मुख्य अरण्यपाल (वन) सख्त हो गए हैं।
उन्होंने तीनों जिलों के अरण्यपालों को लैटर जारी कर वन भूमि में डंप की गई मिट्टी को उठवाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य अरण्यपाल ने कहा है कि अगर मिट्टी नहीं उठाई जाती है तो कंपनी के खिलाफ एफसीए एक्ट 1980 के तहत कार्रवाई की जाए। वहीं उन्होंने आदेशों में यह भी साफ किया है कि जो वह कार्रवाई करते हैं, उनकी जानकारी उन्हें व शिकायतकर्ता को भी मुहैया करवाई जाए।
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गौरतलब है कि फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति ने 10 दिसंबर को वन भूमि नालों, खड्डों सरकारी भूमि, लोगों की निजी भूमि व गोबिंद सागर झील में बिना इजाजत लिए अवैध डंपिंग को उठाने के लिए राज्य में अपनाए जा रहे दोहरे मापदंड पर मुख्य अरण्यपाल को शिकायत दी थी। इन्होंने अपनी शिकायत में लिखा था कि इस अवैध डंपिंग से पर्यावरण, भाखड़ा बांध परियोजना, मछुआरों तथा आम लोगों को नुकसान हो रहा है। समिति के बार-बार आग्रह करने पर भी कोई भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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जिला मंडी व बिलासपुर के वन मंडल अधिकारी ने पुष्टि की थी कि विभाग की ओर से अवैध डंपिंग पर जुर्माना लगाया जा चुका है और इसके अलावा कोई कार्रवाई शेष नहीं बचती है। जबकि जिला कुल्लू के वन मंडलाधिकारी ने वन भूमि पर की गई अवैध डंपिंग को लेकर परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जुर्माने सहित मौके से मिट्टी को उठाया गया। इसी संदर्भ पर समिति चाहती थी कि दोनों जिलों से भी मिट्टी को उठाया जाए लेकिन यह किसी तरह की कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहे थे जिसे लेकर उन्होंने शिकायत पत्र भेजा था।
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...खेमराज शर्मा।