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स्कूल बस का भाड़ा बढ़ाने पर अभिभावकों ने किया चक्का जाम
Updated Mon, 02 Jul 2018 11:18 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बरमाणा (बिलासपुर)। अल्ट्राटेक कंपनी की ओर से स्कूली बसों के बढ़ाए गए भाड़े के विरोध में अभिभावकों और स्कूली बच्चों ने खारसी व सोलन जिला स्थित शालूघाट में चक्का जाम किया। करीब सात घंटे बाद जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद जाम खोला गया। जाम खुलवाने के लिए स्वयं एसडीएम सदर बिलासपुर और एसडीएम अर्की को मौके पर जाना पड़ा। इसके बाद जाम खुला व यातायात बहाल हो पाया।
चक्का जाम अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग की ओर से चलाए जा रहे स्कूल में बच्चों को दी जाने वाली बस सुविधा को बंद करने के विरोध में किया गया था। सुबह सात बजे से किया गया यह चक्का जाम दोपहर तीन बजे खुला।
गौरतलब है कि यह सीमेंट उद्योग बिलासपुर और सोलन जिला की सीमा में स्थित है जिस कारण इस उद्योग से बिलासपुर और सोलन जिला के लोग विस्थापित और प्रभावित हुए हैं। उद्योग की ओर से चलाए जा रहे विद्यालय में भी इन दोनों जिला के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। बच्चों की बस सुविधा बंद करने पर अभिभावक गुस्सा हो गए और बिलासपुर जिला के अभिभावकों ने बच्चों सहित खारसी चौक और सोलन जिला के अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ शालुघाट में सुबह आठ बजे से चक्का जाम कर दिया।
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दोनों जिलों से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और करीब सात घंटे के बाद अभिभावकों और कंपनी प्रबंधन में जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद सहमति बनी। बिलासपुर जिला के उपायुक्त ने कंपनी प्रबंधन और स्थानीय लोगों को बैठक करने के लिए बिलासपुर बुलाया था।
शालुघाट में सोलन जिला के अभिभावकों ने चक्का जाम किया हुआ था जिस वजह से कंपनी प्रबंधन के अधिकारी वहां से जा नहीं सके। लोगों की मांग थी कि जो भी बैठक या फैसला होना है वह मौके पर होगा वह न तो खुद कहीं जाएंगे और न किसी को यहां से जाने देंगे।
इसके बाद एसडीएम बिलासपुर प्रियंका और एसडीएम अर्की ने अभिभावकों और कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता करवाया। मौके पर हुए समझौते के अनुसार कल से स्कूल प्रबंधन की बस बच्चों को लेने और छोड़ने के लिए आएगी। अभी तक बस के किराये को लेकर कोई सहमति नहीं बनी और यह निर्णय हुआ कि दस दिन के अंदर कंपनी प्रबंध व अभिभावकों के मध्य एक बैठक का आयोजन होगा जिसकी अध्यक्षता बिलासपुर व सोलन जिला के उपायुक्त करेंगे। इस बैठक में बस के किराये को लेकर सहमति बनाई जाएगी। तब तक स्कूल प्रबंधन की बस छात्रों को लाने और ले जाने का काम करेगी। इसके बाद अभिभावक वहां से हटे व जाम खुला।
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बरमाणा (बिलासपुर)। अल्ट्राटेक कंपनी की ओर से स्कूली बसों के बढ़ाए गए भाड़े के विरोध में अभिभावकों और स्कूली बच्चों ने खारसी व सोलन जिला स्थित शालूघाट में चक्का जाम किया। करीब सात घंटे बाद जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद जाम खोला गया। जाम खुलवाने के लिए स्वयं एसडीएम सदर बिलासपुर और एसडीएम अर्की को मौके पर जाना पड़ा। इसके बाद जाम खुला व यातायात बहाल हो पाया।
चक्का जाम अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग की ओर से चलाए जा रहे स्कूल में बच्चों को दी जाने वाली बस सुविधा को बंद करने के विरोध में किया गया था। सुबह सात बजे से किया गया यह चक्का जाम दोपहर तीन बजे खुला।
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गौरतलब है कि यह सीमेंट उद्योग बिलासपुर और सोलन जिला की सीमा में स्थित है जिस कारण इस उद्योग से बिलासपुर और सोलन जिला के लोग विस्थापित और प्रभावित हुए हैं। उद्योग की ओर से चलाए जा रहे विद्यालय में भी इन दोनों जिला के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। बच्चों की बस सुविधा बंद करने पर अभिभावक गुस्सा हो गए और बिलासपुर जिला के अभिभावकों ने बच्चों सहित खारसी चौक और सोलन जिला के अभिभावकों ने अपने बच्चों के साथ शालुघाट में सुबह आठ बजे से चक्का जाम कर दिया।
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दोनों जिलों से पुलिस बल मौके पर पहुंचा और करीब सात घंटे के बाद अभिभावकों और कंपनी प्रबंधन में जिला प्रशासन की मध्यस्थता के बाद सहमति बनी। बिलासपुर जिला के उपायुक्त ने कंपनी प्रबंधन और स्थानीय लोगों को बैठक करने के लिए बिलासपुर बुलाया था।
शालुघाट में सोलन जिला के अभिभावकों ने चक्का जाम किया हुआ था जिस वजह से कंपनी प्रबंधन के अधिकारी वहां से जा नहीं सके। लोगों की मांग थी कि जो भी बैठक या फैसला होना है वह मौके पर होगा वह न तो खुद कहीं जाएंगे और न किसी को यहां से जाने देंगे।
इसके बाद एसडीएम बिलासपुर प्रियंका और एसडीएम अर्की ने अभिभावकों और कंपनी प्रबंधन के बीच समझौता करवाया। मौके पर हुए समझौते के अनुसार कल से स्कूल प्रबंधन की बस बच्चों को लेने और छोड़ने के लिए आएगी। अभी तक बस के किराये को लेकर कोई सहमति नहीं बनी और यह निर्णय हुआ कि दस दिन के अंदर कंपनी प्रबंध व अभिभावकों के मध्य एक बैठक का आयोजन होगा जिसकी अध्यक्षता बिलासपुर व सोलन जिला के उपायुक्त करेंगे। इस बैठक में बस के किराये को लेकर सहमति बनाई जाएगी। तब तक स्कूल प्रबंधन की बस छात्रों को लाने और ले जाने का काम करेगी। इसके बाद अभिभावक वहां से हटे व जाम खुला।