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करोड़ो की लागत से बना छात्रावास भवन आवारा पशुओं का डेरा
Updated Tue, 24 Oct 2017 11:20 PM IST
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बरठीं (बिलासपुर)। स्थानीय नेताओं, शिक्षा विभाग व सरकार के ढुलमुल रवैये के कारण राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बरठीं के छात्र-छात्राओं के लिए बना करोड़ों रुपये का छात्रावास भवन खस्ताहालत में पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों ने भाजपा व कांग्रेस नेताओं के सुस्त रवैये को इसका जिम्मेवार ठहराया है। अब यहां पर छात्र-छात्राओं की बजाय लावारिस पशुओं ने डेरा जमा लिया है।
करोड़ों की लागत से बने इस भवन में लगभग 25 कमरे और खेल का मैदान है। छात्रावास के प्रयोग में न लाए जाने से इस भवन में जवाहर नवोदय विद्यालय चलता रहा। इसके बाद में जेएनवी के बिलासपुर के कोठीपुरा जाने के बाद से यह भवन खंडहर बनता जा रहा है।
लावारिस पशुओं ने यहां पर अपना डेरा बना रखा है। भाजपा व कांग्रेस के नेताओं को इसकी जानकारी होने के बाद भी इसको प्रयोग में नहीं लाया गया, जबकि कई सरकारी कार्यालय किराये के भवनों में चलाए जा रहे हैं। सालाना लाखों रुपये किराये के रूप में सरकारी खजाने से जा रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि जिस प्रकार टिकट मिलने के 24 घंटे के बाद भाजपा व कांग्रेस के नेताओं ने बरठीं में अपने चुनावी कार्यालय खोल दिए, क्या उसी गति से वह बरठीं में विकास को भी गति दे पाएंगे।
उधर, बरठीं में एकमात्र आईटीआई में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अलग-अलग विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं जो 50 से लेकर 60 किलोमीटर की दूरी से आते हैं। उनको बरठीं में छात्रावास की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। यदि उक्त छात्रावास को आईटीआई के लिए आवंटित कर दिया जाए तो वहां पढ़ने वाले छात्रों को छात्रावास की सुविधा मिल सकती है। लगभग बीस वर्षों से यह छात्रावास लावारिस पड़ा हुआ है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि पिछले साल जर्जर भवन की रिपेयर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग साढ़े सात लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद भवन का कोई भी लाभ नहीं लिया जा सका है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं वर्तमान में कांग्रेस की टिकट पर भाग्य आजमा रहे डॉ. बीरू राम किशोर ने बताया कि उक्त छात्रावास कई वर्षों से खाली पड़ा हुआ है। इसका प्रयोग नहीं किया जा सका है इसका उन्हें दुख है। यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है और लोग उन्हें समर्थन देते हैं तो इस भवन को आईटीआई छात्रावास के रूप में आवंटित कर दिया जाएगा ताकि दूरदराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
उधर, भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में पहली बार कूदे जेआर कटवाल ने कहा कि अभी वह व्यस्त हैं और इस मामले में बाद में बात करेंगे।
आईटीआई के प्रधानाचार्य अजेश कुमार ने बताया कि यह छात्रावास शिक्षा विभाग का है जिनको इसकी अब आवश्यकता नहीं है। उच्चाधिकारियों के माध्यम से शिक्षा विभाग व सरकार के समक्ष इस मामले को रखकर आईटीआई में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के लिए छात्रावास के रूप में प्रयोग में लाने की कोशिश करेंगे ताकि इस भवन का लाभ मिल सके।
शिक्षा विभाग के शिक्षा उप निदेशक अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके पास अभी तक इस भवन को प्रयोग में लाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, लेकिन सरकार यदि चाहे तो वह किसी भी विभाग को इस भवन को प्रयोग में लाने के लिए आवंटित कर सकती है। जिस पर उनको कोई आपत्ति नहीं होगी।
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करोड़ों की लागत से बने इस भवन में लगभग 25 कमरे और खेल का मैदान है। छात्रावास के प्रयोग में न लाए जाने से इस भवन में जवाहर नवोदय विद्यालय चलता रहा। इसके बाद में जेएनवी के बिलासपुर के कोठीपुरा जाने के बाद से यह भवन खंडहर बनता जा रहा है।
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लावारिस पशुओं ने यहां पर अपना डेरा बना रखा है। भाजपा व कांग्रेस के नेताओं को इसकी जानकारी होने के बाद भी इसको प्रयोग में नहीं लाया गया, जबकि कई सरकारी कार्यालय किराये के भवनों में चलाए जा रहे हैं। सालाना लाखों रुपये किराये के रूप में सरकारी खजाने से जा रहे हैं।
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लोगों का कहना है कि जिस प्रकार टिकट मिलने के 24 घंटे के बाद भाजपा व कांग्रेस के नेताओं ने बरठीं में अपने चुनावी कार्यालय खोल दिए, क्या उसी गति से वह बरठीं में विकास को भी गति दे पाएंगे।
उधर, बरठीं में एकमात्र आईटीआई में लगभग 250 छात्र-छात्राएं अलग-अलग विषयों में पढ़ाई कर रहे हैं जो 50 से लेकर 60 किलोमीटर की दूरी से आते हैं। उनको बरठीं में छात्रावास की कोई सुविधा नहीं मिल रही है। यदि उक्त छात्रावास को आईटीआई के लिए आवंटित कर दिया जाए तो वहां पढ़ने वाले छात्रों को छात्रावास की सुविधा मिल सकती है। लगभग बीस वर्षों से यह छात्रावास लावारिस पड़ा हुआ है। सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि पिछले साल जर्जर भवन की रिपेयर पर लोक निर्माण विभाग द्वारा लगभग साढ़े सात लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद भवन का कोई भी लाभ नहीं लिया जा सका है।
कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं वर्तमान में कांग्रेस की टिकट पर भाग्य आजमा रहे डॉ. बीरू राम किशोर ने बताया कि उक्त छात्रावास कई वर्षों से खाली पड़ा हुआ है। इसका प्रयोग नहीं किया जा सका है इसका उन्हें दुख है। यदि उनकी सरकार सत्ता में आती है और लोग उन्हें समर्थन देते हैं तो इस भवन को आईटीआई छात्रावास के रूप में आवंटित कर दिया जाएगा ताकि दूरदराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को इसका लाभ मिल सके।
उधर, भाजपा के टिकट पर चुनावी रण में पहली बार कूदे जेआर कटवाल ने कहा कि अभी वह व्यस्त हैं और इस मामले में बाद में बात करेंगे।
आईटीआई के प्रधानाचार्य अजेश कुमार ने बताया कि यह छात्रावास शिक्षा विभाग का है जिनको इसकी अब आवश्यकता नहीं है। उच्चाधिकारियों के माध्यम से शिक्षा विभाग व सरकार के समक्ष इस मामले को रखकर आईटीआई में शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्रों के लिए छात्रावास के रूप में प्रयोग में लाने की कोशिश करेंगे ताकि इस भवन का लाभ मिल सके।
शिक्षा विभाग के शिक्षा उप निदेशक अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि उनके पास अभी तक इस भवन को प्रयोग में लाने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, लेकिन सरकार यदि चाहे तो वह किसी भी विभाग को इस भवन को प्रयोग में लाने के लिए आवंटित कर सकती है। जिस पर उनको कोई आपत्ति नहीं होगी।