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Bilaspur News: बिलासपुर के 10 छात्र करेंगे इसरो का भ्रमण
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- तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी 15 जुलाई को हरी झंडी दिखाकर करेंगे रवाना
-एडीसी बोलीं, बच्चों में स्पेस साइंस की तरफ रुचि बढ़ाने के लिए किया जा रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के 10 स्कूली छात्र अहमदाबाद में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और गुजरात साइंस सिटी में अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में जानने के लिए वहां का भ्रमण करेंगे। 15 जुलाई दोपहर 1:00 बजे प्रदेश सरकार में नगर ग्राम नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी घुमारवीं से छात्रों के समूह को हरी झंडी दिखाकर अहमदाबाद रवाना करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने बताया कि गत वर्ष उपमंडल घुमारवीं के सरकारी स्कूल में स्पेस लैब का उद्घाटन किया गया था। इसमें इसरो द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के मॉडल स्थापित किए गए थे। इसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जिले के 10 सरकारी स्कूलों के विज्ञान के 10 मेधावी छात्रों को अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और गुजरात साइंस सिटी में भ्रमण करने का मौका दिया जा रहा है। स्पेस लैब में जिन मॉडलों को बच्चों ने देखा है और उसके बारे में पढ़ा है, गुजरात अनुप्रयोग केंद्र में बच्चे उसे अपने सामने कार्य करते हुए देख पाएंगे। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र एक सुरक्षित क्षेत्र है, जहां जाने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत पड़ती है। घुमारवीं में स्पेस लैब बनाने वाली कंपनी व्योमिका स्पेस लैब के अधिकारियों के प्रयास से अनुप्रयोग केंद्र और गुजरात साइंस सिटी भ्रमण करने का मौका मिल रहा है। बच्चों को अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र तक ले जाने के लिए एनटीपीसी सहयोग कर रही है। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, प्रसारण, सुदूर संवेदन और आपदा निगरानी/शमन के क्षेत्रों में संचार, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन और ग्रहीय पेलोड और संबंधित डेटा प्रसंस्करण और ग्राउंड प्रणालियों के विकास, निर्माण और योग्यता के लिए जानी जाती है।
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के अलावा स्कूली बच्चों को गुजरात साइंस सिटी के अंतर्गत देश के सबसे बड़े स्पेस म्यूजियम भी दिखाया जाएगा। अत्याधुनिक आईमैक्स थ्री डी थिएटर, ऊर्जा पार्क, जीवन विज्ञान पार्क, संगीतमय फव्वारे और एक एम्फीथिएटर प्लैनेट अर्थ पवेलियन, हॉल ऑफ स्पेस, लाइफ साइंस पार्क भी दिखाया जाएगा। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ रहे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है। उन्हें स्पेस साइंस की तरफ आकर्षित करना है। एडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि आगामी समय में हिमाचल सरकार के सौजन्य से जिले के सभी उप मंडलों में स्पेस लैब खोला जाए, ताकि इस लैब के आसपास के क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की स्पेस साइंस की तरफ रुचि बढ़े और वह दुनिया में अपना नाम कमाए। डॉ. निधि पटेल ने बताया कि मानसून के बाद घुमारवीं में एक बड़े साइंस मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले के सभी स्कूलों के बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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-एडीसी बोलीं, बच्चों में स्पेस साइंस की तरफ रुचि बढ़ाने के लिए किया जा रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के 10 स्कूली छात्र अहमदाबाद में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और गुजरात साइंस सिटी में अंतरिक्ष विज्ञान के बारे में जानने के लिए वहां का भ्रमण करेंगे। 15 जुलाई दोपहर 1:00 बजे प्रदेश सरकार में नगर ग्राम नियोजन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी घुमारवीं से छात्रों के समूह को हरी झंडी दिखाकर अहमदाबाद रवाना करेंगे।
अतिरिक्त उपायुक्त डॉ. निधि पटेल ने बताया कि गत वर्ष उपमंडल घुमारवीं के सरकारी स्कूल में स्पेस लैब का उद्घाटन किया गया था। इसमें इसरो द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों के मॉडल स्थापित किए गए थे। इसी कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जिले के 10 सरकारी स्कूलों के विज्ञान के 10 मेधावी छात्रों को अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र और गुजरात साइंस सिटी में भ्रमण करने का मौका दिया जा रहा है। स्पेस लैब में जिन मॉडलों को बच्चों ने देखा है और उसके बारे में पढ़ा है, गुजरात अनुप्रयोग केंद्र में बच्चे उसे अपने सामने कार्य करते हुए देख पाएंगे। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र एक सुरक्षित क्षेत्र है, जहां जाने के लिए विशेष अनुमति की जरूरत पड़ती है। घुमारवीं में स्पेस लैब बनाने वाली कंपनी व्योमिका स्पेस लैब के अधिकारियों के प्रयास से अनुप्रयोग केंद्र और गुजरात साइंस सिटी भ्रमण करने का मौका मिल रहा है। बच्चों को अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र तक ले जाने के लिए एनटीपीसी सहयोग कर रही है। अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, प्रसारण, सुदूर संवेदन और आपदा निगरानी/शमन के क्षेत्रों में संचार, नेविगेशन, पृथ्वी अवलोकन और ग्रहीय पेलोड और संबंधित डेटा प्रसंस्करण और ग्राउंड प्रणालियों के विकास, निर्माण और योग्यता के लिए जानी जाती है।
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उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के अलावा स्कूली बच्चों को गुजरात साइंस सिटी के अंतर्गत देश के सबसे बड़े स्पेस म्यूजियम भी दिखाया जाएगा। अत्याधुनिक आईमैक्स थ्री डी थिएटर, ऊर्जा पार्क, जीवन विज्ञान पार्क, संगीतमय फव्वारे और एक एम्फीथिएटर प्लैनेट अर्थ पवेलियन, हॉल ऑफ स्पेस, लाइफ साइंस पार्क भी दिखाया जाएगा। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य बिलासपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ रहे बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना है। उन्हें स्पेस साइंस की तरफ आकर्षित करना है। एडीसी ने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि आगामी समय में हिमाचल सरकार के सौजन्य से जिले के सभी उप मंडलों में स्पेस लैब खोला जाए, ताकि इस लैब के आसपास के क्षेत्र के छात्र-छात्राओं की स्पेस साइंस की तरफ रुचि बढ़े और वह दुनिया में अपना नाम कमाए। डॉ. निधि पटेल ने बताया कि मानसून के बाद घुमारवीं में एक बड़े साइंस मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले के सभी स्कूलों के बच्चों को विज्ञान के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
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