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घुमारवीं अस्पताल में चिकित्सकों और मरीजों की सुरक्षा में दिन रात तैनात रहेंगे 10 सुरक्षाकर्मी
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सिविल अस्पताल घुमारवीं के गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी। संवाद
- फोटो : BILASPUR
घुमारवीं (बिलासपुर) सिविल अस्पताल घुमारवीं में सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी के कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। अस्पताल में एक सुरक्षा सुपरवाइजर और 10 सुरक्षा गार्ड चिकित्सकों, मरीजों की सुरक्षा सहित पार्किंग की व्यवस्था को भी देखेंगे।
सिविल अस्पताल घुमारवीं में हाल ही में कर्मचारियों और चिकित्सकों के साथ लड़ाई झगड़े की घटनाएं सामने आई हैं। कई बार रात को लोगों के शराब पीकर अस्पताल में हंगामा करने की घटनाएं हुई हैं।
वहीं अस्पताल परिसर में बेतरतीब पार्किंग भी समस्या बनी रहती है। इसी को देखते हुए अस्पताल में सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग उठाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर प्रक्रिया अपनाने के बाद शिमला की एक एजेंसी से इकरारनामा किया है। एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने सेवाएं देना शुरू कर दी हैं। एजेंसी ने सिविल अस्पताल में एक सुरक्षा सुपरवाइजर और 10 सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं। इनका ड्यूटी रोस्टर बनाया है। सुरक्षाकर्मी ओपीडी, लैब, इमरजेंसी, अस्पताल के गेट और वार्ड में 24 घंटे तैनात रहेंगे। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी लगने से बेतरतीब पार्किंग से होने वाली समस्या से भी छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
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उधर, स्वास्थ्य खंड अधिकारी घुमारवीं डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अस्पताल में तोड़फोड़, चोरी और चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं के बाद निजी सुरक्षा एजेंसी के हवाले सिविल अस्पताल की सुरक्षा का दायित्व दिया गया है। एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने सेवाएं देना शुरू कर दी है।
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सिविल अस्पताल घुमारवीं में हाल ही में कर्मचारियों और चिकित्सकों के साथ लड़ाई झगड़े की घटनाएं सामने आई हैं। कई बार रात को लोगों के शराब पीकर अस्पताल में हंगामा करने की घटनाएं हुई हैं।
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वहीं अस्पताल परिसर में बेतरतीब पार्किंग भी समस्या बनी रहती है। इसी को देखते हुए अस्पताल में सुरक्षाकर्मी तैनात करने की मांग उठाई जा रही थी। स्वास्थ्य विभाग ने टेंडर प्रक्रिया अपनाने के बाद शिमला की एक एजेंसी से इकरारनामा किया है। एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने सेवाएं देना शुरू कर दी हैं। एजेंसी ने सिविल अस्पताल में एक सुरक्षा सुपरवाइजर और 10 सुरक्षा गार्ड तैनात किए हैं। इनका ड्यूटी रोस्टर बनाया है। सुरक्षाकर्मी ओपीडी, लैब, इमरजेंसी, अस्पताल के गेट और वार्ड में 24 घंटे तैनात रहेंगे। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी लगने से बेतरतीब पार्किंग से होने वाली समस्या से भी छुटकारा मिलने की उम्मीद है।
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उधर, स्वास्थ्य खंड अधिकारी घुमारवीं डॉ. पुष्पेंद्र सिंह राणा ने बताया कि अस्पताल में तोड़फोड़, चोरी और चिकित्सकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाओं के बाद निजी सुरक्षा एजेंसी के हवाले सिविल अस्पताल की सुरक्षा का दायित्व दिया गया है। एजेंसी के सुरक्षाकर्मियों ने सेवाएं देना शुरू कर दी है।