मेधावी छात्र सम्मान समारोह: दसवीं-बारहवीं कक्षा के 770 मेधावियों को 73 लाख जारी; सीएम सुक्खू ने किया था एलान
Amar Ujala Medhavi Chhatra Samman Samaroh : अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में सम्मानित हुए शैक्षणिक सत्र 2023 और 2024 के होनहारों को 5 और 25 हजार रुपये प्रति छात्र दिए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की घोषणा को पूरा करते हुए शिक्षा निदेशालय ने दसवीं और बारहवीं कक्षा के 770 मेधावियों को पुरस्कार राशि के तौर पर 73 लाख रुपये जारी कर दिए हैं। अमर उजाला के मेधावी छात्र सम्मान समारोह में सम्मानित हुए शैक्षणिक सत्र 2023 और 2024 के होनहारों को 5 और 25 हजार रुपये प्रति छात्र दिए गए हैं। 110 मेधावियों के बैंक खाते और आईएफएससी कोड गलत मिले हैं। इस बाबत जिला अधिकारियों से तीन दिन में अपडेट जानकारी मांगी गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने पात्र विद्यार्थियों की सत्यापन प्रक्रिया पूरा कर बैंक खातों में पुरस्कार राशि डाल दी है।
अमर उजाला मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2023 और 2024 में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कुल 880 मेधावियों को धनराशि देने का एलान किया था। 2023 के मेधावियों को पांच-पांच हजार और साल 2024 के मेधावियों को मुख्यमंत्री ने 25-25 हजार रुपये की राशि अपनी ऐच्छिक निधि से देने की घोषणा की थी। उच्च शिक्षा निदेशालय ने पुरस्कार राशि देने के लिए मेधावियों का जिला उपनिदेशकों और निजी व सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपलों के माध्यम से सत्यापन करवाया। विस्तृत जानकारी नहीं मिलने के चलते धनराशि को जारी करने में देरी लगी है। अब शिक्षा विभाग ने 770 मेधावियों के लिए पैसा जारी कर दिया है। शेष 110 विद्यार्थियों को पैसा देने के लिए विस्तृत जानकारी मांगी गई है।

बता दें कि 15 सितंबर 2023 और छह अगस्त 2024 को राजधानी शिमला के होटल पीटरहॉफ में अमर उजाला समाचार पत्र की ओर से आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू ने पुरस्करा राशि देने की घोषणा की थी। पात्र मेधावियों के बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड, आधार संख्या और मोबाइल नंबर जैसे आवश्यक विवरण एकत्र करने के बाद अब पैसा जारी किया गया है।
18 वर्ष से कम आयु के छात्रों के माता-पिता या कानूनी अभिभावकों के साथ खुले संयुक्त खाताें में पैसा दिया गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की मेरिट सूची में शामिल सरकारी और निजी स्कूलों (कला, वाणिज्य और विज्ञान) के मेधावियों को पैसा दिया गया है। स्कूल शिक्षा निदेशक ने कहा कि किसी भी देरी या चूक के परिणामस्वरूप पुरस्कार राशि से वंचित मेधावियों के लिए जिला स्तर पर जवाबदेही तय होगी। उन्होंने कहा कि यह मामला महत्वपूर्ण है। इस मामले पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जाए और इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री कार्यालय को शिक्षा विभाग की ओर से इस बाबत रिपोर्ट भेजी जानी है। ऐसे में धनराशि प्राप्त करने से छूटे मेधावियों के संबंध में तीन दिन में जानकारी देने को कहा गया है।