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हिमाचल: सड़क हादसों में 17.8 फीसदी की बढ़ोतरी, मंडी में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं, जानें अन्य जिलों की स्थिति

Thu, 15 Oct 2026 09:08 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Thu, 15 Oct 2026 09:08 PM IST
सार

प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2026 में अब तक प्रदेश में 1476 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जबकि वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 1253 था।

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17.8 increase in Himachal road accidents; Mandi records the highest number of incidents—find out situation in
हिमाचल में सड़क हादसे। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2026 में अब तक प्रदेश में 1476 सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं, जबकि वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान यह आंकड़ा 1253 था। इस तरह एक साल में 223 हादसे बढ़े हैं, जो करीब 17.8 फीसदी की वृद्धि है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक के बावजूद हादसों में बढ़ोतरी सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर चिंता बढ़ा रही है।

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किस जिले में कितने हादसे
प्रदेश पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, मंडी जिला 194 सड़क हादसों के साथ पहले स्थान पर है। शिमला में 186 दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इसके अलावा सिरमौर में 157, ऊना में 134, सोलन में 122, कांगड़ा में 121, कुल्लू में 117, बद्दी में 95, बिलासपुर में 84, देहरा में 61, हमीरपुर में 59, नूरपुर में 45, चंबा में 44, किन्नौर में 31 और लाहौल-स्पीति में 26 हादसे हुए हैं।

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वर्ष 2025 में इसी अवधि में कहा कितने हादसे हुए
वर्ष 2025 में इसी अवधि के दौरान शिमला 169 हादसों के साथ पहले स्थान पर था, जबकि मंडी में 160 दुर्घटनाएं हुई थीं। सिरमौर में 128, ऊना में 118, सोलन में 102, कांगड़ा में 98, कुल्लू में 97, बद्दी में 85 और बिलासपुर में 84 हादसे दर्ज किए गए थे। नूरपुर में 51, चंबा में 47, हमीरपुर में 41, देहरा में 31, किन्नौर में 27 और लाहौल-स्पीति में 15 दुर्घटनाएं हुई थीं। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मंडी और शिमला में हादसों की संख्या सबसे अधिक है।

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पहाड़ी रास्ते और तेज रफ्तार बढ़ा रहे जोखिम
पहाड़ी सड़कों पर संकरे रास्ते, तीखे मोड़, बैरिकेड की कमी, भूस्खलन और पहाड़ों से गिरते पत्थर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं। वहीं, फोरलेन पर तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी भी हादसों की आशंका बढ़ा रही है।
प्रदेश पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी ने कहा कि सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। वाहन चालकों को निर्धारित गति सीमा का पालन करने के साथ पहाड़ी सड़कों पर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पुलिस सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने पर जोर दे रही है।

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