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Bilaspur News: बड़ा लक्ष्य तय करें, अनुशासन से बनाएं सफलता की राह
Thu, 15 Oct 2026 01:11 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 15 Oct 2026 01:11 AM IST
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पनोह स्कूल में बच्चों से संवाद करते मंत्री राजेश धर्माणी। स्रोत: डीपीआरओ
पनोह स्कूल में विद्यार्थियों से रूबरू हुए तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी
बोले- मंच पर बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाएं, स्कूलों में बनेंगे कम्युनिकेशन क्लब
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए केवल पढ़ाई में अच्छा होना ही काफी नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का हुनर भी जरूरी है। विद्यार्थियों को बचपन से ही इन गुणों को अपनाना चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। यह बात तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पनोह में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि स्कूल ही वह जगह है, जहां बच्चों के व्यक्तित्व को सही दिशा मिलती है। इसलिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और मंच पर बोलने का आत्मविश्वास पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कई बार बच्चे प्रतिभाशाली होने के बावजूद लोगों के सामने अपनी बात रखने में झिझकते हैं। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों का स्टेज फियर दूर करने में मदद करें। धर्माणी ने कहा कि बेहतर संवाद कौशल आज के दौर की महत्वपूर्ण जरूरत है। अपनी बात को सरल और सहज तरीके से रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी दूसरों की बात ध्यान से सुनना और समझना भी है। उन्होंने शिक्षकों को स्कूल में कम्युनिकेशन क्लब बनाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने, चर्चा करने और मंच पर बोलने के नियमित अवसर मिल सकें।
मंत्री ने विद्यार्थियों को दिनचर्या में अनुशासन अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि सुबह जल्दी उठना, नियमित व्यायाम करना और समय सारिणी के अनुसार काम करना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि सही निर्णय लेने, जिम्मेदारियों को समझने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की क्षमता विकसित करना भी है। पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा (स्कूल) नरेश चंदेल सहित स्कूल के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।
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बोले- मंच पर बोलने का आत्मविश्वास बढ़ाएं, स्कूलों में बनेंगे कम्युनिकेशन क्लब
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। जीवन में सफलता हासिल करने के लिए केवल पढ़ाई में अच्छा होना ही काफी नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, अनुशासन और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने का हुनर भी जरूरी है। विद्यार्थियों को बचपन से ही इन गुणों को अपनाना चाहिए, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। यह बात तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने बुधवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पनोह में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि स्कूल ही वह जगह है, जहां बच्चों के व्यक्तित्व को सही दिशा मिलती है। इसलिए विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने और मंच पर बोलने का आत्मविश्वास पैदा करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। कई बार बच्चे प्रतिभाशाली होने के बावजूद लोगों के सामने अपनी बात रखने में झिझकते हैं। ऐसे में शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों का स्टेज फियर दूर करने में मदद करें। धर्माणी ने कहा कि बेहतर संवाद कौशल आज के दौर की महत्वपूर्ण जरूरत है। अपनी बात को सरल और सहज तरीके से रखना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी दूसरों की बात ध्यान से सुनना और समझना भी है। उन्होंने शिक्षकों को स्कूल में कम्युनिकेशन क्लब बनाने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को अपने विचार साझा करने, चर्चा करने और मंच पर बोलने के नियमित अवसर मिल सकें।
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मंत्री ने विद्यार्थियों को दिनचर्या में अनुशासन अपनाने की सलाह देते हुए कहा कि सुबह जल्दी उठना, नियमित व्यायाम करना और समय सारिणी के अनुसार काम करना सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। विद्यार्थियों को अपना लक्ष्य तय कर उसे हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान हासिल करना नहीं, बल्कि सही निर्णय लेने, जिम्मेदारियों को समझने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की क्षमता विकसित करना भी है। पढ़ाई के साथ खेलकूद, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थियों में टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है। इस अवसर पर उपनिदेशक उच्च शिक्षा (स्कूल) नरेश चंदेल सहित स्कूल के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।
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