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संस्कृति से जुड़कर नशे से दूर रहें युवा : प्रीतमपाल
Tue, 20 Oct 2026 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 20 Oct 2026 02:03 AM IST
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डीएवी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यातिथि का स्वागत करते लोग। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
रादौर। आर्य युवा समाज की ओर से डीएवी पब्लिक स्कूल रादौर में वैदिक विरासत, नशामुक्त युवा सम्मान समारोह किया गया। मुख्यातिथि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रीतमपाल ने युवाओं को वैदिक संस्कृति से जोड़ने, नैतिक मूल्यों को अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
समारोह में आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष योगी सूरी को वैदिक विरासत के संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने नशामुक्ति पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर जागरूक किया। हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त डीजीपी एवं डीएवी कॉलेज प्रबंधक समिति नई दिल्ली के उपप्रधान अनिल कुमार राव के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। वहीं, स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने आशीर्वचन दिए।
न्यायमूर्ति प्रीतम पाल ने कहा कि वैदिक संस्कृति हमारी पहचान और संस्कारवान समाज की आत्मा है। युवाओं को पाश्चात्य अंधानुकरण से बचाकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना जरूरी है। जब युवा नैतिक मूल्यों को अपनाएंगे, तभी नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकेंगे।
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पूर्व डीजीपी अनिल कुमार राव ने कहा कि अनुशासन, मेहनत और उच्च नैतिक विचार सफलता की असली कुंजी हैं। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा और समाजसेवा में लगानी चाहिए। विद्यालय में मिलने वाले संस्कार जीवनभर मार्गदर्शन करते हैं।
आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। सही मार्गदर्शन, वैदिक विचारों और राष्ट्रभक्ति की भावना से युवा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। युवाओं को नशे की लत से बचाकर उनमें राष्ट्र प्रथम की भावना विकसित करना आर्य युवा समाज का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से वैदिक मूल्यों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। विद्यालय प्राचार्य रमन कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
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रादौर। आर्य युवा समाज की ओर से डीएवी पब्लिक स्कूल रादौर में वैदिक विरासत, नशामुक्त युवा सम्मान समारोह किया गया। मुख्यातिथि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रीतमपाल ने युवाओं को वैदिक संस्कृति से जोड़ने, नैतिक मूल्यों को अपनाने और नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
समारोह में आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष योगी सूरी को वैदिक विरासत के संरक्षण और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने नशामुक्ति पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत कर जागरूक किया। हरियाणा पुलिस के सेवानिवृत्त डीजीपी एवं डीएवी कॉलेज प्रबंधक समिति नई दिल्ली के उपप्रधान अनिल कुमार राव के नेतृत्व में कार्यक्रम हुआ। वहीं, स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने आशीर्वचन दिए।
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न्यायमूर्ति प्रीतम पाल ने कहा कि वैदिक संस्कृति हमारी पहचान और संस्कारवान समाज की आत्मा है। युवाओं को पाश्चात्य अंधानुकरण से बचाकर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना जरूरी है। जब युवा नैतिक मूल्यों को अपनाएंगे, तभी नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर स्वस्थ और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान दे सकेंगे।
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पूर्व डीजीपी अनिल कुमार राव ने कहा कि अनुशासन, मेहनत और उच्च नैतिक विचार सफलता की असली कुंजी हैं। युवाओं को नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा खेल, शिक्षा और समाजसेवा में लगानी चाहिए। विद्यालय में मिलने वाले संस्कार जीवनभर मार्गदर्शन करते हैं।
आर्य युवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगी सूरी ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। सही मार्गदर्शन, वैदिक विचारों और राष्ट्रभक्ति की भावना से युवा देश को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। युवाओं को नशे की लत से बचाकर उनमें राष्ट्र प्रथम की भावना विकसित करना आर्य युवा समाज का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने युवाओं से वैदिक मूल्यों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया। विद्यालय प्राचार्य रमन कुमार शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।