{"_id":"6abd6ed9423d76acb0016364","slug":"youth-express-outrage-over-irregularities-regarding-the-bhagat-singh-chowk-statue-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-163792-2026-10-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: भगत सिंह चौक की प्रतिमा में अनियमितताओं पर युवाओं ने जताया रोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: भगत सिंह चौक की प्रतिमा में अनियमितताओं पर युवाओं ने जताया रोष
विज्ञापन
चौक पर लगी भगत सिंह की प्रतिमा के चेहरे से हटाया गया कपड़ा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के प्रमुख और व्यस्त शहीद भगत सिंह चौक (पुराना फव्वारा चौक) के नवीनीकरण कार्य में अनियमितताओं को लेकर मंगलवार देर रात कुछ युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। करीब एक साल से कपड़े में लपेटकर रखी गई शहीद भगत सिंह की प्रतिमा से युवाओं ने कपड़ा हटा दिया। इसके बाद युवाओं ने प्रतिमा के पास खड़े होकर इंकलाब जिंदाबाद, जय हिंद और जय भारत के नारे लगाए।
युवाओं ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में लोगों से यह भी पूछा गया कि क्या कोई बता सकता है कि यह प्रतिमा किसकी है। युवाओं ने प्रतिमा की बनावट पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह किसी भी एंगल से शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसी नहीं लगती। उनका कहना है कि चौक के नवीनीकरण में बरती गई अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं मेयर सुमन बहमनी का कहना है कि चौक का नवीनीकरण करने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
-- --
15.65 लाख से होना था चौक का नवीनीकरण
करीब 15.65 लाख रुपये की लागत से चौक का नवीनीकरण किया जा रहा है। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका है। निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और चौक पर स्थापित प्रतिमा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। मामला सामने आने के बाद नगर निगम की ओर से संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
विज्ञापन
-- --
साढ़े छह फीट की जगह पांच फीट 11 इंच की प्रतिमा
चौक पर स्थापित प्रतिमा के लिए सबसे बड़ा विवाद उसकी ऊंचाई और स्वरूप को लेकर है। योजना के अनुसार, साढ़े छह फीट ऊंची और आदमकद सामान्य मुद्रा वाली प्रतिमा लगाई जानी थी। हालांकि मौके पर स्थापित प्रतिमा की ऊंचाई करीब पांच फीट 11 इंच बताई गई। इसके अलावा प्रतिमा में हाथ ऊपर उठाया गया है जबकि योजना के अनुसार सामान्य मुद्रा में प्रतिमा लगाने की बात थी। शहीद भगत सिंह चौक के नवीनीकरण की योजना वर्ष 2022 में तैयार की गई थी। चौक के डिजाइन को अंतिम रूप देने में ही काफी समय लगा। इसके बाद 10 जनवरी 2025 को तत्कालीन विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने परियोजना का शिलान्यास किया था।
विज्ञापन
यमुनानगर। शहर के प्रमुख और व्यस्त शहीद भगत सिंह चौक (पुराना फव्वारा चौक) के नवीनीकरण कार्य में अनियमितताओं को लेकर मंगलवार देर रात कुछ युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा। करीब एक साल से कपड़े में लपेटकर रखी गई शहीद भगत सिंह की प्रतिमा से युवाओं ने कपड़ा हटा दिया। इसके बाद युवाओं ने प्रतिमा के पास खड़े होकर इंकलाब जिंदाबाद, जय हिंद और जय भारत के नारे लगाए।
युवाओं ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में लोगों से यह भी पूछा गया कि क्या कोई बता सकता है कि यह प्रतिमा किसकी है। युवाओं ने प्रतिमा की बनावट पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि यह किसी भी एंगल से शहीद-ए-आजम भगत सिंह जैसी नहीं लगती। उनका कहना है कि चौक के नवीनीकरण में बरती गई अनियमितताओं की जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं मेयर सुमन बहमनी का कहना है कि चौक का नवीनीकरण करने वाली एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
15.65 लाख से होना था चौक का नवीनीकरण
करीब 15.65 लाख रुपये की लागत से चौक का नवीनीकरण किया जा रहा है। निर्धारित समय सीमा बीतने के बावजूद काम पूरा नहीं हो सका है। निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और चौक पर स्थापित प्रतिमा को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। मामला सामने आने के बाद नगर निगम की ओर से संबंधित एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।
विज्ञापन
साढ़े छह फीट की जगह पांच फीट 11 इंच की प्रतिमा
चौक पर स्थापित प्रतिमा के लिए सबसे बड़ा विवाद उसकी ऊंचाई और स्वरूप को लेकर है। योजना के अनुसार, साढ़े छह फीट ऊंची और आदमकद सामान्य मुद्रा वाली प्रतिमा लगाई जानी थी। हालांकि मौके पर स्थापित प्रतिमा की ऊंचाई करीब पांच फीट 11 इंच बताई गई। इसके अलावा प्रतिमा में हाथ ऊपर उठाया गया है जबकि योजना के अनुसार सामान्य मुद्रा में प्रतिमा लगाने की बात थी। शहीद भगत सिंह चौक के नवीनीकरण की योजना वर्ष 2022 में तैयार की गई थी। चौक के डिजाइन को अंतिम रूप देने में ही काफी समय लगा। इसके बाद 10 जनवरी 2025 को तत्कालीन विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने परियोजना का शिलान्यास किया था।