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Yamuna Nagar News: स्कूल जाने के लिए रोजाना कीचड़ से गुजरते हैं छोटे बच्चे
Fri, 06 Feb 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Feb 2026 02:01 AM IST
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बाड़ी माजरा राजकीय विद्यालय के पास सड़क पर जमा कीचड़। संवाद
अभय सिंह
जगाधरी। पुराने दौर के बुजुर्गाें से अक्सर यह सुना होगा कि वे नदी, नाला पार करके स्कूल पढ़ते जाते थे। वहीं यदि यह बात आज के लिए कही जाए तो बेमानी लगेगी। परंतु यह हालात शहर के बाड़ी माजरा कॉलोनी के राजकीय प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक विद्यालय के हैं।
यहां के हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चे तो दूर बड़ों का निकलना भी जान आफत में डालना है। शहर के विकास के दावों असली तस्वरी बाड़ी माजरा स्थित प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक विद्यालय के बाहर दिखाई देती है। सरकारी दावों और विकास के नारों की पोल खोलती तस्वीरें राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय के बाहर की हैं, जहां बच्चों को पढ़ाई से पहले कीचड़, गड्ढों और गंदे पानी से जूझना पड़ रहा है।
स्कूल के मुख्य द्वार तक पहुंचने वाला यही एकमात्र रास्ता पानी व कीचड़ में डूबा रहता है। सड़क पर जगह-जगह भरे पानी और गहरे गड्ढे स्कूली बच्चों बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और राहगीरों के लिए भी मुसीबत बने हुए हैं। बच्चे इतने गंभीर हालात में यहां से गुजरते हैं कि अभिभावकों को हरदम हादसे का डर बना रहा है।
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स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को रोजाना कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कपड़े और जूते गंदे होना तो रोजमर्रा की बात है। सबसे ज्यादा दिक्कत प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए है। सात आठ वर्ष के बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से निकलते हुए देख आसपास के लोग बच्चों को खतरों का खिलाड़ी कहते हैं।
लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था की गई। जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। संवाद
मामला गंभीर है। शुक्रवार को टीम मौके पर भेजेंगे। स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रशासन से जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। -केएस संधावा, जिला शिक्षा परियोजना समन्वयक।
बाड़ी माजरा में टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। संबंधी विभाग से इसका समाधान करवाया जाएगा। बच्चों को स्कूल आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -सुमन बहमनी, मेयर।
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जगाधरी। पुराने दौर के बुजुर्गाें से अक्सर यह सुना होगा कि वे नदी, नाला पार करके स्कूल पढ़ते जाते थे। वहीं यदि यह बात आज के लिए कही जाए तो बेमानी लगेगी। परंतु यह हालात शहर के बाड़ी माजरा कॉलोनी के राजकीय प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक विद्यालय के हैं।
यहां के हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चे तो दूर बड़ों का निकलना भी जान आफत में डालना है। शहर के विकास के दावों असली तस्वरी बाड़ी माजरा स्थित प्राथमिक पाठशाला और माध्यमिक विद्यालय के बाहर दिखाई देती है। सरकारी दावों और विकास के नारों की पोल खोलती तस्वीरें राजकीय प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालय के बाहर की हैं, जहां बच्चों को पढ़ाई से पहले कीचड़, गड्ढों और गंदे पानी से जूझना पड़ रहा है।
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स्कूल के मुख्य द्वार तक पहुंचने वाला यही एकमात्र रास्ता पानी व कीचड़ में डूबा रहता है। सड़क पर जगह-जगह भरे पानी और गहरे गड्ढे स्कूली बच्चों बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और राहगीरों के लिए भी मुसीबत बने हुए हैं। बच्चे इतने गंभीर हालात में यहां से गुजरते हैं कि अभिभावकों को हरदम हादसे का डर बना रहा है।
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स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को रोजाना कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है। कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। कपड़े और जूते गंदे होना तो रोजमर्रा की बात है। सबसे ज्यादा दिक्कत प्राइमरी स्कूल के बच्चों के लिए है। सात आठ वर्ष के बच्चे कीचड़ भरे रास्ते से निकलते हुए देख आसपास के लोग बच्चों को खतरों का खिलाड़ी कहते हैं।
लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन न तो सड़क की मरम्मत हुई और न ही पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था की गई। जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग आंखें मूंदे बैठे हैं। संवाद
मामला गंभीर है। शुक्रवार को टीम मौके पर भेजेंगे। स्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी। प्रशासन से जल्द ही समस्या का समाधान करा दिया जाएगा। -केएस संधावा, जिला शिक्षा परियोजना समन्वयक।
बाड़ी माजरा में टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। संबंधी विभाग से इसका समाधान करवाया जाएगा। बच्चों को स्कूल आने-जाने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। -सुमन बहमनी, मेयर।

बाड़ी माजरा राजकीय विद्यालय के पास सड़क पर जमा कीचड़। संवाद

बाड़ी माजरा राजकीय विद्यालय के पास सड़क पर जमा कीचड़। संवाद