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डेढ़ लाख क्यूसिक पानी आने से क्षेत्र में यमुना उफान पर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2016 11:56 PM IST
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यमुना में बढ़ात जलस्तर
- फोटो : अमर उजाला
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पहाड़ों में हुई भारी बारिश के बाद हथनीकुंड बैराज से निकले डेढ़ लाख क्यूसिक से अधिक पानी के कारण यमुना नदी वीरवार को उफान पर रही। जठलाना क्षेत्र के लोग अलग अलग घाटों पर बैठकर यमुना की स्थिति पर दिनभर नजर रखते रहे। प्रशासन की ओर से बीडीपीओ रादौर दीनानाथ शर्मा, अर्जुन पंडित यमुना नदी के अलग अलग घाटों पर दौरे कर स्थिति का जायजा लेते रहे। इस बीच यमुना में पानी आने से गांव संधाला में लगभग दस एकड़ भूमि फसलों सहित यमुना नदी में समा गई है।
यमुना नदी पार डेरों में रहने वाले व पौबारी गांव के लोगों का क्षेत्र व जिले से पूरी तरह संपर्क टूट चुका है। यहां के लोग अब यूपी के रास्ते ही जठलाना क्षेत्र में आ सकते हैं। विद्यार्थी यमुना नदी का जल स्तर पूरी तरह से कम होने के बाद ही स्कूल कॉलेज जा सकेंगे।
जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला, डॉ. सुदेश बंसल, वरयामसिंह, राजकुमार संधू ने बताया कि वीरवार को यमुना में आई बाढ़ से संधाला गांव के पास 10 से अधिक एकड़ भूमि ढह लगने से यमुना नदी में फसलों सहित समा गई है। अब यमुना का क्षेत्र गांव संधाला, गुमथला, लालछप्पर, उन्हेडी गांव तक पहुंच गया है। इन गांवों के अस्तित्व को भविष्य में खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने बताया कि यूपी साइड पटरी बनने से यमुना का सारा पानी जठलाना क्षेत्र के यमुनानदी किनारे बसे गांव की ओर मार कर रहा है। इससे पहले यमुना की बाढ़ से नगला रांगडान, नगली, करहेडा, प्रहलादपुर, माजरी, नुकुभ आदि गांव के अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। आने वाले समय में जिस प्रकार यमुना गुमथला, संधाला व लालछप्पर की ओर बढ़ रही है। इससे इन गांवों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया है।
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यमुना नदी पार डेरों में रहने वाले व पौबारी गांव के लोगों का क्षेत्र व जिले से पूरी तरह संपर्क टूट चुका है। यहां के लोग अब यूपी के रास्ते ही जठलाना क्षेत्र में आ सकते हैं। विद्यार्थी यमुना नदी का जल स्तर पूरी तरह से कम होने के बाद ही स्कूल कॉलेज जा सकेंगे।
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जिला परिषद सदस्य शिवकुमार संधाला, डॉ. सुदेश बंसल, वरयामसिंह, राजकुमार संधू ने बताया कि वीरवार को यमुना में आई बाढ़ से संधाला गांव के पास 10 से अधिक एकड़ भूमि ढह लगने से यमुना नदी में फसलों सहित समा गई है। अब यमुना का क्षेत्र गांव संधाला, गुमथला, लालछप्पर, उन्हेडी गांव तक पहुंच गया है। इन गांवों के अस्तित्व को भविष्य में खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने बताया कि यूपी साइड पटरी बनने से यमुना का सारा पानी जठलाना क्षेत्र के यमुनानदी किनारे बसे गांव की ओर मार कर रहा है। इससे पहले यमुना की बाढ़ से नगला रांगडान, नगली, करहेडा, प्रहलादपुर, माजरी, नुकुभ आदि गांव के अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। आने वाले समय में जिस प्रकार यमुना गुमथला, संधाला व लालछप्पर की ओर बढ़ रही है। इससे इन गांवों के लिए भी खतरा खड़ा हो गया है।
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