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खतरे के निशान से नीचे उतरा यमुना का जलस्तर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Jul 2016 12:31 AM IST
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यमुना नदी में
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जिले में चौथे दिन रविवार दोपहर तक रुक-रुककर बरसात होती रही। सबसे ज्यादा 98 एमएम बरसात ताजेवाला क्षेत्र में हुई, जबकि शेष जिले में औसत 16 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। वहीं, यमुना नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान से नीचे आ गया। शनिवार के एक लाख छह हजार से घटकर रविवार को यमुना में अधिकतम 61 हजार 485 क्यूसिक पानी रहा।
बता दें कि चार दिन से मैदानी व पहाड़ी और कैचमेंट एरिया में रुक-रुक कर हो रही है। इससे स्थानीय नदियां व नहरे उफान पर हैं, वहीं शनिवार को यमुना का जलस्तर भी खतरे के निशान पर पहुंच गया था। जबकि रविवार को यमुना का जलस्तर शाम पांच बजे तक घटकर 49174 क्यूसिक रह गया और रविवार दोपहर को तीन बजे अधिकतम जलस्तर 61485 दर्ज किया गया। शनिवार को यमुना के जलस्तर बढ़ने के बाद से इजेसी, डब्ल्यूजेसी व सहायक नदियों को बंद कर दिया गया है।
यमुना नदी के पास लगते गांवों में किसी भी प्रकार के पानी घुसने व नुकसान की कोई सूचना नहीं है। किसी भी स्थिति और बाढ़ से निपटने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी हथनीकुंड बैराज पर हर पल यमुना के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। कैचमेंट एरिया में 24 घंटों से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे यमुना में कचरा व गंदा पानी आ रहा है। इसकी वजह से हाइडल की ओर जाने वाली नहरों को बंद कर दिया गया है।
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बता दें कि चार दिन से मैदानी व पहाड़ी और कैचमेंट एरिया में रुक-रुक कर हो रही है। इससे स्थानीय नदियां व नहरे उफान पर हैं, वहीं शनिवार को यमुना का जलस्तर भी खतरे के निशान पर पहुंच गया था। जबकि रविवार को यमुना का जलस्तर शाम पांच बजे तक घटकर 49174 क्यूसिक रह गया और रविवार दोपहर को तीन बजे अधिकतम जलस्तर 61485 दर्ज किया गया। शनिवार को यमुना के जलस्तर बढ़ने के बाद से इजेसी, डब्ल्यूजेसी व सहायक नदियों को बंद कर दिया गया है।
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यमुना नदी के पास लगते गांवों में किसी भी प्रकार के पानी घुसने व नुकसान की कोई सूचना नहीं है। किसी भी स्थिति और बाढ़ से निपटने के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी हथनीकुंड बैराज पर हर पल यमुना के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं। कैचमेंट एरिया में 24 घंटों से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे यमुना में कचरा व गंदा पानी आ रहा है। इसकी वजह से हाइडल की ओर जाने वाली नहरों को बंद कर दिया गया है।
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