{"_id":"6784f114a0d5541e00056b16","slug":"yamunanagar-police-arrested-three-accused-recovered-22-bikes-2025-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश: यमुनानगर पुलिस ने तीन आरोपी पकड़े, 22 बाइक बरामद, यूपी में बचते थे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश: यमुनानगर पुलिस ने तीन आरोपी पकड़े, 22 बाइक बरामद, यूपी में बचते थे
Mon, 13 Jan 2025 04:25 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 13 Jan 2025 04:25 PM IST
सार
पुलिस ने हरियाणा से बाइक चोरी कर यूपी में बेचने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। गिरोह के तीन आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनके कब्जे से 22 बाइक बरामद हुई है।
विज्ञापन
पुलिस हिरासत में तीनों आरोपी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के यमुनानगर पुलिस ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीआईए-2 टीम ने वाहन चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से चोरी की 22 बाइक भी बरामद की गई हैं। गिरोह के कई अन्य सदस्य अभी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को दो दिन की रिमांड पर लिया है। आरोपियों से 20 से अधिक बाइक और बरामद की जानी है।
विज्ञापन
सोमवार को डीएसपी राजेश कुमार ने सीआईए-2 कार्यालय में प्रेसवार्ता की। डीएसपी के मुतबिक, काफी समय से जिले में वाहन चोरी की घटनाएं हो रही थी। वाहन चोरी को रोकने के लिए टीमों को लगाया गया था। सीआईए-2 के प्रभारी राज कुमार ने अपनी टीम के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान विष्णु कॉलोनी निवासी आकाश, रामेश्वर शाह और गुलाब नगर चौक निवासी हरिंदर उर्फ हांडा के रूप में हुई।
विज्ञापन
मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आरोपी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। काफी समय से विष्णु नहर में किराए के मकान में रह रहे थे। आरोपियों ने 40 से अधिक वाहन चोरी करने की बात कबूल की। पुलिस तीनों के कब्जे से चोरी की 22 बाइक बरामद की गई है। आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन की रिमांड पर लिया है। दोनों से 20 से अधिक बाइक ओर बरामद की जानी है।
विज्ञापन
यूपी में चार से पांच हजार में बेचते थे बाइक
पूछताछ में पता चला है कि गैंग के सदस्य संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे। एक युवक बाइक सवार का पीछा करता था। जबकि, एक रेकी करता था। इसके बाद तीसरा युवक बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देता था। इसके बाद आरोपी बाइक को कुछ दिन के लिए छुपा देते थे। इसके बाद चोरी की बाइक को यूपी में चार से पांच हजार रुपये में बेच दिया जाता था। पुलिस बाइक को बेचने में मदद करने वालों की भी तलाश कर रही है।