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साहब, शहर को बचाने के लिए करवाएं पानी निकासी के उचित प्रबंध
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:00 AM IST
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शहरवासियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया।
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उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेशाध्यक्ष महेंद्र मित्तल के नेतृत्व में काफी संख्या में शहरवासी, दुकानदार व व्यापारी सोमवार को लघु सचिवालय में पहुंचे। पानी निकासी के उचित प्रबंध न होने पर उन्होंने यहां प्रशासन के प्रति रोष जताया। बताया कि पानी भरने से शहरवासियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। यदि प्रशासन समय रहते शहर में पानी की निकासी के प्रबंध कर देता तो आज ये हालात देखने को नहीं मिलते।
मित्तल ने कहा कि बाढ़ बचाव कार्यों के लिए करोड़ों रुपये हर वर्ष खर्च किये जाते हैं जो सब नाम मात्र के दिखावे हैं। नगर में सभी नालों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। नगर निगम राजनीतिक महत्वाकांक्षा में पिस गया है। ज्ञापन में बरसात से हुए नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की गई। इस मौके पर गुरविंद्र सिंह, विकास कपूर, राजेश कांबोज, राजेश श्रीवास्तव, चरणजीत सिंह, प्रदेश महामंत्री विक्रम चौहान, प्रवक्ता व प्रदेश महासचिव संजय मित्तल, गुलाब सिंह, यशपाल, रवि अंठाले, अश्वनी शर्मा, विनय कुमार, अलोक खुराना आदि मौजूद रहे।
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नालों से कब्जे हटे तो सुधरे हालात :
ज्ञापन में बताया कि शहर में लगभग सभी नाले बंद हैं। रादौर रोड पर तीन नाले थे, जिन पर अब अवैध अतिक्रमण हो चुका है। स्टार्च मिल फाटक का नाला, रादौर रोड पर मस्जिद के सामने दो नाले, शुगर मिल के पास वाला नाला, रादौर रोड फाटक के पार का नाला, टेगौर गार्डन में गुजरता हुआ नाला, फ्लाईओवर से कैंप-पटेल नगर के नाले, कमानी चौक के नालों पर अवैध कब्जे पाए गए। जिसके चलते पानी की उचित निकासी नहीं हो पाती। यदि नालों से अतिक्रमण हटे तो हालात सुधर सकते हैं।
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मित्तल ने कहा कि बाढ़ बचाव कार्यों के लिए करोड़ों रुपये हर वर्ष खर्च किये जाते हैं जो सब नाम मात्र के दिखावे हैं। नगर में सभी नालों पर अवैध कब्जे हो चुके हैं। नगर निगम राजनीतिक महत्वाकांक्षा में पिस गया है। ज्ञापन में बरसात से हुए नुकसान का मुआवजा देने की भी मांग की गई। इस मौके पर गुरविंद्र सिंह, विकास कपूर, राजेश कांबोज, राजेश श्रीवास्तव, चरणजीत सिंह, प्रदेश महामंत्री विक्रम चौहान, प्रवक्ता व प्रदेश महासचिव संजय मित्तल, गुलाब सिंह, यशपाल, रवि अंठाले, अश्वनी शर्मा, विनय कुमार, अलोक खुराना आदि मौजूद रहे।
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नालों से कब्जे हटे तो सुधरे हालात :
ज्ञापन में बताया कि शहर में लगभग सभी नाले बंद हैं। रादौर रोड पर तीन नाले थे, जिन पर अब अवैध अतिक्रमण हो चुका है। स्टार्च मिल फाटक का नाला, रादौर रोड पर मस्जिद के सामने दो नाले, शुगर मिल के पास वाला नाला, रादौर रोड फाटक के पार का नाला, टेगौर गार्डन में गुजरता हुआ नाला, फ्लाईओवर से कैंप-पटेल नगर के नाले, कमानी चौक के नालों पर अवैध कब्जे पाए गए। जिसके चलते पानी की उचित निकासी नहीं हो पाती। यदि नालों से अतिक्रमण हटे तो हालात सुधर सकते हैं।
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