फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   yamuna nagar, hadso ke jimmvevar kaun

प्रशासन नहीं निकाल रहा तोड़, हादसा हो तो कौन जिम्मेदार?

Mon, 19 Dec 2016 12:07 AM IST
amar ujala beuro yamunanagar
amar ujala beuro yamunanagar Updated Mon, 19 Dec 2016 12:07 AM IST
विज्ञापन
yamuna nagar,  hadso ke jimmvevar kaun
l - फोटो : amar ujala
 बीते वर्षों की तरह सड़क दुघर्टनाओं की ट्रैक्टर-ट्रॉलियां एक बड़ी वजह बन सकती हैं। चूंकि जिले में बिना रिफ्लेक्टर और नंबरप्लेट के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सरपट दौड़ रही हैं। कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के ऑवरलोडिंड होने से उनमें लगे रिफ्लेक्टर छिपने से वह किसी काम नहीं आ रहे हैं। ऐसे में जाम का सबब बन रही यह ट्रैक्टर-ट्रॉलियां कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकती हैं। इस दिशा में ट्रैफिक व आरटीए विभाग कार्रवाई कर सकते हैं, बावजूद इसके चालक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को नियमों को ताक पर रख सरपट दौड़ा रहे हैं।
विज्ञापन

बता दें कि यमुनानगर में दो राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-73 व 73ए अन्य कई राज्यमार्ग गुजर रहे हैं।

शहरी सड़कों से राजस्थान, पंजाब, यूपी, हिमाचल, उत्तराखंड व चंडीगढ़ सहित आसपास के जिलों का ट्रैफिक निकलता है। ट्रैफिक के लगातार बढ़ते दबाव के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रही हैं, क्योंकि गन्ने, प्लाई, लक्कड़, भूसा व अन्य सामान को लाने-ले जाने को इनका इस्तेमाल बहुतायत होने लगा है। फेरे कम कर डीजल और समय की बचत के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को क्षमता से अधिक सामान लोड किया जा रहा है, जिनमें से अधिकांश पर न तो नंबर प्लेट है और न ही रिफ्लेक्टर लगे हैं। ऐसा ही कुछ नजारा सड़कों पर आम देखा जा सकता है, किंतु इस दिशा में संबंधित विभाग कार्रवाई करते नहीं दिख रहे हैं।
विज्ञापन


इन पर कैसे लगेगा रिफ्लेक्टर?
कई ट्रॉलियों के स्पोटर (डाले) हटाकर उनमें दो-तीन फुट पीछे तक प्लाई पत्ता, भूसा व अन्य भारी सामान लोड कर दिया जाता है। जबकि दोनों ओर भी ट्रॉली के तीन-तीन फुट तक सामान बांध दिया जाता है। इससे छह फुट चौड़ी ट्रॉली12 फुट तक सड़क पर जगह घेर कर चलती हैं, जिससे उन पर रिफ्लेक्टर लगे भी हों, तो दिखते नहीं हैं। जबकि आगे ट्रॉली को लेकर चल रहे ट्रैक्टर की चौड़ाई पांच फुट होती है। इससे चालक को पीछे से कौन-सा वाहन या राहगीर आ-जा रहा है, कुछ स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाती है। ट्रैक्टर चालक के जरा-सी साइड लेने पर भी पीछे चल रहा वाहन चालक के दुघर्टनाग्रस्त होने की संभावना रहती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जबकि बिन रिफ्लेक्टर के ऑवरलोडिड ट्रॉली धुंध में सड़क हादसों को न्यौता देती नजर आती है। चूंकि ट्रॉली में ब्रेक नहीं होते हैं। ऐसे में अगर वह ऑवरलोड है, तो ट्रैक्टर की ब्रेक लगते वह ट्रॉली के जोरदार दबाव से घुम जाता है। अधिक्कतर मामलों में ट्रॉली के पलटने व अन्य वाहन से टकराने के पीछे यही वजह रहती है। इससे जाम की दिक्कत के साथ जानमाल की भी हानि होती है।

ट्रैक्टर-ट्रॉली व भारी वाहनों की एंट्री का हो अलग समय
 रोड सेफ्टी ऑरगेनाइजेशन के जिला महासचिव अवतार सिंह चुघ का कहना है कि जिले से पांच राज्यों व स्थानीय ट्रैफिक का दबाव बढ़ रहा है, ऐसे में सामान लेकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही का टाइम बोंड होना चाहिए। प्रशासन ट्रैक्टर-ट्रॉली समेत सभी भारी वाहनों की एंट्री का समय रात ग्यारह से सुबह छह बजे तक निर्धारित करे, जबकि अन्य 17 घंटे छोटे वाहनों की सुरक्षित आवाजाही के लिए तय हों। साथ ही उन पर फोग सीजन में रिफ्लेक्टर लगे होने चाहिए। इससे कुछ हद तक जाम की दिक्कत के साथ हादसों के ग्राफ को भी कम किया जा सकता है।


इन बिंदुओं पर भी अमल जरूरी:-
-ट्रॉली में करीब छह फुट ऊंचाई तक सामान लोड हो, अधिक पर ऑवरलोड मान चालान कार्रवाई की जाए।
-फोग सीजन में ट्रॉलियों के चारों ओर रिफ्लेक्टर व रिफलेक्टर टेप लगाई जाए।
-ट्रैक्टर-ट्रॉली को निर्धारित रफ्तार से ही चलाया जाए।
-शहर में ऑवरलोड वाहनों को रोकने को प्रवेश मार्गों पर बेरिकेटिंग हो सकती है, जिसे एंट्री समय पर ही खोला जाए।
-ट्रॉली के पीछे भी ट्रैक्टर नंबर अंकित हो, ताकि नियम उल्लघंन पर कार्रवाई हो सके।
-ट्रॉली बेचने वाली कंपनी द्वारा ही उसके चारों ओर रिफ्लेक्टर लगाए जा सकते हैं।

फोग सीजन में हादसों पर अंकुश लगाने हेतू खासकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों समेत अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर व रिफ्लेक्टर टेप लगाने का अभियान जारी है। अब तक करीब चार हजार वाहनों पर रिफ्लेक्टर व रिफ्लेक्टर टेप लगाए जा चुके हैं। शुगर मिल में पिऱ्राई हेतू गन्ना लेकर आने वाली हर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर रिफ्लेक्टर व रिफ्लेक्टर टेप लगाए जा रहे हैं। ऑवरलोडिड वाहनों के चालान कार्रवाई भी की जाती है।
निर्मल सिंह, प्रभारी, यातायात थाना।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed