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कही मातम में न बदल जाए दीवाली की खुशियां...

Mon, 24 Oct 2016 11:59 PM IST
amar ujala beuro yamunanagar
amar ujala beuro yamunanagar Updated Mon, 24 Oct 2016 11:59 PM IST
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yamuna nagar, dipawli patakha,fire
s - फोटो : s
 दीवाली में पटाखों की बिक्री के लिए गोदामों में भारी मात्रा में पटाखों का स्टाक किया गया है। इन गोदामों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। पदाखा गोदाम में यदि कोई हादसा हुआ तो आसपास रहने वालों की जान खतरे में पड़ सकती हैं। पटाखा विक्रेताओं को जारी किए जाने वाली लाइसेंस के रिन्युवल के लिए संबंधित विभागों से एनओसी लेने का प्रावधान है, लेकिन लाइसेंस रिन्युअल में एनओसी को भी नजरअंदाज किया जा रहा है।
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दीवाली में जिले भर में करोड़ों रुपये के पटाखों की बिक्री होती है। जिले में पटाखों के डेढ़ दर्जन से अधिक थोक विक्रेता हैं। पटाखों के गोदाम जगाधरी, बूड़िया रोड व जोडिय़ा नाके के नजदीक हैं। जोडिय़ा नाके के नजदीक गलियों में गोदाम बने हुए हैं। इन गोदामों में भारी मात्रा में पटाखों का स्टाक किया हुआ है। कहने को ये गोदाम थोक विके्रताओं के हैं, लेकिन यहां पटाखों की फुटकर बिक्री भी की जा रही है। लोगों को आकर्षित करने के लिए पटाखा विक्रेताओं ने जगह-जगह अपने बोर्ड लगाए हैं। थोक विक्रेता से सस्ते पटाखे मिलने के लालच में लोग इन गोदामों में आकर पटाखे खरीदते हैं। गोदाम के भीतर आग बुझाने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नहीं किए जाते हैं। गोदाम में इतनी अधिक मात्रा में पटाखों का स्टाक किया जाता है कि यदि आग लगने पर इन यंत्रों से आग को नियंत्रित करना नामुकिन है। इतना ही नहीं, जिला प्रशासन द्वारा पटाखों की बिक्री को लेकर कुछ नियम निर्धारित किए हैं। लेकिन थोक विक्रेताओं द्वारा इन नियमों की अनदेखी की जा रही है।
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-गोदामों के नजदीक र्हैं फैक्ट्रियां
गोदामों के नजदीक रिहाइशी भवन तो हैं ही, यहां दर्जनों प्लाई फैक्ट्रियां भी है। इन फैक्ट्रियों में खुले में लकड़ी प्लाई पत्ता व अन्य कच्चा माल पड़ा रहता है। पटाखा गोदाम में आग लगने की दशा में इन फैक्ट्रियों तक भी आग पहुंच सकती है।
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-लाइसेंस रिन्युअल के लिए नहीं ली जा रही एनओसी-
पटाखों के थोक विक्रेताओं का लाइसेंस हर पांच साल बाद रिन्यू किया जाता है। रिन्युअल के लिए संबंधित विभागों से एनओसी लेना अनिवार्य है। इसके लिए दमकल विभाग की एनओसी अहम होती है। लेकिन पिछले कई सालों से पटाखों के थोक विक्रेताओं ने दमकल विभाग से कोई एनओसी नहीं ली है।

-पटाखों की बिक्री के लिए ये हैं नियम
-कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 2008 के तहत जारी लाईसेंस के बिना व बाजार के भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पटाखों/विस्फोटक पदार्थो की बिक्री व संचय नहीं करेगा तथा कोई भी दुकानदार निर्धारित मात्रा से अधिक पटाखों को स्टोर नही कर सकता।  
-राकेट व तेज गति से चलने वाली सुररी व खतरनाक किस्म के एटम बम जैसे पटाखों की बिक्री पर पूर्ण रूप से पाबंदी है।
-पटाखा फटने से चार मीटर की दूरी पर ध्वनि स्तर 125 डी.बी.(ए.)अथवा 145 डी.बी.(सी) पी. के. से अधिक ध्वनि करने वाले बम व पटाखों के निर्माण, बिक्री व इस्तेमाल पर प्रतिबंध है।

-प्रत्येक पटाखा विक्रेता की दुकान के आगे कम से कम 50 मीटर का खुला क्षेत्र होना चाहिए तथा दुकानें अग्निरोधक वस्तुओं से बनी हुई होनी चाहिए।
-पटाखे बेचने के स्थान पर अग्निशमन यन्त्र तैयार हालत में होना चाहिए।
 -प्रात: 8 बजे से रात्रि 8 बजे के बीच ही पटाखे बेचे जा सकते हैं।  
-प्रत्येक पटाखा विक्रेता के लिए अपनी दुकान के पास पानी व रेत से भी हुई बाल्टियां रखना अनिवार्य है।

पटाखों की बिक्री के लिए विस्फोटक डिपार्टमेंट से लाइसेंस लिया जाता है। पटाखा बिक्री का लाइसेंस रिन्यू करने के लिए दमकल विभाग से भी एनओसी लेना अनिवार्य है, लेकिन पिछले कई सालों से दमकल विभाग से किसी भी थोक पटाखा विक्रेता ने कोई एनओसी नहीं ली है।
गुलशन कालड़ा, फायर आफिसर, दमकल विभाग।
 
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