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Yamuna Nagar News: बजट के अभाव में अटका शहर की सड़कों का काम
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यमुनानगर। नगर निगम ने शहरी क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की सड़कों को टेकओवर करने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। इसके अलावा बजट न होने से शहर की प्रमुख सड़कों का काम अटका हुआ है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने नगर निगम को ऑफर दिया था कि शहरी क्षेत्र से उनकी जो सड़के गुजर रही हैं उन्हें नगर निगम अपने अधीन कर लें। वहीं नगर निगम अधिकारियों का तर्क है कि बजट के अभाव के चलते वह पीडब्ल्यूडी की सड़कों को अपने अधीन नहीं कर सकते। शहरी क्षेत्र में पहले ही उनकी सड़कें बजट के अभाव में खस्ता हाल हैं। यदि नगर निगम पीडब्ल्यूडी की सड़कों को अपने अधीन कर लेता तो इससे शहरवासियों को काफी फायदा होता।
जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की तीन मुख्य सड़कें हैं। इनमें जगाधरी के अग्रसेन चौक से लेकर रेलवे स्टेशन यमुनानगर रोड, भगत सिंह चौक से लेकर जगाधरी वर्कशाप रोड व कैल से कलानौर तक पुराना नेशनल हाईवे शामिल है। यह तीनों ही रोड शहर के सबसे प्रमुख रोड हैं। इन पर सबसे ज्यादा वाहन चलते हैं। तीनों सड़कों से एक दिन में करीब एक लाख वाहन चलते हैं। इनमें जगाधरी वर्कशाॅप रोड की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कैल से कलानौर तक पुराना हाईवे अभी बनकर तैयार हुआ है। जबकि अग्रसेन चौक से रेलवे स्टेशन रोड को बनाने की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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जब दो विभागों में उलझ जाता है मामला:
शहरवासियों को सबसे ज्यादा दिक्कत तब होती है जब मामला दो विभागों के बीच में उलझ जाता है। शहर के भीतर की सड़कें जब टूटती हैं तो लोग उन्हें बनवाने के लिए नगर निगम अधिकारियों के पास जाते हैं। तब नगर निगम अधिकारियों का जवाब होता है कि यह सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। इसलिए वह इन्हें नहीं बना सकते। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। लोगों को टूटी सड़कों पर ही सफर करना होता है। जबकि शहरी क्षेत्र में लोगों को सभी सुविधाएं देना नगर निगम की जिम्मेदारी है। ऐसे में मामला जब दो विभागों में फंस जाए तो खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
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पार्षद बोले, नगर निगम के पास ही हों सड़कें:
पार्षद विनोद मरवाह, निर्मल चौहान, राम आसरे का कहना है कि एक तरफ तो मेयर मदन चौहान सभाओं में कहते हैं नगर निगम में पैसे की कोई कमी नहीं है। यदि शहरी क्षेत्र की सभी सड़कें नगर निगम के पास होंगी तो उसका फायदा लोगों को ही होगा। मेयर ने साढ़े चार साल में शहर की भलाई के लिए कोई काम नहीं किया। साढ़े चार साल में मेयर शहरवासियों के लिए कोई एक उपलब्धि नहीं गिनवा सकते। यदि नगर निगम तीन सड़कों की मरम्मत करवाने में भी असमर्थ है तो उसी से शहर की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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बजट की कमी के चलते नहीं ली सड़कें: विकास धीमान
नगर निगम के एक्सईएन विकास धीमान का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने शहरी क्षेत्र की सभी सड़कों को पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने का प्रस्ताव दिया था। परंतु बजट की कमी के चलते पीडब्ल्यूडी की सड़कों को टेकओवर करना संभव नहीं है। फिलहाल सारा ध्यान नगर निगम की सड़कों की मरम्मत कराने पर है।
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जानकारी के अनुसार शहरी क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी की तीन मुख्य सड़कें हैं। इनमें जगाधरी के अग्रसेन चौक से लेकर रेलवे स्टेशन यमुनानगर रोड, भगत सिंह चौक से लेकर जगाधरी वर्कशाप रोड व कैल से कलानौर तक पुराना नेशनल हाईवे शामिल है। यह तीनों ही रोड शहर के सबसे प्रमुख रोड हैं। इन पर सबसे ज्यादा वाहन चलते हैं। तीनों सड़कों से एक दिन में करीब एक लाख वाहन चलते हैं। इनमें जगाधरी वर्कशाॅप रोड की हालत सबसे ज्यादा खराब है। कैल से कलानौर तक पुराना हाईवे अभी बनकर तैयार हुआ है। जबकि अग्रसेन चौक से रेलवे स्टेशन रोड को बनाने की टेंडर प्रक्रिया चल रही है।
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जब दो विभागों में उलझ जाता है मामला:
शहरवासियों को सबसे ज्यादा दिक्कत तब होती है जब मामला दो विभागों के बीच में उलझ जाता है। शहर के भीतर की सड़कें जब टूटती हैं तो लोग उन्हें बनवाने के लिए नगर निगम अधिकारियों के पास जाते हैं। तब नगर निगम अधिकारियों का जवाब होता है कि यह सड़कें पीडब्ल्यूडी की हैं। इसलिए वह इन्हें नहीं बना सकते। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। लोगों को टूटी सड़कों पर ही सफर करना होता है। जबकि शहरी क्षेत्र में लोगों को सभी सुविधाएं देना नगर निगम की जिम्मेदारी है। ऐसे में मामला जब दो विभागों में फंस जाए तो खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है।
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पार्षद बोले, नगर निगम के पास ही हों सड़कें:
पार्षद विनोद मरवाह, निर्मल चौहान, राम आसरे का कहना है कि एक तरफ तो मेयर मदन चौहान सभाओं में कहते हैं नगर निगम में पैसे की कोई कमी नहीं है। यदि शहरी क्षेत्र की सभी सड़कें नगर निगम के पास होंगी तो उसका फायदा लोगों को ही होगा। मेयर ने साढ़े चार साल में शहर की भलाई के लिए कोई काम नहीं किया। साढ़े चार साल में मेयर शहरवासियों के लिए कोई एक उपलब्धि नहीं गिनवा सकते। यदि नगर निगम तीन सड़कों की मरम्मत करवाने में भी असमर्थ है तो उसी से शहर की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बजट की कमी के चलते नहीं ली सड़कें: विकास धीमान
नगर निगम के एक्सईएन विकास धीमान का कहना है कि पीडब्ल्यूडी ने शहरी क्षेत्र की सभी सड़कों को पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने का प्रस्ताव दिया था। परंतु बजट की कमी के चलते पीडब्ल्यूडी की सड़कों को टेकओवर करना संभव नहीं है। फिलहाल सारा ध्यान नगर निगम की सड़कों की मरम्मत कराने पर है।