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Yamuna Nagar News: लकड़ी मंडियां 11 दिन रहेगी बंद, प्लाईवुड उत्पादन पर पड़ेगा असर
Fri, 11 Jul 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 11 Jul 2025 12:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी के मानकपुर और यमुनानगर के मंडौली की दोनों लकड़ी मंडियां 13 से 23 जुलाई तक बंद रहेंगी। दोनों मंडियां कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर बंद रहेंगी। दो दिन तक मंडियां बंद रहने से प्लाईवुड इंडस्ट्री में उत्पादन पर असर पड़ सकता है। क्योंकि फैक्टरियों में इतने दिन के लिए लकड़ी का स्टाॅक नहीं रहता।
टिंबर आढ़ती एसोसिएशन ने आदेश जारी किए हैं कि 12 जुलाई के बाद मंडियों में लकड़ी की खरीद नहीं होगी। दरअसल यमुनानगर से हरिद्वार व ऋषिकेश की दूरी बहुत कम है। इन दोनों ही जगह से हजारों की संख्या में कांवड़िये गंगाजल लाकर जिले से गुजरते हैं। पंजाब, चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, अंबाला समेत अन्य जिलों के कांवड़िये भी यमुनानगर से ही होकर जाते हैं।
जब शिवालयों में जलाभिषेक की तारीख नजदीक आती है तो सड़कों पर कांवड़ियाें की संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। सड़क पर चलते समय कांवड़ियों के साथ लकड़ी से भरी ट्राली से कोई न कोई हादसा होने का खतरा बना रहता है। इस पर प्रशासन ने लक्कड़ मंडियों को बंद करने का निर्णय लिया है।
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जिले में प्लाईवुड की करीब 350 फैक्टरी व 400 से अधिक पिलिंग यूनिट व सॉ मिल हैं। इनमें रोजाना उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा के कई जिलों के अलावा हिमाचल से भी पॉपुलर व सफेदा की लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रालियों और ट्रकों में आती है। ज्यादातर ट्रालियां रात में ही मंडियों में पहुंच जाती हैं। इसलिए हादसा होने का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। सड़कों पर कांवड़ियों की ज्यादा संख्या उस समय बढ़ जाती है, जब जलाभिषेक होने में चार से पांच दिन रह जाते हैं। इस पर आढ़ती चाहते थे कि मंडियों को 15 जुलाई के बाद ही बंद किया जाए। परंतु जिला प्रशासन ने 11 से 23 जुलाई तक लकड़ी मंडियों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसे लेकर टिंबर आढ़ती संगठन की बैठक मंडौली लकड़ी मंडी में हुई। इसमें मंडी को कब से बंद रखना है इस पर बहुत देर तक विचार विमर्श हुआ। आखिर में 12 जुलाई के बाद खरीद न करने का निर्णय लिया गया।
लकड़ी मंडियों को बंद करने को लेकर टिंबर आढ़ती संगठन की बैठक हुई है। कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए 13 जुलाई से लकड़ी की खरीद न करने का निर्णय लिया गया है। यदि कोई आढ़ती अपने स्तर पर लकड़ी की खरीद करता है तो संगठन उसका साथ बिल्कुल भी नहीं देगी। - बलदेव पंवार, प्रधान टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर।
इस समय बारिश की वजह से भी मंडियों में लकड़ी काफी कम आती है। अब कांवड़ यात्रा के चलते मंडियां बंद रहेंगी। लकड़ी का स्टॉक कुछ दिन का ही होता है, इसके बाद फैक्टरी को बंद ही रखना पड़ता है। जिसके पास जितने दिन का स्टॉक रहेगा, वह तब तक फैक्टरी चलाएगा। - जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।
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यमुनानगर। जगाधरी के मानकपुर और यमुनानगर के मंडौली की दोनों लकड़ी मंडियां 13 से 23 जुलाई तक बंद रहेंगी। दोनों मंडियां कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की सुरक्षा के मद्देनजर बंद रहेंगी। दो दिन तक मंडियां बंद रहने से प्लाईवुड इंडस्ट्री में उत्पादन पर असर पड़ सकता है। क्योंकि फैक्टरियों में इतने दिन के लिए लकड़ी का स्टाॅक नहीं रहता।
टिंबर आढ़ती एसोसिएशन ने आदेश जारी किए हैं कि 12 जुलाई के बाद मंडियों में लकड़ी की खरीद नहीं होगी। दरअसल यमुनानगर से हरिद्वार व ऋषिकेश की दूरी बहुत कम है। इन दोनों ही जगह से हजारों की संख्या में कांवड़िये गंगाजल लाकर जिले से गुजरते हैं। पंजाब, चंडीगढ़, कुरुक्षेत्र, अंबाला समेत अन्य जिलों के कांवड़िये भी यमुनानगर से ही होकर जाते हैं।
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जब शिवालयों में जलाभिषेक की तारीख नजदीक आती है तो सड़कों पर कांवड़ियाें की संख्या और भी ज्यादा बढ़ जाती है। सड़क पर चलते समय कांवड़ियों के साथ लकड़ी से भरी ट्राली से कोई न कोई हादसा होने का खतरा बना रहता है। इस पर प्रशासन ने लक्कड़ मंडियों को बंद करने का निर्णय लिया है।
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जिले में प्लाईवुड की करीब 350 फैक्टरी व 400 से अधिक पिलिंग यूनिट व सॉ मिल हैं। इनमें रोजाना उत्तर प्रदेश, पंजाब व हरियाणा के कई जिलों के अलावा हिमाचल से भी पॉपुलर व सफेदा की लकड़ी ट्रैक्टर-ट्रालियों और ट्रकों में आती है। ज्यादातर ट्रालियां रात में ही मंडियों में पहुंच जाती हैं। इसलिए हादसा होने का खतरा कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। सड़कों पर कांवड़ियों की ज्यादा संख्या उस समय बढ़ जाती है, जब जलाभिषेक होने में चार से पांच दिन रह जाते हैं। इस पर आढ़ती चाहते थे कि मंडियों को 15 जुलाई के बाद ही बंद किया जाए। परंतु जिला प्रशासन ने 11 से 23 जुलाई तक लकड़ी मंडियों को बंद करने के आदेश दिए थे। इसे लेकर टिंबर आढ़ती संगठन की बैठक मंडौली लकड़ी मंडी में हुई। इसमें मंडी को कब से बंद रखना है इस पर बहुत देर तक विचार विमर्श हुआ। आखिर में 12 जुलाई के बाद खरीद न करने का निर्णय लिया गया।
लकड़ी मंडियों को बंद करने को लेकर टिंबर आढ़ती संगठन की बैठक हुई है। कांवड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए 13 जुलाई से लकड़ी की खरीद न करने का निर्णय लिया गया है। यदि कोई आढ़ती अपने स्तर पर लकड़ी की खरीद करता है तो संगठन उसका साथ बिल्कुल भी नहीं देगी। - बलदेव पंवार, प्रधान टिंबर आढ़ती संगठन यमुनानगर।
इस समय बारिश की वजह से भी मंडियों में लकड़ी काफी कम आती है। अब कांवड़ यात्रा के चलते मंडियां बंद रहेंगी। लकड़ी का स्टॉक कुछ दिन का ही होता है, इसके बाद फैक्टरी को बंद ही रखना पड़ता है। जिसके पास जितने दिन का स्टॉक रहेगा, वह तब तक फैक्टरी चलाएगा। - जेके बिहानी, अध्यक्ष, हरियाणा प्लाईवुड एसोसिएशन यमुनानगर।