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Yamuna Nagar News: ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत, अस्पताल में हंगामा
Fri, 06 Oct 2023 02:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 06 Oct 2023 02:27 AM IST
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यमुनानगर। भाई कन्हैया चौक स्थित एक निजी अस्पताल में पित्त की थैली में पत्थरी के ऑपरेशन के दौरान गंदापुरा निवासी 40 वर्षीय कुसुम की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर ऑपरेशन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया। डॉक्टर पर कार्रवाई करने की मांग को लेकर रोड भी जाम करने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर शहर थाना प्रभारी पृथ्वी सिंह व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाकर शांत किया। परिजनों ने पुलिस को डॉक्टर के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। वीरवार सुबह ही कुसुम को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गंदापुरा निवासी कृष्ण सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी 40 वर्षीय कुसुम के पेट में काफी दिनों से दर्द था। वह दो अक्तूबर को चेकअप कराने के लिए भाई कन्हैया चौक स्थित एक निजी अस्पताल में आए थे। जहां डॉक्टर ने अपने अस्पताल से ही अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल से ही अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें उसके पत्नी के पित्त की थैली में 18 एमएम की पत्थरी बताई गई। तब डॉक्टर ने उन्हें कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं, छोटा से ऑपरेशन में यह ठीक हो जाएगा। डॉक्टर ने उन्हें पांच अक्तूबर का ऑपरेशन का समय दिया था। वीरवार सुबह वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल में आए थे। 11 बजे डॉक्टर ने उसकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कर लिया। इसके बाद तीन बजे उसकी पत्नी को ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन करने के बाद छह बजे डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर से बाहर आया और कहा कि ऑपरेशन ठीक हो गया है। लेकिन उन्हें उसकी पत्नी से मिलने नहीं दिया गया। साढ़े छह बजे तक डॉक्टर व स्टाफ उन्हें गुमराह करते रहे। बाद में डॉक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी कुसुम की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई है। कृष्ण सिंह व अन्य परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उसकी पत्नी के उपचार में लापरवाही बरती है। जिससे उसकी मौत हुई है। सुबह से डॉक्टर ने उन्हें धोखे में रखा। अस्पताल में भर्ती होने के समय डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड देखकर उन्हें सफल ऑपरेशन होने की बात कही थी। ऑपरेशन के दौरान यदि कोई खतरा था तो इस बारे में उन्हें बताया जाना चाहिए था। लेकिन डॉक्टर व स्टाफ ने उन्हें कुछ नहीं बताया। जब उसकी पत्नी की मौत हो गई, तभी उन्हें सूचित किया गया। आरोप है कि कुसुम की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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महिला की मौत का पता चलते ही अस्पताल पहुंचे रिश्तेदार, किया हंगामा -
अस्पताल में कुसुम की मौत का पता लगते ही परिजनों में रोष फैल गया। कुछ ही समय पर मृतका के परिजन व रिश्तेदार एकत्र हो गए और अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने रोड पर खड़े होकर जाम लगाने का भी प्रयास किया। हंगामा होने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया और उनकी शिकायत ली। परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
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वर्जन
ऑपरेशन के दौरान पित्त की थैली गुर्दे में फंसी हुई थी। जिससे ब्लीडिंग होने लगी। अन्य सर्जन डॉक्टर को बुलाया गया। जिसके बाद ब्लीडिंग रोकी गई। महिला को 10 यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। लेकिन खून अधिक बहने से उसकी तबीयत खराब हो गई। उन्होंने उसे बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उपचार में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती गई। महिला को सही तरीके से उपचार दिया गया। उन पर लगाए गए आरोप निराधार व गलत है।
- डॉ. राजकुमार गर्ग, मुख्य डॉक्टर एवं संचालक, राज अस्पताल।
वर्जन
राज अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा होने की सूचना पर मौके पर गए थे। परिजनों का समझाकर शांत किया गया है। उनकी लिखित में शिकायत ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- पृथ्वी सिंह, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।
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गंदापुरा निवासी कृष्ण सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी 40 वर्षीय कुसुम के पेट में काफी दिनों से दर्द था। वह दो अक्तूबर को चेकअप कराने के लिए भाई कन्हैया चौक स्थित एक निजी अस्पताल में आए थे। जहां डॉक्टर ने अपने अस्पताल से ही अल्ट्रासाउंड कराने का परामर्श दिया। इसके बाद उन्होंने अस्पताल से ही अल्ट्रासाउंड कराया। जिसमें उसके पत्नी के पित्त की थैली में 18 एमएम की पत्थरी बताई गई। तब डॉक्टर ने उन्हें कहा था कि घबराने की जरूरत नहीं, छोटा से ऑपरेशन में यह ठीक हो जाएगा। डॉक्टर ने उन्हें पांच अक्तूबर का ऑपरेशन का समय दिया था। वीरवार सुबह वह अपनी पत्नी को लेकर अस्पताल में आए थे। 11 बजे डॉक्टर ने उसकी पत्नी को अस्पताल में भर्ती कर लिया। इसके बाद तीन बजे उसकी पत्नी को ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन करने के बाद छह बजे डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर से बाहर आया और कहा कि ऑपरेशन ठीक हो गया है। लेकिन उन्हें उसकी पत्नी से मिलने नहीं दिया गया। साढ़े छह बजे तक डॉक्टर व स्टाफ उन्हें गुमराह करते रहे। बाद में डॉक्टर ने बताया कि उसकी पत्नी कुसुम की ऑपरेशन के दौरान मौत हो गई है। कृष्ण सिंह व अन्य परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने उसकी पत्नी के उपचार में लापरवाही बरती है। जिससे उसकी मौत हुई है। सुबह से डॉक्टर ने उन्हें धोखे में रखा। अस्पताल में भर्ती होने के समय डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड देखकर उन्हें सफल ऑपरेशन होने की बात कही थी। ऑपरेशन के दौरान यदि कोई खतरा था तो इस बारे में उन्हें बताया जाना चाहिए था। लेकिन डॉक्टर व स्टाफ ने उन्हें कुछ नहीं बताया। जब उसकी पत्नी की मौत हो गई, तभी उन्हें सूचित किया गया। आरोप है कि कुसुम की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है। डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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महिला की मौत का पता चलते ही अस्पताल पहुंचे रिश्तेदार, किया हंगामा -
अस्पताल में कुसुम की मौत का पता लगते ही परिजनों में रोष फैल गया। कुछ ही समय पर मृतका के परिजन व रिश्तेदार एकत्र हो गए और अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया और डॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उन्होंने रोड पर खड़े होकर जाम लगाने का भी प्रयास किया। हंगामा होने की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर परिजनों को समझाया और उनकी शिकायत ली। परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
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ऑपरेशन के दौरान पित्त की थैली गुर्दे में फंसी हुई थी। जिससे ब्लीडिंग होने लगी। अन्य सर्जन डॉक्टर को बुलाया गया। जिसके बाद ब्लीडिंग रोकी गई। महिला को 10 यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। लेकिन खून अधिक बहने से उसकी तबीयत खराब हो गई। उन्होंने उसे बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। उपचार में किसी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती गई। महिला को सही तरीके से उपचार दिया गया। उन पर लगाए गए आरोप निराधार व गलत है।
- डॉ. राजकुमार गर्ग, मुख्य डॉक्टर एवं संचालक, राज अस्पताल।
वर्जन
राज अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा होने की सूचना पर मौके पर गए थे। परिजनों का समझाकर शांत किया गया है। उनकी लिखित में शिकायत ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
- पृथ्वी सिंह, एसएचओ, थाना शहर यमुनानगर।