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Yamuna Nagar News: धोखाधड़ी में भगोड़ा घोषित महिला शाखा प्रबंधक आठ साल बाद काबू
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शहर जगाधरी पुलिस ने धोखाधड़ी के मामले में अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड की महिला शाखा प्रबंधक को आठ साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
थाना प्रभारी जनक राज ने बताया कि गुरुनानक खालसा कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर सेक्टर-17 निवासी जगतार सिंह ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दी थी कि मार्च 2013 में वह एमडीआर के रूप में पैसा निवेश करना चाहता था। इसके लिए वह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोबिंदपुरी रोड की शाखा प्रबंधक ज्योति शर्मा से मिला था। उसने पैसा निवेश करने के नाम पर चेक के माध्यम से उन्हें सात लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उनकी बीमा पॉलिसी कर दी, जबकि वह बीमा पॉलिसी नहीं कराना चाहता था। जब उसने आरोपी से अपने रुपये मांगे तो उसे केवल साढ़े पांच लाख रुपये ही वापस दिए। डेढ़ लाख रुपये का आरोपी ने उसे चेक दिया। जब उसने चेक लगाया तो बाउंस हो गया। दोबारा रुपये मांगने पर आरोपी ने उसे धमकी दी। शहर पुलिस ने इस मामले में मई 2014 में शाखा प्रबंधक ज्योति शर्मा और आकाश बांभरी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने ज्योति शर्मा को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद वह दोबारा पेशी पर नहीं गई। इसके बाद अदालत ने साल 2015 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था, जिसे अब पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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थाना प्रभारी जनक राज ने बताया कि गुरुनानक खालसा कॉलेज से सेवानिवृत्त प्रोफेसर सेक्टर-17 निवासी जगतार सिंह ने शहर पुलिस थाने में शिकायत दी थी कि मार्च 2013 में वह एमडीआर के रूप में पैसा निवेश करना चाहता था। इसके लिए वह आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड गोबिंदपुरी रोड की शाखा प्रबंधक ज्योति शर्मा से मिला था। उसने पैसा निवेश करने के नाम पर चेक के माध्यम से उन्हें सात लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने उनकी बीमा पॉलिसी कर दी, जबकि वह बीमा पॉलिसी नहीं कराना चाहता था। जब उसने आरोपी से अपने रुपये मांगे तो उसे केवल साढ़े पांच लाख रुपये ही वापस दिए। डेढ़ लाख रुपये का आरोपी ने उसे चेक दिया। जब उसने चेक लगाया तो बाउंस हो गया। दोबारा रुपये मांगने पर आरोपी ने उसे धमकी दी। शहर पुलिस ने इस मामले में मई 2014 में शाखा प्रबंधक ज्योति शर्मा और आकाश बांभरी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने ज्योति शर्मा को गिरफ्तार भी कर लिया, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद वह दोबारा पेशी पर नहीं गई। इसके बाद अदालत ने साल 2015 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था, जिसे अब पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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