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मंडियों में देखरेख के अभाव में सड़ा करोड़ों रुपये का गेहूं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Dec 2021 01:12 AM IST
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Wheat worth crores of rupees rotten due to lack of maintenance in mandis, Yamunanagar
बिलासपुर अनाजमंडी में बोरियों में सड़ता गेहूं। संवाद - फोटो : Yamuna Nagar
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले की जगाधरी व अनाजमंडी में देखरेख के अभाव में करोड़ों रुपये का गेहूं सड़ रहा है। बिलासपुर अनाज मंडी में जहां लगभग 27000 बोरी में रखा पौने तीन करोड़ रुपये का गेहूं खराब हो गया, वहीं, जगाधरी अनाज मंडी में भी खुले आसमान के नीचे तिरपाल से ढकी लाखों बोरियां में गेहूं रखा है। बारिश में गेहूं गीला होने से जहां इसमें बदबू आ रही है, वहीं गेहूं के दाने आपस में चिपके हुए हैं।
बताया जा रहा है कि गेहूं सड़ने के ये हालात जगाधरी व बिलासपुर अनाजमंडी के अलावा जिले की अन्य मंडियों में भी है। जगाधरी अनाज मंडी में इन दिनों एक नहीं बल्कि कई जगह सड़ी हुई गेहूं के ढेर लगे हुए हैं। बिलासपुर में गेहूं को मंडी के साथ लगते बस स्टैंड की पिछली साइड और अनाज मंडी में रखा गया है।
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जगाधरी मंडी में कर्मचारी गेहूं के लगे ढेरों की बोरियों को अदला-बदली करने में जुटे हुए हैं। गेहूं की खरीद का सीजन पूरा होने के बाद मई-जून माह में खरीद एजेंसियों ने गेहूं को खुले में स्टाक कर लिया। क्योंकि सरकार के पास अनाज को सुरक्षित रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में गोदाम नहीं हैं।
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मंडियों से यह स्टाक आज तक नहीं उठ पाया। कुछ मंडियों से गेहूं का उठान हो चुका है, लेकिन बिलासपुर व जगाधरी अनाज मंडी में अभी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। यहां से उठान धीमी गति से हो रहा है। जहां से गेहूं का उठान किया जा रहा है, वहीं गेहूं सड़ा हुआ निकल रहा है।
सीजन में खुले में ही लगता है गेहूं का स्टॉक
हर साल अप्रैल व मई माह में सीजन के दौरान खरीद एजेंसियां गेहूं को खरीदकर अनाज मंडियों व अन्य स्थानों पर खुले में ही फड़ पर स्टाक कर देती है। बारिश से बचाव के लिए इन पर तिरपाल से जरूर ढकी जाती है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं होती। बारिश की तेज बौछारों से गेहूं की बोरियां भीग जाती हैं। किसान नेताओं का कहना है कि भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण हर साल हजारों कट्टे अनाज के सड़ जाते हैं। गरीब आदमी एक-एक निवाले को तरसता है, लेकिन अनाज मंडियों में अनाज हर साल खराब हो रहा है। सरकार भंडारण की व्यवस्था नहीं करवा पा रही है।

अनाज को सुरक्षित रखने के लिए भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था होनी जरूरी है। लेकिन सरकार अब तक यह व्यवस्था नहीं करवा पाई। एसोसिएशन की ओर से इस संदर्भ में कई बार सरकार को अवगत कराया जा चुका है। सीजन में एजेंसियां अनाज खरीदकर खुले में ही गेहूं की ढेर लगवा देती हैं। - शिव कुमार संधाला, जिला प्रधान ,अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन
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