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Yamuna Nagar News: शादियों के मुहूर्त से बाजार में लौट आई ग्राहकों की रौनक
Tue, 09 Jun 2026 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 09 Jun 2026 01:06 AM IST
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शहर के कपड़ा शोरूम पर खरीदारी करते लोग। संवाद
- फोटो : मनीष शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। मलमास (अधिक मास) के समापन के साथ ही जिले के बाजार में एक बार फिर रौनक लौटने लगी है। 15 जून को अधिक मास समाप्त होने के बाद विवाह सहित अन्य वैदिक व मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी। परिवार शादी की तैयारियों में जुट गए हैं और खरीदारी का दौर शुरू हो गया है।
शादी-विवाह का मुहूर्त न होने के कारण करीब डेढ़ माह से बाजार में मंदी नजर आ रही थी। मलमास 17 मई से 15 जून तक है। मलमास शुरू होने से मांगलिक कार्याें पर रोक लग गई थी। इस दौरान 36 दिन शहनाई नहीं बजी। परंतु अब मलमास समाप्त होने के बाद वैदिक रोक हट जाएगी और मांगलिक कार्य होंगे। इस माह के 15 दिन में विवाह के कुल पांच मुहूर्त हैं।
विवाह का तारा उदय होने से कपड़ा, ज्वेलरी, कॉस्मेटिक, गिफ्ट और सजावट से जुड़े व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ा था। अब जून माह में पांच विवाह मुहूर्त मिलने के बाद बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके बाद जुलाई और अगस्त में भी कई शुभ मुहूर्त होने से व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
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शहर के लहंगा हाउस, शेरवानी सेंटर, सर्राफा बाजार, रेडीमेड गारमेंट्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बर्तन, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई देने लगी है। लोग शादी के लिए कपड़े, आभूषण, घरेलू सामान और उपहारों की खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, टेंट, डेकोरेशन और बैंड कारोबार से जुड़े लोगों के पास भी बुकिंग बढ़नी शुरू हो गई है।
प्रोत्साहन क्लॉथ हाउस के संचालक ललित महाजन ने बताया कि अधिक मास के दौरान मांगलिक कार्य नहीं होने से बाजार में अपेक्षित ग्राहक नहीं आ रहे थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। शादी समारोहों से आने वाले दो माह कारोबार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास जून, जुलाई और अगस्त के लिए विशेष परिधान के ऑर्डर आ रहे हैं। कारोबारी सुभाष चंद ने बताया कि विवाह सीजन का असर केवल कपड़े पर नहीं बल्कि परिवहन, मिठाई, होटल, फोटोग्राफी, फ्लोरिस्ट और इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।
विवाह के मुहूर्त
जून: 19, 22, 27, 28, 29
जुलाई: 07, 08
नवंबर: 24, 25, 29
दिसंबर: 02, 03, 09
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जगाधरी। मलमास (अधिक मास) के समापन के साथ ही जिले के बाजार में एक बार फिर रौनक लौटने लगी है। 15 जून को अधिक मास समाप्त होने के बाद विवाह सहित अन्य वैदिक व मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट जाएगी। परिवार शादी की तैयारियों में जुट गए हैं और खरीदारी का दौर शुरू हो गया है।
शादी-विवाह का मुहूर्त न होने के कारण करीब डेढ़ माह से बाजार में मंदी नजर आ रही थी। मलमास 17 मई से 15 जून तक है। मलमास शुरू होने से मांगलिक कार्याें पर रोक लग गई थी। इस दौरान 36 दिन शहनाई नहीं बजी। परंतु अब मलमास समाप्त होने के बाद वैदिक रोक हट जाएगी और मांगलिक कार्य होंगे। इस माह के 15 दिन में विवाह के कुल पांच मुहूर्त हैं।
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विवाह का तारा उदय होने से कपड़ा, ज्वेलरी, कॉस्मेटिक, गिफ्ट और सजावट से जुड़े व्यापारियों के कारोबार पर असर पड़ा था। अब जून माह में पांच विवाह मुहूर्त मिलने के बाद बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है। इसके बाद जुलाई और अगस्त में भी कई शुभ मुहूर्त होने से व्यापारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
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शहर के लहंगा हाउस, शेरवानी सेंटर, सर्राफा बाजार, रेडीमेड गारमेंट्स, ब्यूटी प्रोडक्ट्स, बर्तन, फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई देने लगी है। लोग शादी के लिए कपड़े, आभूषण, घरेलू सामान और उपहारों की खरीदारी कर रहे हैं। इसके अलावा बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, टेंट, डेकोरेशन और बैंड कारोबार से जुड़े लोगों के पास भी बुकिंग बढ़नी शुरू हो गई है।
प्रोत्साहन क्लॉथ हाउस के संचालक ललित महाजन ने बताया कि अधिक मास के दौरान मांगलिक कार्य नहीं होने से बाजार में अपेक्षित ग्राहक नहीं आ रहे थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। शादी समारोहों से आने वाले दो माह कारोबार के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण होंगे। उन्होंने बताया कि उनके पास जून, जुलाई और अगस्त के लिए विशेष परिधान के ऑर्डर आ रहे हैं। कारोबारी सुभाष चंद ने बताया कि विवाह सीजन का असर केवल कपड़े पर नहीं बल्कि परिवहन, मिठाई, होटल, फोटोग्राफी, फ्लोरिस्ट और इवेंट मैनेजमेंट क्षेत्रों में भी दिखाई दे रहा है।
विवाह के मुहूर्त
जून: 19, 22, 27, 28, 29
जुलाई: 07, 08
नवंबर: 24, 25, 29
दिसंबर: 02, 03, 09