{"_id":"5e12339c8ebc3e881e6a4f2f","slug":"weather-yamuna-nagar-news-knl17572734","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम में उतार चढ़ाव से बढ़ा सकता है स्वाइन फ्लू का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम में उतार चढ़ाव से बढ़ा सकता है स्वाइन फ्लू का खतरा
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मौसम में लगातार परिवर्तन हो रहा है। धूप-छांव खेलता मौसम लोगों को नुकसान पहुंचा सकता है। इस मौसम में गंभीर बीमारियों को छोड़कर ज्यादातर नजला और जुकाम के मरीज अस्पतालों में अधिक पहुंच रहे हैं। ज्यादा दिनों तक जुकाम रहने से स्वाइन फ्लू के लक्षण भी हो सकते हैं। ऐसे में चिकित्सक को तुरंत दिखाना चाहिए। क्योंकि स्वाइन फ्लू का वायरस बहुत ही जानलेवा है, ये जान तक ले सकता है। यदि वर्ष 2019 की बात करें तो लगभग दस हजार मरीज पूरे देश में इस वायरस की चपेट में आए थे और लगभग 312 मौतें भी इसी वायरस से हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है। नाकाफी इंतजाम इस बीमारी के लिए अधिकारियों द्वारा किए गए है।
कई दिनों से तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव हो रहा है। दरअसल, मौसम में आए अचानक बदलाव से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इन परिस्थितियों में वायरस अधिक शक्तिशाली हो जाता है। इसके चलते लोग आसानी से स्वाइन फ्लू के चपेट में आ जाते हैं। मौसम में लगातार बदलाव के कारण नजला और जुकाम सबसे अपनी जकड़ में ले लेता है। ऐसे में स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग इस वायरस के लिए लड़ने को तैयार है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने बताया कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव और इस कारण होने वाले नजला और जुकाम के कारण स्वाइन फ्लू का वायरस तुरंत व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में लेता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। यदि मौसम में बार बार बदलाव आते हैं तो मनुष्य की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता में भी कमी आती है। ऐसे में वायरस की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में मनुष्य आसानी से स्वाइन फ्लू का शिकार बना जाता है।
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कई दिनों से तापमान में आ रहे उतार-चढ़ाव हो रहा है। दरअसल, मौसम में आए अचानक बदलाव से मनुष्य की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, इन परिस्थितियों में वायरस अधिक शक्तिशाली हो जाता है। इसके चलते लोग आसानी से स्वाइन फ्लू के चपेट में आ जाते हैं। मौसम में लगातार बदलाव के कारण नजला और जुकाम सबसे अपनी जकड़ में ले लेता है। ऐसे में स्वाइन फ्लू का खतरा अधिक रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का दावा है कि स्वास्थ्य विभाग इस वायरस के लिए लड़ने को तैयार है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने बताया कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव और इस कारण होने वाले नजला और जुकाम के कारण स्वाइन फ्लू का वायरस तुरंत व्यक्ति को अपनी गिरफ्त में लेता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। यदि मौसम में बार बार बदलाव आते हैं तो मनुष्य की रोगों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता में भी कमी आती है। ऐसे में वायरस की सक्रियता बढ़ जाती है। ऐसे में मनुष्य आसानी से स्वाइन फ्लू का शिकार बना जाता है।
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