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पूर्व सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज करने पर भड़के ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
Updated Wed, 30 Mar 2016 12:36 AM IST
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ग्रामीण्ा
- फोटो : yamunanagar
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रादौर। प्रशासन द्वारा गांव छोटाबांस के पूर्व सरपंच दलीप सिंह रिंकू के विरुद्ध पंचायती कार्यों में अनियमितता बरतने का मामला दर्ज करवाए जाने पर मंगलवार को ग्रामीण भड़क उठे। ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच दलीप सिंह रिंकू की पत्नी व जिला परिषद सदस्य मनीषा वालिया के नेतृत्व में सीपीएस श्याम सिंह राणा व भाजपा विरोधी नारेबाजी की और सीपीएस श्याम सिंह राणा का पुतला जलाया। मंगलवार को जैसे ही गांव छोटाबांस के लोगों को पूर्व सरपंच दलीप सिंह रिंकू के विरुद्ध बीडीपीओ रादौर राजबीर सिंह द्वारा पंचायती कार्यों में अनियमितता बरते जाने के आरोप लगाते हुए रादौर थाने में मामला दर्ज करवाने की खबर मिली तो ग्रामीण भड़क उठे।
ग्रामीण खुलकर पूर्व सरपंच के समर्थन में आ खड़े हुए। ग्रामीणों ने रंजिशन मामला दर्ज करवाने का आरोप सीपीएस श्याम सिंह राणा व प्रशासन के अधिकारियों पर लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान गांव के लोगों ने पूर्व सरपंच के विरुद्ध मामला दर्ज करवाए जाने के विरोध में भाजपा पार्टी को जीवन में कभी भी वोट न देने की शपथ ली। जिला परिषद सदस्य मनीषा वालिया ने बताया कि उनके पति दलीप सिंह रिंकू गांव छोटाबांस के सरपंच रह चुके हैं। चार बार उनके पति द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की जांच हो चुकी है। उनके पति निर्दोष हैं। सीपीएस श्याम सिंह राणा व अन्य प्रशासन के अधिकारी पिछले कई दिनों से जिला परिषद की उनकी वोट को हासिल करने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं। उनके द्वारा भाजपा को जिला परिषद की वोट न देने की बात कहे जाने पर सीपीएस श्याम सिंह राणा के कहने पर बीडीपीओ रादौर ने उनके पति के विरुद्ध झूठा मामला थाने में दर्ज करवाया है।
इससे उनके पति भारी मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। यदि इस दौरान उनके पति को कुछ भी होता है तो इसके लिए सीपीएस श्यामसिंह राणा जिम्मेदार होंगे। जिला परिषद की वोट के लिए पहले भाजपा नेताओं ने उनको प्रलोभन दिया। लेकिन जब वह नही माने तो उनके विरुद्ध झूठा मामला दर्ज करवाया गया। उधर, पूर्व सरपंच दलीप सिह रिंकू ने कहा कि उन पर 30 लाख 65 हजार रुपये गबन करने का झूठा आरोप लगाया गया है। पंाच वर्षों के दौरान पंचायत की लगभग 28 लाख रुपये आमदनी हुई है। इस दौरान सरकार से पंचायत को कोई ग्रांट नहीं मिली। जिला परिषद की वोट लेने के लिए भाजपा पार्टी ने अधिकारियों को मोहरा बनाकर झूठा मामला दर्ज करवाया है। वही, बीडीपीओ रादौर राजबीर सिंह ने बताया कि नियमों के अनुसार अनियमितता बरते जाने पर मामला दर्ज करवाया गया है। इस बारे जब सीपीएस श्याम सिंह राणा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनके निजी सचिव ने बताया कि इस समय सीपीएस महोदय विधानसभा कार्यों में व्यस्त हैं।
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ग्रामीण खुलकर पूर्व सरपंच के समर्थन में आ खड़े हुए। ग्रामीणों ने रंजिशन मामला दर्ज करवाने का आरोप सीपीएस श्याम सिंह राणा व प्रशासन के अधिकारियों पर लगाया। विरोध प्रदर्शन के दौरान गांव के लोगों ने पूर्व सरपंच के विरुद्ध मामला दर्ज करवाए जाने के विरोध में भाजपा पार्टी को जीवन में कभी भी वोट न देने की शपथ ली। जिला परिषद सदस्य मनीषा वालिया ने बताया कि उनके पति दलीप सिंह रिंकू गांव छोटाबांस के सरपंच रह चुके हैं। चार बार उनके पति द्वारा करवाए गए विकास कार्यों की जांच हो चुकी है। उनके पति निर्दोष हैं। सीपीएस श्याम सिंह राणा व अन्य प्रशासन के अधिकारी पिछले कई दिनों से जिला परिषद की उनकी वोट को हासिल करने के लिए उन पर दबाव बना रहे हैं। उनके द्वारा भाजपा को जिला परिषद की वोट न देने की बात कहे जाने पर सीपीएस श्याम सिंह राणा के कहने पर बीडीपीओ रादौर ने उनके पति के विरुद्ध झूठा मामला थाने में दर्ज करवाया है।
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इससे उनके पति भारी मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। यदि इस दौरान उनके पति को कुछ भी होता है तो इसके लिए सीपीएस श्यामसिंह राणा जिम्मेदार होंगे। जिला परिषद की वोट के लिए पहले भाजपा नेताओं ने उनको प्रलोभन दिया। लेकिन जब वह नही माने तो उनके विरुद्ध झूठा मामला दर्ज करवाया गया। उधर, पूर्व सरपंच दलीप सिह रिंकू ने कहा कि उन पर 30 लाख 65 हजार रुपये गबन करने का झूठा आरोप लगाया गया है। पंाच वर्षों के दौरान पंचायत की लगभग 28 लाख रुपये आमदनी हुई है। इस दौरान सरकार से पंचायत को कोई ग्रांट नहीं मिली। जिला परिषद की वोट लेने के लिए भाजपा पार्टी ने अधिकारियों को मोहरा बनाकर झूठा मामला दर्ज करवाया है। वही, बीडीपीओ रादौर राजबीर सिंह ने बताया कि नियमों के अनुसार अनियमितता बरते जाने पर मामला दर्ज करवाया गया है। इस बारे जब सीपीएस श्याम सिंह राणा से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनके निजी सचिव ने बताया कि इस समय सीपीएस महोदय विधानसभा कार्यों में व्यस्त हैं।
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