{"_id":"686582f84fd45b6f3607515c","slug":"vegetable-crops-washed-away-by-rain-water-prices-rise-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-140177-2025-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: बारिश के पानी में बही सब्जियों की फसल, कीमतों में इजाफा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: बारिश के पानी में बही सब्जियों की फसल, कीमतों में इजाफा
Thu, 03 Jul 2025 12:35 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 03 Jul 2025 12:35 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में कई दिन तक लगातार हुई बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। खासकर प्लेज (बेल पर लगने वाली सब्जी) वाली सब्जी की फसल बारिश का पानी अपने साथ बहा ले गया। अब मंडियों में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, राजस्थान के पुष्कर, किशनगढ़ व हिमाचल प्रदेश से आने वाली सब्जी की मात्रा बढ़ गई है। इससे कीमतों में 10 से 20 रुपये तक की वृद्धि हो गई है।
साढौरा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बेल पर लगने वाली घीया, तोरी की सब्जी के अलावा फूल गोभी, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, आलू, टमाटर, भिंडी व अन्य सब्जी लगाई जाती है। जिले में सब्जी का कुल रकबा 33527 हेक्टेयर है। जिनसे कुल 615277 मीट्रिक टन सब्जी का उत्पादन होता है। साढौरा क्षेत्र में इस बार बारिश का पानी बहुत ज्यादा आया है।
कस्बे से गुजर रही नदी की पटरी टूटने से खेतों में पानी भर गया। इससे घीया, तोरी, टमाटर, गोभी, शिमला मिर्च को काफी नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं किसानों अगले माह लगाने के लिए गोभी की जो पनीरी तैयार की थी वह भी नष्ट हो गई। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अब किसानों को नए सिरे से पनीरी तैयार करनी पड़ेगी। पानी से हुए नुकसान की वजह से सब्जी दूसरे राज्यों से आ रही हैं। मालभाड़ा अधिक होने से लोगों को सब्जी महंगी खरीदनी पड़ रही है।
विज्ञापन
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सोलंकी का कहना है कि जहां पानी ज्यादा आया है, वहां बेल वाली सब्जी को नुकसान है। जहां बारिश सामान्य हुई है, वहां सब्जी को काफी फायदा होगा। जिन किसानों ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत बीमा कराया हुआ है उन्हें ही सरकार 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देगी। सब्जी उत्पादकों से फसल बीमा कराने के लिए कहा जाता है।
पांच एकड़ की पनीरी बह गई : अंकुश
साढौरा निवासी अंकुश राणा ने बताया कि उसने खेतों में पांच एकड़ के लिए फूल गोभी की पनीरी तैयार की थी। बारिश के पानी से सारी पनीरी खराब हो गई। इसके अलावा तीन एकड़ में लगी गोभी पानी में गल गई। शिमला मिर्च भी नष्ट हो गई। इससे उसे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्हीं किसानों की बेल वाली सब्जी बची है, जिन्होंने जाल पर लगाई थी।
खेत में गल गई गोभी : रोहन
साढौरा के ही सब्जी उत्पादक रोहन ने बताया कि उसने दो एकड़ में फूल गोभी व एक एकड़ में तोरी व घीया लगा रखी थी। बारिश का पानी आया और अपने साथ सबकुछ बहा ले गया। खेतों में रेत व मिट्टी चढ़ गई। पानी की निकासी न होने से गोभी खेत में ही गल गई। इससे उसे करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
अरमानों पर पानी फेर दिया : राजेश
साढौरा निवासी राजेश ने बताया कि उसने पांच एकड़ में गोभी लगा रखी थी। जिसे तोड़ कर अभी मंडी में पहुंचाना शुरू ही किया था। इस बार मंडी में गोभी का रेट भी 30 रुपये किलोग्राम तक मिल रहा था। जिससे वह अनुमान लगाने लगे थे कि इस बार काफी मुनाफा हो जाएगा। परंतु यह नहीं पता था कि बारिश का पानी सारे अरमानों पर पानी फेर देगा। उसे करीब 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सब्जी के दाम प्रति किलो
सब्जी कीमत
प्याज 30
टमाटर 60
अदरक 80
नींबू 60
शिमला मिर्च 80
भींडी 40
गोभी 60
मटर 120
तोरी 50
घीया 30
खीरा 40
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले में कई दिन तक लगातार हुई बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों की कमर तोड़ कर रख दी है। खासकर प्लेज (बेल पर लगने वाली सब्जी) वाली सब्जी की फसल बारिश का पानी अपने साथ बहा ले गया। अब मंडियों में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, राजस्थान के पुष्कर, किशनगढ़ व हिमाचल प्रदेश से आने वाली सब्जी की मात्रा बढ़ गई है। इससे कीमतों में 10 से 20 रुपये तक की वृद्धि हो गई है।
साढौरा क्षेत्र में बड़ी मात्रा में बेल पर लगने वाली घीया, तोरी की सब्जी के अलावा फूल गोभी, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, हरी मिर्च, आलू, टमाटर, भिंडी व अन्य सब्जी लगाई जाती है। जिले में सब्जी का कुल रकबा 33527 हेक्टेयर है। जिनसे कुल 615277 मीट्रिक टन सब्जी का उत्पादन होता है। साढौरा क्षेत्र में इस बार बारिश का पानी बहुत ज्यादा आया है।
विज्ञापन
कस्बे से गुजर रही नदी की पटरी टूटने से खेतों में पानी भर गया। इससे घीया, तोरी, टमाटर, गोभी, शिमला मिर्च को काफी नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं किसानों अगले माह लगाने के लिए गोभी की जो पनीरी तैयार की थी वह भी नष्ट हो गई। इससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। अब किसानों को नए सिरे से पनीरी तैयार करनी पड़ेगी। पानी से हुए नुकसान की वजह से सब्जी दूसरे राज्यों से आ रही हैं। मालभाड़ा अधिक होने से लोगों को सब्जी महंगी खरीदनी पड़ रही है।
विज्ञापन
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. कृष्ण कुमार सोलंकी का कहना है कि जहां पानी ज्यादा आया है, वहां बेल वाली सब्जी को नुकसान है। जहां बारिश सामान्य हुई है, वहां सब्जी को काफी फायदा होगा। जिन किसानों ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के तहत बीमा कराया हुआ है उन्हें ही सरकार 30 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा देगी। सब्जी उत्पादकों से फसल बीमा कराने के लिए कहा जाता है।
पांच एकड़ की पनीरी बह गई : अंकुश
साढौरा निवासी अंकुश राणा ने बताया कि उसने खेतों में पांच एकड़ के लिए फूल गोभी की पनीरी तैयार की थी। बारिश के पानी से सारी पनीरी खराब हो गई। इसके अलावा तीन एकड़ में लगी गोभी पानी में गल गई। शिमला मिर्च भी नष्ट हो गई। इससे उसे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्हीं किसानों की बेल वाली सब्जी बची है, जिन्होंने जाल पर लगाई थी।
खेत में गल गई गोभी : रोहन
साढौरा के ही सब्जी उत्पादक रोहन ने बताया कि उसने दो एकड़ में फूल गोभी व एक एकड़ में तोरी व घीया लगा रखी थी। बारिश का पानी आया और अपने साथ सबकुछ बहा ले गया। खेतों में रेत व मिट्टी चढ़ गई। पानी की निकासी न होने से गोभी खेत में ही गल गई। इससे उसे करीब पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
अरमानों पर पानी फेर दिया : राजेश
साढौरा निवासी राजेश ने बताया कि उसने पांच एकड़ में गोभी लगा रखी थी। जिसे तोड़ कर अभी मंडी में पहुंचाना शुरू ही किया था। इस बार मंडी में गोभी का रेट भी 30 रुपये किलोग्राम तक मिल रहा था। जिससे वह अनुमान लगाने लगे थे कि इस बार काफी मुनाफा हो जाएगा। परंतु यह नहीं पता था कि बारिश का पानी सारे अरमानों पर पानी फेर देगा। उसे करीब 10 से 12 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
सब्जी के दाम प्रति किलो
सब्जी कीमत
प्याज 30
टमाटर 60
अदरक 80
नींबू 60
शिमला मिर्च 80
भींडी 40
गोभी 60
मटर 120
तोरी 50
घीया 30
खीरा 40