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खेतों में कैमिकल युक्त पानी छोड़ने को लेकर हंगामा, ग्रामीणों ने लगाया जाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Aug 2022 12:57 AM IST
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Uproar over release of chemical-rich water in the fields, villagers jammed
Uproar over release of chemical-rich water in the fields, villagers jammed - फोटो : Yamuna Nagar
साढौरा। गांव सरावां के कारखाने से प्रदूषित पानी को लेकर सड़क किनारे बहा रहे टैंकर को रविवार रात 9.30 बजे ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इस कारखाने द्वारा प्रदूषित पानी बहाए जाने से फसलों के खराब होने के बारे में प्रशासन को शिकायत देने के बावजूद कार्रवाई न होने से परेशान ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया। भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। ग्रामीण तड़के साढ़े तीन बजे तक सड़क पर ही डटे रहे। आखिरकार मौके पर पहुंचे प्रदूषण विभाग के अधिकारियों द्वारा टैंकर में भरे पानी का सैंपल लेकर कार्रवाई करने का आश्वासन मिलने के बाद ही ग्रामीण रास्ता खोलने पर राजी हुए।
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मोटर से बाहर फेंका जाता है दूषित पानी
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी का आरोप है कि बरसात होने पर तो प्रदूषित पानी को कारखाने से मोटर द्वारा बाहर फेंक दिया जाता है। बरसात न होने पर रात को प्रदूषित पानी को टैंकरों में भरकर खेतों में बहाया जाता रहा है। बदबूदार व केमिकल युक्त पानी के कारण खेतों में फसलों के खराब होने के बारे में कई बार प्रदूषण विभाग को शिकायत करने पर भी कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार रविवार की रात को कारखाने से प्रदूषित पानी भरकर सड़क से सटे गड्ढों में बहाते हुए एक टैंकर को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। ग्रामीणों ने इस टैंकर को पकड़ने के बाद सड़क पर रास्ता जाम करके कारखाना मालिक व प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी।
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प्रशासन को बुलाने पर अड़ गए ग्रामीण
जाम लगाने के बाद ग्रामीण मौके पर ही प्रशासन को बुलाने की मांग पर अड़ गए। ऐसे में मौके पर पहुंचे एसएचओ धर्मपाल ने रोषित ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। आखिरकार तड़के साढ़े तीन बजे प्रदूषण विभाग के एसडीओ नरेश शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने टैंकर में भरे पानी के सैंपल लेकर इसकी जांच के लिए लैब में भेजने की कार्रवाई की। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि लैब से पानी की रिपोर्ट मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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धारा 133 के तहत कार्रवाई की मांग
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष संजीव सैनी के मुताबिक कारखाने के प्रदूषित पानी को खेतों या सड़कों पर फेंकने के लिए बाल छप्पर के व्यक्ति ने ठेका लिया है। दूसरे या तीसरे दिन देर रात को लगभग आठ हजार लीटर पानी से भरे टैंकर कारखाने से निकाले जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से कारखाना मालिकों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 133 के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
टैंकर को थाने में खड़ा करवा दिया गया है। इस मामले में प्रदूषण विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
-धर्मपाल, एसएचओ, साढौरा थाना।
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