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Yamuna Nagar News: कच्चे सफाई कर्मियों को नहीं मिलीं वर्दियां व जूते
Fri, 24 Jan 2025 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 24 Jan 2025 01:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम में अधिकारी कच्चे सफाई कर्मचारियों को वर्दी व जूते देना भूल गए हैं। तीन साल से कर्मचारियों को वर्दी व जूतों का इंतजार है। कर्मचारी संगठन कई बार नगर निगम के आयुक्त व अन्य अधिकारियों को मांग पत्र सौंप चुके हैं। उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इससे कर्मचारियों में रोष है।
नगर निगम में पक्के कर्मचारियों के अलावा 516 कच्चे सफाईकर्मी हैं। इनका काम वार्डों की गलियों के अलावा सड़कों की साफ सफाई करना है। बिना वर्दी के सफाई करने से कच्चे कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्दी पहनने से पता लग जाता है कि काम करने वाला नगर निगम का कर्मचारी है।
कर्मचारियों को सर्दी व गर्मी के हिसाब से साल में दो अलग-अलग वर्दी देने का प्रावधान है। इससे कर्मचारियों को मौसम के अनुसार सफाई कार्य करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। परंतु तीन साल से कच्चे कर्मचारियों को वर्दी नहीं दी गई है।
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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन के प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि तीन साल से कच्चे सफाई कर्मचारियों को वर्दी नहीं मिली है। इसके लिए कई बार अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा जा चुका है। नगर निगम की तरफ से कच्चे कर्मचारियों को वर्दी भत्ता भी नहीं दिया जाता है। इस पर वह खुद भी वर्दी नहीं खरीद सकते।
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यमुनानगर। नगर निगम में अधिकारी कच्चे सफाई कर्मचारियों को वर्दी व जूते देना भूल गए हैं। तीन साल से कर्मचारियों को वर्दी व जूतों का इंतजार है। कर्मचारी संगठन कई बार नगर निगम के आयुक्त व अन्य अधिकारियों को मांग पत्र सौंप चुके हैं। उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। इससे कर्मचारियों में रोष है।
नगर निगम में पक्के कर्मचारियों के अलावा 516 कच्चे सफाईकर्मी हैं। इनका काम वार्डों की गलियों के अलावा सड़कों की साफ सफाई करना है। बिना वर्दी के सफाई करने से कच्चे कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वर्दी पहनने से पता लग जाता है कि काम करने वाला नगर निगम का कर्मचारी है।
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कर्मचारियों को सर्दी व गर्मी के हिसाब से साल में दो अलग-अलग वर्दी देने का प्रावधान है। इससे कर्मचारियों को मौसम के अनुसार सफाई कार्य करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। परंतु तीन साल से कच्चे कर्मचारियों को वर्दी नहीं दी गई है।
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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी मजदूर यूनियन के प्रधान मनोज कुमार का कहना है कि तीन साल से कच्चे सफाई कर्मचारियों को वर्दी नहीं मिली है। इसके लिए कई बार अधिकारियों को मांग पत्र सौंपा जा चुका है। नगर निगम की तरफ से कच्चे कर्मचारियों को वर्दी भत्ता भी नहीं दिया जाता है। इस पर वह खुद भी वर्दी नहीं खरीद सकते।