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अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में गिरी, डूबने से युवक की मौत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Feb 2022 01:26 AM IST
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Uncontrolled bike fell into a water-filled pit on the side of the road, youth died due to drowning
सड़क किनारे बने गड्ढे में भरे पानी में पड़ी बाइक। - फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर/रादौर। बकाना चमरोड़ी रोड से जा रहे युवक का बाइक से नियंत्रण बिगड़ गया और वह किनारे बने छह फीट पानी से भरे गड्ढे में जा गिरा। डूबने से उसकी मौत हो गई। युवक रात भर पानी में पड़ा रहा। सुबह लोगों ने देखा तो सूचना पुलिस को दी। युवक को पानी से निकाला गया। युवक की पहचान गांव अमलौहा निवासी 21 वर्षीय अंशुल बसातिया के रूप में हुई। अंशुल अपने घर का इकलौता बेटा था। जिसकी मौत की खबर सुनकर गांव में शोक पसरा हुआ है।
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अमलौहा निवासी अंशुल गांव नाचरौन में मुर्गी फार्म चलाता था। शनिवार को वह बाइक से अपने घर जा रहा था। जब वह बकाना चमरोड़ी मार्ग से जाते हुए मोड़ के पास पहुंचा तो उसका बाइक पर नियंत्रण नहीं रहा। जिससे बाइक सड़क से करीब छह फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी। गड्ढे में पानी भरा हुआ था। गिरने से अंशुल गंभीर रूप से जख्मी होकर बेहोश हो गया। गड्ढे में पानी भरा हुआ था। सड़क से दूर होने के कारण किसी राहगीर की अंधेरे में बाइक व अंशुल पर नजर नहीं पड़ी। रात भर करीब 13 घंटे अंशुल पानी में डूबा रहा। जिससे उसकी मौत हो गई। अनुमान है कि गड्ढे में गिरने से अंशुल को चोट लगी जिससे वह बेहोश में हो गया। पानी में डूबे रहने के कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने पहुंचकर मौका मुआयना किया और पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
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रोबिन ने बताया कि बकाना चमरोड़ी रोड पर अंधेरा रहता है। जबकि यह बहुत ही व्यस्त मार्ग है। जिस पर रात को भी यातायात रहता है। वहीं सड़क किनारे खेत में ईंट बनाने के लिए मिट्टी निकाली गई है। जिस कारण यहां पर छह फीट का गड्ढा है। सड़का का बरम नहीं है और अंधेरे में सड़क का किनारा दिखाई नहीं देता है। अंशुल भी इसी का शिकार हुआ है। यह प्रशासन की बड़ी लापरवाही है। इस लापरवाही के कारण उनका परिवार को कभी न भरने वाला घाव मिला है।
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घर का इकलौता चिराग था अंशुल, सदमे से पिता बेहोश
अंशुल अपने घर का इकलौता चिराग था जो अब बुझ गया। अंशुल की मौत से परिजनों का बुरा हाल है। परिवार में चीख और पुकार मची है। अंशुल के पिता रामपाल को जवान पुत्र की मौत का गहरा सदमा पहुंचा है। बेटे की मौत की सूचना मिलने पर वह बेसुध हो गए। परिजनों ने किसी तरह उन्हें संभाला, परंतु वह बार बार बेहोश हो रहे हैं। वहीं मां ऊषा देवी बेटे की मौत का समाचार सुनते के बाद से बेसुध हैं। परिवार के अन्य सदस्य उन्हें संभालने में लगे हुए हैं। मां कई बार बेहोश हो चुकी हैं। रोबिन ने बताया कि उसके ताऊ का बेटा अंशुल बहुत ही मधुर भाषी और हंसमुख स्वभाव का था। उसकी मौत से गांव में मातम फैला हुआ है। हर कोई परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहा है।
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