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Yamuna Nagar News: डेंगू के दो मरीज मिले, कुल 16 केस
Wed, 18 Sep 2024 04:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 18 Sep 2024 04:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। डेंगू के केस लगातार मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को दो और नए मरीज मिले हैं। अब जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
लगातार हो रही वर्षा से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ना लाजमी है। गांधीनगर में 17 वर्षीय किशोरी व रामपुर माजरा में 25 वर्षीय महिला की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिन घरों में डेंगू के मरीज मिले हैं। विभाग ने उनके परिजनों के भी रक्त के सैंपल लिए। आसपास के घरों में भी बुखार के मरीजों के सैंपल लिए गए हैं।
सैंपल जांच के लिए भिजवाए गए हैं। अभी डेंगू के 180 सैंपलों की रिपोर्ट लंबित है। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. सुशीला सैनी ने बताया कि डेंगू से जागरूकता से ही बचा जा सकेगा। लोग अपने घरों व आसपास में साफ सफाई रखें। बुखार के लक्षण होने पर तुरंत सैंपलिंग कराए।
जेल में बीमारियों से ग्रस्त मिले 55 बंदी
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला जेल में बंदियों खांसी, जुकाम व बुखार नहीं बल्कि जानलेवा बीमारियां भी अपनी चपेट में ले रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जेल में 1107 बंदियों की स्क्रीनिंग की। इस जांच के दौरान 37 बंदियों में हैपेटाइटिस-सी (काला पीलिया) मिला है। इसके अलावा हैपेटाइटिस-बी के आठ और एचआईवी पॉजिटिव के सात केस मिले हैं। वहीं सेक्सुअल ट्रांसफर डिजीज के भी तीन केस मिले हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला जेल में बंद बंदियों के लिए चेकअप कैंप का आयोजन किया जाता है। जिसमें सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों की जांच की जाती है। मार्च 2023 में भी जेल में स्क्रीनिंग की गई थी। तब जेल में हैपेटाइटिस-सी से ग्रस्त 20 मरीज मिले थे। इसके अलावा हैपेटाइटिस-बी के दो और तीन बंदी एचआईवी पॉजिटिव मिले थे।
इसी जांच के दौरान ही जेल में टीबी के दो पॉजिटिव मरीज मिले थे। इनके अलावा 97 बंदियों में टीबी के लक्षण मिले थे। डॉक्टरों ने जेल के स्टाफ को हिदायत दी है कि वह बंदियों के बालों की कटिंग व शेविंग के दौरान बार्बर को नए ब्लेड का इस्तेमाल करने को कहें। इसमें लापरवाही अन्य बंदियों पर भी भारी पड़ सकती है।
उपचार शुरू किया : नोडल अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग में टीबी के नोडल अधिकारी डॉ. अनूप गोयल ने बताया कि जेल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर बंदियों की जांच की गई है। इनमें हैपेटाइटिस-सी व बी और एचआईवी के जो मरीज मिले हैं उनका उपचार शुरू करवा दिया है। फिलहाल उन्हें अन्य मरीजों से अलग रखने की सलाह दी गई है ताकि दूसरे बंदी उनके संपर्क में न आएं। नियमित इलाज से हैपेटाइटिस-सी व बी ठीक हो जाता है।
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यमुनानगर। डेंगू के केस लगातार मिलने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को दो और नए मरीज मिले हैं। अब जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
लगातार हो रही वर्षा से डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ना लाजमी है। गांधीनगर में 17 वर्षीय किशोरी व रामपुर माजरा में 25 वर्षीय महिला की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिन घरों में डेंगू के मरीज मिले हैं। विभाग ने उनके परिजनों के भी रक्त के सैंपल लिए। आसपास के घरों में भी बुखार के मरीजों के सैंपल लिए गए हैं।
सैंपल जांच के लिए भिजवाए गए हैं। अभी डेंगू के 180 सैंपलों की रिपोर्ट लंबित है। जिला मलेरिया अधिकारी डाॅ. सुशीला सैनी ने बताया कि डेंगू से जागरूकता से ही बचा जा सकेगा। लोग अपने घरों व आसपास में साफ सफाई रखें। बुखार के लक्षण होने पर तुरंत सैंपलिंग कराए।
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जेल में बीमारियों से ग्रस्त मिले 55 बंदी
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यमुनानगर। जिला जेल में बंदियों खांसी, जुकाम व बुखार नहीं बल्कि जानलेवा बीमारियां भी अपनी चपेट में ले रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जेल में 1107 बंदियों की स्क्रीनिंग की। इस जांच के दौरान 37 बंदियों में हैपेटाइटिस-सी (काला पीलिया) मिला है। इसके अलावा हैपेटाइटिस-बी के आठ और एचआईवी पॉजिटिव के सात केस मिले हैं। वहीं सेक्सुअल ट्रांसफर डिजीज के भी तीन केस मिले हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जिला जेल में बंद बंदियों के लिए चेकअप कैंप का आयोजन किया जाता है। जिसमें सामान्य से लेकर गंभीर बीमारियों की जांच की जाती है। मार्च 2023 में भी जेल में स्क्रीनिंग की गई थी। तब जेल में हैपेटाइटिस-सी से ग्रस्त 20 मरीज मिले थे। इसके अलावा हैपेटाइटिस-बी के दो और तीन बंदी एचआईवी पॉजिटिव मिले थे।
इसी जांच के दौरान ही जेल में टीबी के दो पॉजिटिव मरीज मिले थे। इनके अलावा 97 बंदियों में टीबी के लक्षण मिले थे। डॉक्टरों ने जेल के स्टाफ को हिदायत दी है कि वह बंदियों के बालों की कटिंग व शेविंग के दौरान बार्बर को नए ब्लेड का इस्तेमाल करने को कहें। इसमें लापरवाही अन्य बंदियों पर भी भारी पड़ सकती है।
उपचार शुरू किया : नोडल अधिकारी
स्वास्थ्य विभाग में टीबी के नोडल अधिकारी डॉ. अनूप गोयल ने बताया कि जेल में पहली बार इतने बड़े स्तर पर बंदियों की जांच की गई है। इनमें हैपेटाइटिस-सी व बी और एचआईवी के जो मरीज मिले हैं उनका उपचार शुरू करवा दिया है। फिलहाल उन्हें अन्य मरीजों से अलग रखने की सलाह दी गई है ताकि दूसरे बंदी उनके संपर्क में न आएं। नियमित इलाज से हैपेटाइटिस-सी व बी ठीक हो जाता है।