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कृषि विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख ठगने के दो आरोपी गिरफ्तार
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यमुनानगर। सेक्टर 17 थाना पुलिस ने कृषि विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये ठगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया। जहां से उन्हें एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान आरोपियों से ठगी के मामले में पूछताछ के बाद अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-17 निवासी सत्यवान से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने के आरोपी गांव फेरुवाला निवासी रामनाथ व छलौर निवासी यज्ञदत्त को बस स्टैंड के नजदीक घूम रहे हैं। इसपर पुलिस ने दबिश देकर दोनों आरोपियों को काबू कर लिया।
बता दें कि सेक्टर-17 निवासी सत्यवान ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करता है। उसके दोस्त उमेश शर्मा ने महिला थाना के सामने कार्यालय बनाया हुआ है। वह ऋण दिलवाने का कार्य करता है। 24 जून 2020 को उसके दोस्त उमेश शर्मा ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। यहां पर उसे छलौर निवासी यज्ञदत्त, फेरुवाला निवासी रामनाथ व सरस्वती विहार कॉलोनी निवासी समय सिंह मिले। उन्होंने बताया कि समय सिंह चंडीगढ़ लघु सचिवालय में तैनात है और उसकी उच्च अधिकारियों व नेताओं से अच्छी जानकारी है। आरोपियों ने उसे झांसे में लेते हुए बताया कि कृषि विभाग में क्लर्क के 10 पद खाली हैं। इस पर वह अपने भाई राजीव की नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गया। तीन जुलाई को सत्यवान और राजेश अपने दोस्त के साथ उसे चंडीगढ़ ले गए। वहां पर उसे समय सिंह मिला। आठ लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आरोपियों ने सत्यवान के भाई राजीव व राजेश के बेटे के दस्तावेज ले लिए। इसके बाद मौके पर ही उसने आरोपियों को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उसने अलग-अलग तारीखों में आरोपियों को कुल आठ लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसके भाई की नौकरी नहीं लगी। जब उसने आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो उन्होंने देने से मना कर दिया। इसपर उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने 12 अप्रैल 2021 को आरोपियों पर केस दर्ज किया था। सेक्टर 17 थाना प्रभारी राकेश का कहना है कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है।
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बता दें कि सेक्टर-17 निवासी सत्यवान ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी करता है। उसके दोस्त उमेश शर्मा ने महिला थाना के सामने कार्यालय बनाया हुआ है। वह ऋण दिलवाने का कार्य करता है। 24 जून 2020 को उसके दोस्त उमेश शर्मा ने उसे अपने कार्यालय में बुलाया। यहां पर उसे छलौर निवासी यज्ञदत्त, फेरुवाला निवासी रामनाथ व सरस्वती विहार कॉलोनी निवासी समय सिंह मिले। उन्होंने बताया कि समय सिंह चंडीगढ़ लघु सचिवालय में तैनात है और उसकी उच्च अधिकारियों व नेताओं से अच्छी जानकारी है। आरोपियों ने उसे झांसे में लेते हुए बताया कि कृषि विभाग में क्लर्क के 10 पद खाली हैं। इस पर वह अपने भाई राजीव की नौकरी लगवाने के लिए तैयार हो गया। तीन जुलाई को सत्यवान और राजेश अपने दोस्त के साथ उसे चंडीगढ़ ले गए। वहां पर उसे समय सिंह मिला। आठ लाख रुपये में सौदा तय हुआ और आरोपियों ने सत्यवान के भाई राजीव व राजेश के बेटे के दस्तावेज ले लिए। इसके बाद मौके पर ही उसने आरोपियों को 50 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद उसने अलग-अलग तारीखों में आरोपियों को कुल आठ लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसके भाई की नौकरी नहीं लगी। जब उसने आरोपियों से अपने रुपये मांगे तो उन्होंने देने से मना कर दिया। इसपर उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस अधीक्षक के आदेश पर पुलिस ने 12 अप्रैल 2021 को आरोपियों पर केस दर्ज किया था। सेक्टर 17 थाना प्रभारी राकेश का कहना है कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। जहां से उन्हें रिमांड पर लिया गया है।
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