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Yamuna Nagar News: ट्रामा सेंटर में शुरू न हो सका इलाज, गंभीर मरीज अस्थायी व्यवस्था के भरोसे
Fri, 17 Jul 2026 12:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:44 AM IST
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शुरू होने की बाट जोह रहा ट्रामा सेंटर का भवन। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ट्रामा सेंटर का इंतजार एक बार फिर लंबा होता नजर आ रहा है। भवन का नवीनीकरण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद अब तक इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। नतीजतन ट्रामा सेंटर में मरीजों का उपचार शुरू नहीं हो सका है और गंभीर मरीजों का इलाज अभी भी जिला नागरिक अस्पताल में अस्थायी व्यवस्था के बीच किया जा रहा है।
करीब 15 वर्ष पुराने ट्रामा सेंटर भवन के ग्राउंड फ्लोर का नवीनीकरण लगभग 82 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। सिविल कार्य पूरा होने के बाद उम्मीद थी कि ट्रामा सेंटर जल्द शुरू हो जाएगा, लेकिन इलेक्ट्रिकल विंग के अधूरे कार्यों ने पूरी परियोजना को रोक दिया था। पिछले महीने भवन में एयर कंडीशनर, ऑक्सीजन और वैक्यूम पाइपलाइन तथा अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण लगाए जा चुके हैं। इन कार्यों के लिए करीब 92 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है।
ट्रामा सेंटर को जनवरी 2025 तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाना था। समय पर काम पूरा नहीं होने पर जनवरी 2026 तक इसे शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया, लेकिन वह भी पूरा नहीं हो सका। स्वास्थ्य विभाग और मरीजों को इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, हैंडओवर की कोई निश्चित तिथि अभी तय नहीं की गई है।
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ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण के चलते जून 2024 में इसकी सेवाओं को जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया था। पहले ट्रामा सेंटर दो मंजिला भवन में संचालित होता था, लेकिन फिलहाल यह अस्पताल के एक सीमित हॉल में चल रहा है। जगह की कमी के कारण गंभीर मरीजों के लिए पांच बेड तक बरामदे में लगाने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
परियोजना में देरी की एक बड़ी वजह भुगतान और तकनीकी प्रक्रिया भी रही। अगस्त 2024 में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नवीनीकरण कार्य शुरू किया था, लेकिन भुगतान में देरी के कारण सितंबर में काम रोकना पड़ा। बाद में भुगतान मिलने पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ, मगर अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल कार्यों की आवश्यकता सामने आने पर सिविल कार्य भी प्रभावित हुआ। पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग की ओर से समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से परियोजना कई महीनों तक अटकी रही।
ट्रामा सेंटर में एसी सहित अन्य इलेक्ट्रिक कार्य शुरू हो चुके हैं। इसे हैंडओवर करने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से बात हुई है। जल्द ही ट्रामा सेंटर सेंटर को अपने भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। - डॉ. पुनीत कालड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन।
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यमुनानगर। ट्रामा सेंटर का इंतजार एक बार फिर लंबा होता नजर आ रहा है। भवन का नवीनीकरण कार्य लगभग पूरा होने के बावजूद अब तक इसे स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं किया गया है। नतीजतन ट्रामा सेंटर में मरीजों का उपचार शुरू नहीं हो सका है और गंभीर मरीजों का इलाज अभी भी जिला नागरिक अस्पताल में अस्थायी व्यवस्था के बीच किया जा रहा है।
करीब 15 वर्ष पुराने ट्रामा सेंटर भवन के ग्राउंड फ्लोर का नवीनीकरण लगभग 82 लाख रुपये की लागत से कराया गया था। सिविल कार्य पूरा होने के बाद उम्मीद थी कि ट्रामा सेंटर जल्द शुरू हो जाएगा, लेकिन इलेक्ट्रिकल विंग के अधूरे कार्यों ने पूरी परियोजना को रोक दिया था। पिछले महीने भवन में एयर कंडीशनर, ऑक्सीजन और वैक्यूम पाइपलाइन तथा अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण लगाए जा चुके हैं। इन कार्यों के लिए करीब 92 लाख रुपये का अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है।
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ट्रामा सेंटर को जनवरी 2025 तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया जाना था। समय पर काम पूरा नहीं होने पर जनवरी 2026 तक इसे शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया, लेकिन वह भी पूरा नहीं हो सका। स्वास्थ्य विभाग और मरीजों को इसके जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, हैंडओवर की कोई निश्चित तिथि अभी तय नहीं की गई है।
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ट्रामा सेंटर के नवीनीकरण के चलते जून 2024 में इसकी सेवाओं को जिला नागरिक अस्पताल के ब्लॉक-ए में अस्थायी रूप से स्थानांतरित किया गया था। पहले ट्रामा सेंटर दो मंजिला भवन में संचालित होता था, लेकिन फिलहाल यह अस्पताल के एक सीमित हॉल में चल रहा है। जगह की कमी के कारण गंभीर मरीजों के लिए पांच बेड तक बरामदे में लगाने पड़ रहे हैं। इससे मरीजों, परिजनों और स्वास्थ्य कर्मियों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
परियोजना में देरी की एक बड़ी वजह भुगतान और तकनीकी प्रक्रिया भी रही। अगस्त 2024 में पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार ने नवीनीकरण कार्य शुरू किया था, लेकिन भुगतान में देरी के कारण सितंबर में काम रोकना पड़ा। बाद में भुगतान मिलने पर निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ, मगर अतिरिक्त इलेक्ट्रिकल कार्यों की आवश्यकता सामने आने पर सिविल कार्य भी प्रभावित हुआ। पीडब्ल्यूडी के इलेक्ट्रिक विंग की ओर से समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने से परियोजना कई महीनों तक अटकी रही।
ट्रामा सेंटर में एसी सहित अन्य इलेक्ट्रिक कार्य शुरू हो चुके हैं। इसे हैंडओवर करने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन से बात हुई है। जल्द ही ट्रामा सेंटर सेंटर को अपने भवन में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। - डॉ. पुनीत कालड़ा, डिप्टी सिविल सर्जन।