फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kalesar National Park of Haryana, Tourists flocking to jungle safari in Yamunanagar

हरियाणा का कलेसर नेशनल पार्क: यमुनानगर में जंगल सफारी में उमड़ रहे पर्यटक, विभाग की आमदनी बढ़ी

Mon, 26 Feb 2024 08:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो सुरेश सैनी, यमुनानगर (हरियाणा)
सुरेश सैनी, यमुनानगर (हरियाणा) Updated Mon, 26 Feb 2024 08:51 AM IST
सार

हरियाणा के कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी की शुरूआत होते ही सैलानी भी बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ने से विभाग की आमदनी बढ़ रही है। पर्यटकों को लगभग सवा घंटा सफारी कराई जा रही है।

विज्ञापन
Kalesar National Park of Haryana, Tourists flocking to jungle safari in Yamunanagar
कलेसर नेशनल पार्क में जंगल सफारी के लिए जाती गाड़ी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

यमुनानगर जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी दूर खंड प्रतापनगर में 11570 एकड़ में फैला खूबसूरत कलेसर नेशनल पार्क। हरियाणा के इस नेशनल पार्क में पर्यटकों को दुबई जंगल सफारी जैसा आनंद मिल रहा है। यहां दुबई के नेशनल पार्क की तर्ज पर पर्यटकों को जंगल सफारी कराई जा रही है। जंगल सफारी के शौकीन लोगों के लिए कई खास इंतजाम किए गए हैं। पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ने से विभाग की आमदनी बढ़ रही है।

विज्ञापन


कलेसर का इलाका हमेशा से बेहद खूबसूरत रहा है और अब जंगल सफारी की शुरुआत से इसकी छठा ही निराली हो गई। दूर-दूर से पर्यटक भारी संख्या में यहां जंगल सफारी का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं। खास बात ये कि इस नेशनल पार्क के बगल में ही मशहूर राजाजी नेशनल पार्क है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश का मशहूर सिपलवाड़ा पार्क भी बिल्कुल पास ही है और यमुना नदी भी इसी इलाके से गुजरती है और सबसे खास यहां पास ही आदिबद्री धाम के अलावा सरस्वती नदी का उद्गम स्थल भी मौजूद है।
विज्ञापन


यहां जंगल सफारी की शुरूआत होते ही सैलानी भी बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं। रोजाना पर्यटकों की संख्या 50 से अधिक रहती है। राष्ट्रीय उद्यान में कुल 14 किमी का रूट बनाया गया है। सफारी की एक गाड़ी का किराया 1100 रुपये है, जिसमें पांच वयस्कों के अलावा दो बच्चे बैठ सकते हैं। वयस्कों का प्रवेश शुल्क 50 और बच्चों के लिए 30 रुपये रखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पर्यटकों को लगभग सवा घंटा सफारी कराई जा रही है। रोजाना 50 से अधिक पर्यटक पहुंच रहे हो पिछले सालों की अपेक्षा अधिक है। विभाग के अनुसार सैलानियों की संख्या का रिकॉर्ड भी टूट रहा है। जंगल सफारी को शुरू हुए लगभग तीन माह से अधिक का समय हो चुका है। लोकल की अपेक्षा दूसरे राज्यों के पर्यटकों की संख्या अधिक है। सफारी का आनंद लेने के लिए दिल्ली, भिवानी, हिसार, गुरुग्राम, पंजाब आदि जगहों से सैलानी पहुंच रहे हैं। संवाद

जंगल में हैं ये वन्य प्राणी
कलेसर जंगल में दुर्लभ प्राणी भी देखने को मिलते हैं। यहां तेंदुए, सांबर, बिल्ली, चीतल, नीलगाय, भालू, जंगली धब्बेदार बिल्ली, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गे जैसे अन्य जानवरों की प्रजातियां हैं। जंगली सुअर और मोंगोज भी पाए जाते हैं। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान से भी कई बार बाघ और हाथी इस क्षेत्र में आ जाते हैं।


अधिकारी के अनुसार
जंगल सफारी में सैलानियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। आने वाले दिनों में जंगल सफारी के लिए पर्यटकों की संख्या और बढ़ने की उम्मीद। पर्यटकों के लिए वाहनों की विशेष व्यवस्था की गई है। यहां दुबई जंगल सफारी जैसा आनंद पर्यटकों को दिलाया जा रहा है। -जयविंद्र नेहरा, निरीक्षक, वन्य प्राणी विभाग।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed